Gujarati Whatsapp Status |
Hindi Whatsapp Status
cat
बस इकलौता ये डर है....
उसे खोने से भी डर है ,
और उसके बयां करने से भी डर है
उसके जाने से भी डर है
उसके रुक जाने से भी डर है
उसकी परवाह खो देने से डर है
लेकिन उस की परवाह पाने से भी डर है
हा ये इकलौता डर है....जिससे मुझे बहुत डर है
written by me....🥀🥀
softrebel
हर काश यदि तय हकीकत होती,
तो इंसान इंसान न रहकर भगवान हो चुका होता…
इंसान की इंसानियत सदैव इंसान बने रहने में है;
भगवान बनने की हर कोशिश
उसे भीतर से विचलित
और बाहर से बोझिल कर देती है।
और शायद मैं इन इंसानों की दुनिया में रहने वाली एक विचलित आत्मा हूँ,
जिसका आत्म–शरीर कहाँ जा छूटा,
मुझे स्वयं भी ज्ञात नहीं —
और इन भगवानों की श्रेणी में
कदाचित मेरा कोई स्थान नहीं।
🥀
- softrebel
Soni shakya
अगर कोई तुम पर मरता है तो..
उसके जीने की वजह बनो..
- Soni shakya
MOU DUTTA
ভাবিনি স্বপ্ন সত্যি হবে
ভাবিনি পাবো তোমায়,
ভাবিনি কল্পনাতে উঁকি দেবে
হবে মনের ভাষা।
চোখের ভাষা সব তোমায় ঘিরে,করছে উতলা মন।
হৃদয়ের ভাষা সর্বক্ষণ
করছে বিচক্ষণ।
তোমায় পাওয়া এই যে আমার সকল পাওয়া হলো।
তোমায় পেয়ে হৃদয় আমার
ধন্য হয়ে গেলো।
ভগবানের কাছে আশীষ কৃপা দিয়ছে তোমায় আমায়।
কত বার চেয়েও পায়নি তোমায়,কষ্ট হয়ে গেছে জানা।
হয়তো তোমায় পাওয়ার জন্য ছিল অপেক্ষায় মন।
আজ তোমায় পেয়ে আমি সব পেলাম এখন।
পাহাড়ের বুকে তোমায় ঘিরে আলোকিত হলো এই জীবন।
বলোনা তুমি থাকবে পাশে
হয়ে আমারই আপনজন।
স্তব্ধ বিকেল ক্লান্ত দুচোখ দেখবো অস্তগামী।
রাতের বুকে শীতল হাওয়া
করবে যে পাগলামী।
তবু তোমায় ক্লান্ত দুচোখ শান্ত ভাবে দেখবে,
তবু হৃদয় তোমার পথকে আগলে ধরে যে রাখবে।
তবু তুমি বুকের মাঝে করবে যে হয়রানি,
তোমায় পেয়ে সবই পেলাম
নেই যে কিছু আর পাওয়ারই।
S A Y R I K I N G
तुम एक शख्स के जाने पे रो पड़े हो
SAYRIKING
मेरा कोई नहीं है मेरी हंसी देखो...
Aarushi Singh Rajput
तुम अक्सर कोशिश करती हो
कठोर बनने की।
लोगों की नज़र में सख़्त,
थोड़ी रूखी,
थोड़ी दूर-दूर सी।
शायद इसलिए कि
दुनिया को नरमी समझ नहीं आती,
और हर बार नरम दिल
सबसे पहले चोट खाता है।
क्या ख़ूब कहा है
“कठोर दिखना
अक्सर बचाव की भाषा होती है।”
लोग सोचते हैं
तुम्हें फ़र्क़ नहीं पड़ता।
कि तुम मज़बूत हो,
अडिग हो,
बिलकुल पत्थर जैसी।
पर तुम ही जानती हो
तुम्हारा दिल पत्थर का नहीं है।
वो अब भी काँपता है
किसी अपने की आवाज़ पर,
अब भी भर आता है
बिना वजह किसी याद पर।
क्या ख़ूब कहा है
“दिल अगर पत्थर का होता,
तो दर्द चुपचाप सह लेता,
ये जो चुप रहकर टूटता है,
ये ज़िंदा दिल की निशानी है।”
तुम कठोर इसलिए नहीं हो
कि तुम्हें महसूस नहीं होता,
तुम कठोर इसलिए दिखती हो
क्योंकि तुम्हें
बहुत ज़्यादा महसूस होता है।
Dear Me,
ख़ुद को दोष मत दो
अगर तुम अब पहले जैसी नहीं रहीं।
तुम बदली नहीं हो,
तुमने बस सीख लिया है
कहाँ नरम रहना है
और कहाँ कठोर दिखना ज़रूरी है।
और हाँ
जो तुम्हें पत्थर समझते हैं न,
उन्हें क्या पता
पत्थर बनने से पहले
तुम कितनी बार
काँच की तरह टूटी हो।
आख़िर में बस इतना
“कठोर चेहरा
और नरम दिल
ये वही लोग रखते हैं
जिन्होंने ज़िंदगी को
बहुत क़रीब से देखा होता है।”
☹️🙁
santosh Mishra
**ग़मों का तोहफ़ा दे जाऊँगा,
हर दुआ में बद्दुआ का अक्स दे जाऊँगा।
शायद तुम्हें समझ न आए अभी,
पर कुछ ऐसा कर जाऊँगा।
जब खुशियाँ होंगी तुम्हारे क़दमों में,
तब तुम्हारी गुमनामी को खुलकर बताऊँगा।
अभी लफ़्ज़ों में ज़िक्र नहीं तुम्हारा,
पर एक दिन हर शायरी में
तेरा ही नाम लिख जाऊँगा।**
santosh Mishra
**ग़मों का तोहफ़ा दे जाऊँगा,
हर दुआ में बद्दुआ का अक्स दे जाऊँगा।
शायद तुम्हें समझ न आए अभी,
पर कुछ ऐसा कर जाऊँगा।
जब खुशियाँ होंगी तुम्हारे क़दमों में,
तब तुम्हारी गुमनामी को खुलकर बताऊँगा।
अभी लफ़्ज़ों में ज़िक्र नहीं तुम्हारा,
पर एक दिन हर शायरी में
तेरा ही नाम लिख जाऊँगा।**
santosh Mishra
.
- santosh Mishra
santosh Mishra
तेरे पैरों तले ज़मीन खिसकना अभी बाक़ी है,
जो ज़हर मैंने पिया, वो चखना तुझे अभी बाक़ी है।
दुआ है—तेरी पहली औलाद बेटा हो,
और जो मेरे साथ हुआ, वही मंज़र उसे नसीब हो।
मैं तो मर्द था, दर्द छुपा गया,
वो मासूम शायद छुपा न पाएगा।
जब अपनी ही सूरत को तू तड़पता देखेगी,
कसम खुदा की, तू लहू के आँसू रोएगी।"
Priya
बस दुआ हो इतनी की
मेरी किसी भी शायरी में
तेरा नाम ना आये
तू मर भी जाए तो
मुझें तेरा ख्याल ना आए....
Priya kashyap....
महेश रौतेला
एक विदा होता व्यक्ति
बहुत दिव्य बोलता है,
एक मरा हुआ व्यक्ति
अतुलनीय कथा कहता है।
*** महेश रौतेला
Priya
आज मैं फिर वहाँ पहुँच गई जहां पहुँचना नहीं था
और फिर वहीं हुआ जो होना नहीं था
मैं सोचती हूँ कोई ऐसा कैसे कर सकता है
खुद गलत होकर मुझें गलत कैसे कह सकता हैं
मैं आखिरी पल तक उन्हें समझाती रहीं
बात समझ में आती कहाँ आपको
तुम्हें याद किसी और की जो आती रहीं....
कर्म फल जैसा कुछ नहीं होता
बस decisions गलत और सही होते हैं।
दिमाग हर जगह लगाना जरूरी होता हैं
उस घटिया इंसान ने ये मुझें अच्छे से समझा दिया।
Priya kashyap......
now i am a Atheist.....Never believe in God...
क्योंकी उसे अपने कर्मो का फल नहीं मिल रहा हैं...पिछले पांच साल से वो ये सब कर रहा हैं। कहां गये महादेव????
Archana Singh
" कभी-कभी ज़िंदगी ...
इतनी उलझ जाती हैं , कि ...
पता ही नहीं चलता हैं कि ...
ज़िंदगी लंबी हैं ...
क्या उलझनें "...!!
अर्चना सिंह ✍🏻
- Archana Singh
Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz
🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
सब कुछ गया है हाथ से, बस एक
तेरा नाम है,
धड़कन थमी सी रह गई बस साँस
लेना काम है,
तूने तो कुछ पहना नहीं, न हार है
न बिंदिया है,
तेरी सादगी के सामने, हर रूप
अब बदनाम है,
दर्पन जो टूटा फर्श पर, तो सौ
जगह तू ही दिखा,
मैं खुद को ढूँढूँ भी कहाँ? मेरा
वजूद नीलाम है,
वो नूर चेहरे का तेरे, अब भी मुझे
सोने न दे,
बिना कजरे की वो आँखें, मेरे
लिए पैग़ाम हैं,
जीने की कोई वजह नहीं, मरने
का कोई डर नहीं,
जब तू ही बिछड़ गई तो फिर
सुबह भी अब शाम है…💔
╭─❀💔༻
╨──────────━❥
♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh☜
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kattupaya s
Goodnight friends sweet dreams
Urvashi Oza
બધી વસ્તુઓ બધાને સમજાવાની જરૂર નથી.કિંમતી સમય વગર કામના લોકોને સફાઈ આપવામાં ન વેડફવો જોઈએ.
જે પોતાના છે એ સમજી જશે , જે સમજે છે એજ પોતાના છે
રામ રામ 🌺🙏🏻
S A Y R I K I N G
आरज़ू भी तू, आबरू भी तू
आशिकी भी तू, आवारगी भी तू
बंदगी भी तू, ज़िन्दगी भी तू
मुझ में भी तू, बस एक तू ही तू,
दर्द भी तू, हमदर्द भी तू, सफर भी तू, हमसफ़र भी तू, मेरे दिल में भी तू, और कुबकू भी तू,
जिस्म भी तू, मेरी रूह भी तू......
- हर जगह
मुझसे दूर भी तू, मेरे रू-ब-रू भी तू,
मेरी ख़्वाहिश भी तू, मेरी जुस्तज़ू भी तू,
S A Y R I K I N G
तुम ! जैसे भी, जब भी, जितने भी मिलो, जायज़ है हमें..
Ganesh Kumar
ये अंतिम अध्याय है "माधव"
archana
अब ठान लिया है कुछ करके दिखाना है,
जो हँसते थे नाम पर, उनका गुरूर मिटाना है।
हे ईश्वर, बस इतनी सी दुआ है मेरी,
हर मोड़ पर मेरा हाथ थामे रखना।
जब हौसले डगमगाएँ, मुझे थाम लेना,
जब रास्ते अंधेरे हों, खुद रौशनी बन जाना।
मेहनत मेरी हो, भरोसा तुझ पर रहे,
हार भी आए तो सीख बनकर जाए।
और एक दिन मेरी चुप साधना को,
सफलता की सबसे ऊँची आवाज़ मिल जाए। 🙏✨
- archana
Archana Singh
जिसकी नजरें हमेशा
घड़ी की सुइयों पर टिकीं रहती हैं ...
लोग उसे वक्त का पाबंद
रहने की सीख दे रहे हैं ...!!
अर्चना सिंह ✍🏻
- Archana Singh
Archana Singh
काश ! बचपन की
पेंसिल-रबर की तरह ....
ज़िंदगी की हर गलतियों को
मिटा सकतें ...
तो जिंदगी यूं बोझ न होती ...!!
अर्चना सिंह ✍🏻
- Archana Singh
મનોજ નાવડીયા
ઝીણું સ્મિત આપી ગયાં,
હૃદયને શાંત કરી ગયાં,
શબ્દો બોલ્યા નહીંને,
આંખોથી હસાવી ગયાં,
મૌન હતું બધુંજ ત્યાં,
વાતો સમજાવી ગયાં,
મીઠી લાગણીઓ સાથે,
મનને આનંદ આપી ગયાં..
મનોજ નાવડીયા
#vishvyatri #heetkari #vishvkhoj #manojnavadiya #child #children #childlife #goodthinking #saravichar #maravichar
Neha kariyaal
शायद मैं कल और गलती करूं, शायद मैं कल और डरूं, पर मैं मेरे कल के 'मुझ' को भी उतना ही प्यार करूंगी, जितना आज के 'मुझ' को करती हूं।
રોનક જોષી. રાહગીર
https://www.facebook.com/share/p/1C7YDBGm45/
kattupaya s
ok guys lot of love stories failed when you overdoses love poems. keep distance. live long. c u soon
kattupaya s
every moment iam living with your memories. I can't live without that.
kattupaya s
I sensed love at the moment I saw you. but you relalised my love at the moment of my death. how fortunate it is like titanic
kattupaya s
iam waiting for you anonymously over the years. you have to find me. no other way my dear love
kattupaya s
mm that's the beauty of love
kattupaya s
This one is drama
ek archana arpan tane
મહેણાં ટોણાં મારી કોઈ ને મારવા કરતાં,મરેલા ને ખભો આપવા ભેગા થવા કરતાં જીવતાં ને ખભો દઈ ઉભો કરો તો માણસ માં જ ભગવાન કેમ ન મળે?
- ek archana arpan tane
kattupaya s
iam keen with your interests , likes, sorrows., happy moments. pls forgive me for replacing you with me.
kattupaya s
hug me tightly. so that my soul may get rest in peace .
kattupaya s
whenever you talking with me I make a mistake in my reply. I do it intentionally.you became my dictionary. you remember all my mistakes
OLD KING
matrubharti app me paise milte hain ya nahi ager milte hain to kab or kaise 🤔
kattupaya s
I want to be like you. I want to represent you. love me more I will get you more
kattupaya s
I care about you but it doesn't mean love. oneday my care will become love. pls wait for the magic after all my heart is not a love machine
kattupaya s
music and beauty
sunshine
मुझे तो लागे से मैं बावरा से
वो समझाती है मने वो 2 बच्चों की मां है
में समझता नहीं हु 😢
kattupaya s
Good evening friends.. have a nice time
Mamta Trivedi
ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं
https://youtu.be/7gwcdK9E_6s?si=RYM-XbVnvgHaSNuz
Paagla
https://youtube.com/shorts/qd9dBLh5G1k?si=nsQdKqMWoIYE93lL
Imaran
दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बैठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बैठे,
वो हमे एक लम्हा न दे पाए प्यार का,
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बैठे
💔imran 💔
Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz
https://youtube.com/shorts/_J5lYG2OIHA?si=nksc7OFuaq7n6jll
🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
बिछा कर लफ़्ज़ काग़ज़ पर, मैं अपना
हाल लिखता हूँ,
पढ़ेंगे सब इसे पर मैं सिर्फ तेरा ख़याल
लिखता हूँ,
ज़माने भर को दिखती है, महज़
कारीगरी मेरी,
मैं हर इक शेर में तेरी छुपी इक ढाल
लिखता हूँ,
मेरी तहरीर में शामिल है तेरी साँस
की खुशबू,
मैं अपने लफ़्ज़ में तुझको, मिसाल-
ए-हाल लिखता हूँ,
हज़ारों शोर दुनिया के मुझे छू कर
निकल जाए,
मैं सन्नाटे में भी तेरे लबों की चाल
लिखता हूँ,
नहीं है ये कोई काग़ज़, ये टुकड़ा है
मेरे दिल का,
मैं लफ़्ज़ों की शक्ल में तेरा दीदार
लिखता हूँ…🔥
╭─❀💔༻
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#LoVeAaShiQ_SinGh☜
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Soni shakya
"सारी दुनिया की मुलाकात एक तरफ
तुमसे बात करना तुम्हें देखना एक तरफ"
- Soni shakya
Archana Singh
अगर किसी की तबीयत ख़राब हो , तो ..
उससे दिन में दो बार मिलिए !
अगर उसका वक्त ख़राब हो , तो ..
उससे दिन में तीन बार मिलिए !
पर अगर उसकी नियत ख़राब हो , तो ..
उससे सपने में भी मत मिलिए ...!!
🙏🏻🙏🏻💐💐
- Archana Singh
Akanksha srivastava
आज की नारी
------------------
तुझे निर्भर नहीं स्वयं आत्मनिर्भर बनना है।
यही निर्भरता तेरी गुलामी की निशानी है, जिसे अब ढहना है।
तुझे दूसरों के बल से नहीं अपने आत्मबल से चलना है।
तुझे झुकना नहीं, तुझे लड़ना है, बनकर अडिग अचल।
हर उस परिस्थिति से लड़ जहाँ तुझे समझौता करना पड़े,
तु उठ खड़ी हो ऐसे की सामने मुश्किल भी ना अड़े।
दूसरों की वजह से नहीं खुद की वजह से स्वाभिमानी बन।
पिंजरे की कैद नहीं, तु स्वछंद गगन का जीव बन।
तुझमे है लक्ष्मी - सा वैभव और दुर्गा - सी शक्ति।
तुझमे है भक्ति मीरा- सी और हो तुम राधा सी त्याग की परछाई।
फिर क्यों तुझे झुकना है और क्यों तुझे अब दबना है?
खुले गगन की उड़ान है तू,
तुझे क्यों पिंजरे में थमना है,
सिद्ध कर दे आज की हम औरतें, दर्द देना नहीं जानती।
पर सहना भी अब स्वाभिमान के विरुद्ध है ये दुनिया मानती।
अब ना कोई समझौता होगा, ना कोई लाचारी होगी।
तेरी अपनी शक्ति ही अब तेरी सबसे बड़ी सवारी होगी।
Annu jangra
"Best Online Investment Platforms in 2026: Safe Ways to Grow Your Money”
apna new blog publish kar diya hai Ek baar visit jarur krna
"Best Online Investment Platforms in 2026: Safe Ways to Grow Your Money” https://share.google/EcivhQc7UF88DneaG
Saurya
"जीवनसाथी का चुनाव हमारे पूरे जीवन को प्रभावित करता है। सही साथी न केवल हमारे सुख-दुःख का भागीदार बनता है, बल्कि हमारे व्यक्तित्व, करियर और मानसिक शांति पर भी गहरा प्रभाव डालता है। इसलिए एक अच्छे जीवनसाथी का चयन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए।"
kattupaya s
it's time for little nap. c u guys
Soni shakya
गम हैं कि जिंदगी में कुछ नहीं पाया मैंने,
दर्द ये दिल से निकल जाए
अगर तुम मिलने आ जाओ..
तमन्ना फिर मचल जाए,
अगर तुम मिलने आ जाओ..
मौसम फिर रंगीन हो जाए,
अगर तुम मिलने आ जाओ..
नहीं होते हो तुम तो बहुत हमदर्द होते हैं
सारे हमदर्द दुर हो जाए,
अगर तुम मिलने आ जाओ..
दुनिया भर की झंझट, झगड़े
हर बला टल जाए,
अगर तुम मिलने आ जाओ..
- Soni shakya
kattupaya s
being hungry during jobless days was all i remember whenever I'm eating food
kattupaya s
Hope all of you enjoyed your lunch.. little late for me
M BOSS मुस्ताक अली शायर
तुमसे जुदा नहीं हूँ मैं
तुमसे जुदा नहीं हूँ मैं।
बस ख़ामोश सा सही हूँ मैं।
तेरी हर एक याद में अब भी,
धड़कन की तरह कहीं हूँ मैं।
तू सामने नहीं है तो क्या,
तेरे हर एहसास में ही हूँ मैं।
लोग समझे बिछड़ गया हूँ तुझसे,
सच ये है कि यहीं हूँ मैं।
तेरे जाने का ग़म नहीं रोता,
तेरे होने का यक़ीं हूँ मैं।
वक़्त ने ओढ़ा दी दूरी की चादर,
दिल के सबसे क़रीब वही हूँ मैं।
मुस्ताक़, ये दुनिया चाहे जो कह ले,
तुमसे जुदा नहीं हूँ मैं।
Kamini Shah
ક્ષણો મિલનની સંઘરી હતી
જે હ્રદયમાં
આજ કામ આવી ગઈ સઘળી
વિરહમાં…
-કામિની
Kinjal Chudasama
સવારે ઉઠી ને જેનાં મેસેજ ની રાહ જોવાતિ હોય, ત્યાજ એનો મેસેજ આવે એટલે ચેહરા ની ખુશી કંઇ અલગજ હોય.... - Kinjal
Sonam Brijwasi
बारिश ने जब पत्तों को छूकर सरगोशी की,
हर बूंद ने मिट्टी से अपनी बंदगी की।
एक पत्ता भीग कर चुपचाप गिर गया ज़मीन पर,
जैसे किसी ने खामोशी से अपनी कहानी पूरी की। 🍃🌧️
- Sonam Brijwasi
Deep Kumar
सपनों से हक़ीकत तक
सपनों की राह में चलता रहा,
हर मोड़ पर कुछ नया मिलता रहा।
कुछ नया मिलने से मैं सीखता रहा,
जिसमे तजुबी बड़ता रहा ।।
तजुर्बा जोड़ा तो हौसला बढ़ गए,
सपने अब और भी चमकन लग गए।
चमकने लगे तो बेहतर बन गए,
जिंदगी में आनंद आ गए ।।
आनंद में रंग ऐसे घुलने लगे,
हर एक पल अब और प्यारे लगने लगे।
प्यार से लोग हमें अपना बनाने लगे,
सपनों की तलाश को हम हकीकत बनाने लगे ।।
राहों में अब कोई रुकावट नहीं,
सपनों के संग अब कोई भी जंग नहीं।
जिंदगी की इस किताब का हर पन्ना सजा,
हमने खुद को जीने का तरीका पा लिया ।।
Anup Gajare
इति:
____________________
हमारा कोई इतिहास नहीं
हम खुद एक इतिहास है।
ट्रेन में खडे लोग
बैठे लोगों को देखते है
वे भी इतिहास में लिखे जाएंगे
उनका भी कोई इतिहास होगा।
_____________________________
Shailesh Joshi
📢ચેતવણી✍️
માનો કે ના માનો
પરંતુ આપણી સાથે કોઈ વ્યક્તિથી વિશ્વાસઘાત થવામાં મુખ્યત્વે આ બેજ કારણો જવાબદાર હોય છે,
એક તો એવા વ્યક્તિ કે જેમને આપણે પૂરેપૂરા ઓળખ્યા ના હોય,
અને બીજા નંબરે જે વ્યક્તિ આવે છે, એ એવા હોય છે કે જેમણે
આપણને પૂરેપૂરા અને સારામાં સારી રીતે ઓળખી લીધા હોય છે.
સમજાય એને વંદન, અને
ના સમજાય એને વિનંતી
kattupaya s
Good afternoon friends.. have a nice afternoon
Shailesh Joshi
આપણને નહીં મળવાવાળી મદદમાંથી
90 ટકા + મદદ નહીં મળવાનું કારણ
આપણો સ્વભાવ હોય છે,
પછી આ વાત માનવી કે ના માનવી
એ પણ આપણા દરેકના
અલગ અલગ સ્વભાવ પર જાય છે.
- Shailesh Joshi
Nasim Fatima
tumse apna rabt purana gham se gehri yari Hai
jitne bhi hain jaan k dushman sabse rishtedari Hai
pyas ki Farhat tum kya jano logon pyas ke sehra mein
tumne do din Kate honge humne umr guzari Hai.
Saroj Prajapati
आज फिर चला यादों का काफ़िला
जाने कितनी दूर तलक तक जाएगा
आज फिर सारी रात कटेगी आंखों में
जाने कितना भूला बिसरा फिर याद आएगा।
सरोज प्रजापति ✍️
- Saroj Prajapati
Anup Gajare
खामोशी की सज़ा.
_________________
घर में कोई बुज़ुर्ग नहीं था
जो कह देता—
“इतना काफ़ी है, अब रुक जाओ।”
जो हुआ
वह कम नहीं था,
और जो मेरे लिए किया गया
वह वजह के बहुत पास था—
इतना पास
कि दोष और दया
एक-दूसरे से गले मिल बैठे।
मैं पूछता रहा—
क्या था ये?
क्यों किया मैंने?
और मेरी खामोशी
सारे जवाब खा गई।
अगर कोई मुझे उकसाता,
तो मेरे तन में लगी आग
मैं खुद ही बुझा देता—
पर आग को बुझाना भी
क्या गुनाह होता है?
क्या ये नसीब था
या बस
मेरा होना
न होने के बराबर?
इसने मुझे बदल दिया।
आख़िरी उम्मीद का दिया बुझ गया—
पर राख में हाथ डालकर
मैं फिर उसे जलाऊँगा,
क्योंकि
राख मेरी नाकामयाबी नहीं
मेरी आख़िरी उम्मीद है।
किसने मारा मुझे?
मैं तो ज़िंदा हूँ—
फिर भी
अंदर कुछ मर चुका है।
जिसने मेरे लिए कुछ किया,
उसका अहसान
मैं पूरा न चुका सका—
शायद इसलिए
थकान अब
मेरी पहचान बन गई है।
क्या मुझे अभी मर जाना चाहिए
और बुझते हुए
लिखते रहना चाहिए?
मैंने कभी किसी को नहीं मारा,
फिर ये सब
मेरे साथ क्यों?
क्या मैं इंसान नहीं?
क्या मेरी भावनाएँ
गिनती में नहीं आतीं?
मैं भी रास्ते काटता हूँ—
पर जिसने मुझे तोड़ा
उसके साथ क्या हुआ?
किसने उसे छोड़ा?
ढेर सारे नक्शे बुझ गए—
मेरी तरह।
क्या कोई फर्क नहीं पड़ता?
क्या लिखना
माफी नहीं हो सकता?
क्या मैं गलती नहीं कर सकता?
मैं भी इंसान हूँ—
क्या उसने ये नहीं सोचा
कि किसलिए
मुझे मारा जा रहा है?
मैं खामोशी की सज़ा में बँधा हूँ।
किसने उसे उकसाया
कि वह मारते-मारते
और उद्विक्त हो गया?
उसके शब्दों में जादू था—
लब्जो में अल्फ़ाज़ नहीं,
बस मैं था—
और मैं ही
काफ़ी था टूटने के लिए।
ये मुझे छोड़ता नहीं—
कभी नहीं छोड़ेगा।
फिर मैं फ़िक्र क्यों करूँ
उसकी
जो अब है ही नहीं?
जीना क्या
जीवन से हार के
फासले तय करना नहीं होता?
दुःख के रास्ते पर
जो फूल खिला है—
उसका स्वाद
कितना कड़वा होता है,
क्या तुमने चखा है?
मैं मासूम नहीं
कि फिर से जुड़ जाऊँ।
यह फैसला
किसी और के लिए होगा—
मेरे लिए
ये ठहराव था।
इसने मुझे सिखाया
कि ज़रूरत
कभी जीवन से बड़ी नहीं होती।
पर ये भी भूल गया
कि कभी
मैं भी था।
मैं जो हूँ—
उसका स्वाद
वह कबका चख चुका है।
उसकी अंतिम इच्छा
मैं नहीं जानता—
पर जब तक मैं हूँ,
मेरे पास
कुछ नहीं होना चाहिए।
क्या उसके चलते
मैं रुक जाऊँ?
हरगिज़ नहीं।
कब तक सीखूँ
कि मर कर
न मरना भी
मरना ही होता है?
काफ़िर ज़िंदगी
कितनी मुश्किल है—
जब किसी के पास
अब कुछ नहीं बचता
सिवाय
उसके।
_____________________________________
silent Shivani
Manifestation is not magic.
It’s not about wishing and waiting.
It’s about clear intention, consistent effort,
and trusting yourself even when things feel slow.
What you work for, you slowly attract.
Shailesh Joshi
જેનાં મન અને મોઢાની વાત એક હોય,
એના જીવનમાં ખુશીયો અનેક હોય,
ને કોઈવાર
આવી પડે કોઈ ઓચિંતું દુ:ખ,
તો એમાંથી નીકળવાના,
રસ્તા પણ અનેક હોય.
- Shailesh Joshi
nidhi mishra
Gulab Ka Sabak
Ek gulab ne mujhse kaha, tu kyun darti hai kaanton se,
Zindagi ki asli pehchan hoti hai, inhi imtihanon se.
Dekh mera surkh rang, ye junoon ki nishani hai,
Par in kaanton ke beech hi, meri har kahani hai.
Log kehte hain gulab ho toh kaante bhi jhelne honge,
Par main kehti hoon, kaante hi toh humein ladna sikhate hain.
Bina kaanton ke toh phool bhi murjha jaye jaldi,
Ye chubhan hi toh hai, jo jeene ka jazba jagate hain.
Maana ki raahon mein kaante bichhe hain hazaar,
Par tu dekh us khushbu ko, jo hai behisaab aur apaar.
Gulab tabhi banta hai, jab dhoop aur tufaan se ladta hai,
Insaan bhi wahi hai, jo mushkilon mein hi nikharta hai.
Tu ban ja wahi gulab, jo har haal mein muskuraye,
Chahe kismat kitne bhi kaante, teri raah mein bichhaye.
Kaante teri hifazat hain, teri kamzori nahi,
Teri jeet ki dastaan mein, ye rukawat koi nahi!
Dada Bhagwan
Do You Know people praise and speak very highly of those who donate money? This public adoration is the donor's reward. The donor reaps the reward of his action in this very life, whereas the one who gives anonymously will reap his reward in his next life.
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Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz
🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
एक खत ऐसा भी...
तारीख: आज की एक अकेली शाम,
पता: मन का वो कोना, जहाँ कोई
झाँकता नहीं,
सुनो,
उम्मीद है तुम बाहर से ठीक होगे
क्योंकि आजकल हम सबने ठीक
होने का एक बेहतरीन हुनर सीख
लिया है,
आज दिल कुछ भारी था, तो सोचा
तुम्हें वो बातें लिखूँ जो हम महफिलों
में हँसते हुए भी नहीं कह पाते,
तुमने सच ही तो कहा था, यहाँ हर
कोई अपना ज़ख्म छिपाए फिर रहा है,
हम सब एक ऐसे मेले में हैं जहाँ भीड़
तो बहुत है, पर हर इंसान अपनी अधूरी
कहानी का अकेला किरदार है,
हम एक-दूसरे को तसल्ली तो देते हैं पर
सच तो ये है कि हम खुद अपनी थकान
से चूर हैं,
ये जो चेहरे पर मुस्कान हम चिपकाए
रखते हैं न, वो दरअसल एक ढाल है
ताकि कोई हमारी असुरक्षा को देखकर
हमें कमज़ोर न करार दे दे,
हम उस समाज का हिस्सा हैं जहाँ टूटना
मना है और हारना उससे भी बड़ा गुनाह,
कितना अजीब है न,?
हम जानते हैं कि कोई किसी का बोझ
नहीं उठा सकता, फिर भी एक उम्मीद
की डोर पकड़े बैठे हैं,
शायद वो झूठी उम्मीद ही है जो हमें रोज़
सुबह बिस्तर से उठाती है और रात को
थपकियाँ देकर सुला देती है,
हम एक-दूसरे पर तंज कसते हैं अपनी
कुंठाएँ थोपते हैं, सिर्फ इसलिए ताकि
खुद को बेकार होने के एहसास से बचा
सकें,
भीतर एक शोर है जो कभी थमता नहीं
और बाहर एक सन्नाटा है जिसे हम
नॉर्मल कहते हैं,
हम रोज़ हारते हैं, रोज़ टूटते हैं, और
फिर अगले दिन एक नया मुखौटा पहन
कर दुनिया के सामने खड़े हो जाते हैं,
सिर्फ ये दिखाने के लिए कि हम मज़बूत हैं,
पर कभी-कभी सोचता हूँ... कब तक,?
खैर, ये खत बस एक ठहराव था,
उन चंद लम्हों की गुफ्तगू जो शायद
तुम्हारे घाव तो नहीं भरेगी, पर तुम्हें ये
ज़रूर महसूस कराएगी कि इस अंधेरे
में तुम अकेले नहीं हो, हम सब अपनी
अपनी हार को ठीक है कहकर ढो रहे हैं,
अपना ख्याल रखना
तुम्हारा ही एक अक्स,,🥀🔥
╭─❀💔༻
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♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh☜
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Saliil Upadhyay
सबकी जिंदगी के पेपर अलग हैं....!
कृपया नकल ना करे...!
- Saliil Upadhyay
Aradhana
चाहत तो थी मंजिल कि...
पर सफर में कुछ छूटा था,
पाना तो सब कुछ था ,
पर बाकी कुछ तो था ।
चाहत तो थी मंजिल कि ...
पर खोया तो सब कुछ था,
मिला तो सब कुछ था,
सोचा तो ....
मिला तो कुछ भी न था । ।
Manish Patel
તણખલા જેવડો પણ ઉપકાર કરવા મળે તો કરી લેવો,
કેમ કે એના ફળ તાડ જેટલા મોટા હોય છે
- Manish Patel
Deepak Bundela Arymoulik
हर रास्ता मंज़िल तक नहीं जाता,
कुछ रास्ते
सिर्फ़ यह सिखाने आते हैं
कि लौटना भी एक कला है।
हर सवाल जवाब नहीं माँगता,
कुछ सवाल
अंदर बैठकर
हमें चुप रहना सिखाते हैं।
जो बहुत साफ़ दिखता है
वही सबसे पहले
धोखा देता है,
और जो धुंधला है
वही अक्सर
सच की तरफ़ इशारा करता है।
हर जीत
ताली की आवाज़ नहीं होती,
कुछ जीतें
अकेले कमरे में
आँखें बंद कर
महसूस की जाती हैं।
समय
जब जवाब नहीं देता
तो समझ लो—
वह हमें
ख़ुद से मिलाने में
लगा हुआ है।
आर्यमौलिक
Imaran
मेरे कलम से लफ्ज़ खो गए सायद
आज वो भी बेवफा हो गाए सायद
जब नींद खुली तो पलकों में पानी था
मेरे ख्वाब मुझपे रो गाए सायद.
🥲imran 🥲
S A Y R I K I N G
जिसको होठों से लेते है उसको चुम्मा कहते है
आपको शर्म नहीं आती
आप शादी सुधा हो कर
हम पे लाइन मारती हो 4 बच्चों की अम्मा
S A Y R I K I N G
एक कामयाब शायरी की
आशिक़ी
है तू
लफ्ज़ तू
ख्याल तू
सोच तू
good morning good night तू
सुबह के नाश्ता चाय तू
रात का Denar तू
मेरी सबसे बड़ी कामयाबी की
कलम तू
मोहब्बत तू
इश्क़ तू
प्यार तू
जान तू
मेरा हर ख्याल तू
तू ही तू
S A Y R I K I N G
तू नहीं तो, तेरा ख़याल ही सही कोई तो मेरा हमख़याल है...
सब कुछ तो है
बस एक ही कमी है
तू तू तू
S A Y R I K I N G
जैसी करनी वैसी भरनी
आज एक शख्स ने फटा नोट दे कर
आधा किलो दूध लिया
घर जा कर दूध उबाला तो
दूध भी फट गया
Roshan baiplawat
new emotional shayari 💔🥀😥
Sakshi Sunil Rane
काही बदल स्वतःसाठी चांगले असतात…😇
Mahesh Gadhvi
હે નારી હે સન્નારી
જીવન તારું હવાનકુંડ ને
કર્મ છે તારી આહુતિ
ધૈર્ય તારો બળતો દીપક ને
સહનશીલતા ની વાટ વણી તે
અર્ધ્ય આપ્યું તે જીવન નું
જાત ને આખી હોમી ને .
સર્વ ને આશિષ આપ્યા તે
જે બેઠા તુજ સમીપે છે.
તે સર્વનું જીવન બદલ્યું છે
જીવન તારું નીચોવી ને.
રચી દુનિયા તુજ ઉદર થી
ને વાણી થી વૈભવ ભર્યા.
ઘર સંસાર ને ધન ભંડાર
સદૈવ તુજ થી ભરતા રહ્યા.
તુ સંચાર બની છે શક્તિ નો
ભલે અબળા તુને ગણતા રહ્યા.
માં,બહેન ને ભાર્યા રૂપે આશ
તને જગત નિજ પૂજતા રહ્યા.
"કવિ આશ " મહેશ ગઢવી
પોલીસ ઇન્સ્પેક્ટર
ગુજરાત
Mahesh Gadhvi
औरत नहीं बनना चाहेगी दोबारा किसी भी जन्म में औरत
क्योंकि थका चुके हैं उसे
ये समझौते जो उसकी परछाई बने बैठे हैं
ये निरंतन खेले जाने वाले झूठे खेल
जो उसकी संवेदना को डस रहे है।
ये संस्कार की मूरत का लेप,
ये सहनशक्ति का महिमा मंडन।
जो हमेशा उसको मृत्यु के कगार पर ले गए ।
थक चुकी है वो इन से ऊब चुकी है उनसे,
जिसके साथ वो चली कंधा मिलाकर,
जिसके साथ सांस फूलते हुए भी वो दौड़ी
वे ही ले गए उसे अग्नि परीक्षा में,।
वे ही ले गए उसे निर्लज्ज सभा में।
सदैव उपेक्षित एक ही जीवन,
आशा की अपेक्षा में उपेक्षा की आशा में
औरत फिर नहीं बनना चाहेगी दोबारा किसी भी जन्म में औरत।
"कवि आश"
महेश गढ़वी
पुलिस इंस्पेक्टर
गुजरात
Mahesh Gadhvi
अब तो तुम आदत हो खाकी।
मेरी हर नब्ज में घुली हो खून की तरह।
तुम ही तो जज्बात हो खाकी।
मेरी हर विजयमें शामिल हो गर्वकी तरह।
तुम शान हो मेरी खाकी।
मेरी हर धड़कनमें दौड़ती हो सांसोंकी तरह।
अक्सर शामिल होती है आदतें जीवन में
पर तुम शामिल हो जीवन की आदतों में।
में कैसे कहूं खाकी की तुम आदत हो ,
और कैसे कहूं की बिना आदत का जीवन हो तुम।
सच कहूं ख़ाखी !
अब तुम वो आदत हो जिससे जीवन है।
धूप हो या छांव दिन हो या रात ,
इन रंगबिरंगे जहां में एक ही रंग हो तुम।
जो भाया मुझे, जो दे छाया मुझे ।
जिसने निर्भिक बनाया मुझे ।
जिसने सिखाया मुझे बेतरतीब को तरतीब में लाना,
आंखों से आंखे मिलाना,
और तेवर से ही औकात दिखाना ।
ऐसे ही कहां मिली हो तुम ।
धूल मिट्टी पसीने से सिली हो तुम।
गिरेबान में झांके वे जो बन रहे बेलगाम हैं।
ऐसे ही घोड़ों पर करते हम सवार हैं।
खाकी है हम आश बस इतना ही काफी है।
खाकी है हम काफी है हम।
"कवि आश" महेश गढ़वी
kattupaya s
Lot of people like"iravai sudum velicham" "இரவை சுடும் வெளிச்சம் "novel.but no reviews. quite surprising. if you have free time pls read the novel and put some reviews.
kattupaya s
Once again I wish to inform all my ebooks available@google play books. if you are interested pls go through.
Dr Darshita Babubhai Shah
मैं और मेरे अह्सास
चाहत की इंतिहा का असर देख लो l
अब थोड़ा दर्दों से फ़ासला लगता हैं ll
ये जो ग़म के बादल छाए हुए थे वो l
नन्ही गलती का मसअला लगता हैं ll
"सखी"
डो. दर्शिता बाबूभाई शाह
kattupaya s
Filter coffee for..
kattupaya s
Enjoy the Tea
kattupaya s
Time for some good breakfast..
kajal jha
खामोशी से सहते रहे हम हर जख़्म,
कभी शिकायत की आदत नहीं थी।
तुम क्या जानो टूटने का दर्द,
हँसते चेहरे के पीछे कितनी चीख़ें थीं।
- kajal jha
kattupaya s
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