Gujarati Whatsapp Status | Hindi Whatsapp Status
Dhruv gamit

જેલનો કેદી ---------------- બાલ્કનીમાં બેઠો બેઠો જોઉં આભમાં ફટાકડા, ને મનમાં આવ્યું પ્રિન્સિપાલને ગાળોના તડાકા! રજા ના આપી એ ‘હિટલરે’ પૂરી દીધો અંદર, દસમા ધોરણના ભરમાં હું બની ગઈ છું બંદર. મિત્રો સાથે મસ્તી છે ને મેગીની છે પાર્ટી, પણ સાચું કહું તો પ્રિન્સિપાલની બુદ્ધિ છે નાઠી. ભેરુ કહે ‘ભૂલી જા’, અહીં જ ધમાલ કરીશું, પણ ઘરના આંગણાના દીવા આપણે ક્યાંથી લાવીશું? યાદ આવે નીન્જા હથોડીની મસ્તી ને ડોરેમોનનું ગેજેટ, ને ભાઈ સાથે મળીને ફોડેલા રોકેટ. હવે, સમજાય છે કે સાહેબે આ રાજા કાપી છે મારા ઉજ્જવળ ભવિષ્ય માટે આ સજા આપી

Dhruv gamit

બાલ્કનીમાં બેઠો બેઠો જોઉં આભમાં ઘટાડા, ને મનમાં આવ્યું પ્રિન્સિપાલને ગાળોના તડાડા ! રજા ના આપી એ ‘હિટલરે’ પૂરી દીધો અંદર, દસમા ધોરણના ભરમાં હું બની ગઈ છું બંદર. મિત્રો સાથે મસ્તી છે ને મેગીની છે પાર્ટી, પણ સાચું કહું તો પ્રિન્સિપાલની બુદ્ધિ છે નાઠી. ભેરુ કહે ‘ભૂલી જા’, અહીં જ ધમાલ કરીશું, પણ ઘરના આંગણાના દીવા આપણે ક્યાંથી લાવીશું? યાદ આવે નીન્જા હથોડીની મસ્તી ને ડોરેમોનનું ગેજેટ, ને ભાઈ સાથે મળીને ફોડેલા રોકેટ. હવે, સમજાય છે કે સાહેબે આ રાજા કાપી છે મારા ઉજ્જવળ ભવિષ્ય માટે આ સજા આપી છે

Manali

घर बनते-बनते बस एक मकाँ बनकर रह गया, दिल जो था सुकूँ का, वो वीराँ बनकर रह गया। एक ख़्वाब था जो आँखों में रौशन-सा ठहरा था, वक़्त की सियाही में वो गुमाँ बनकर रह गया। एक आरज़ू ने साँसों से उम्र उधार माँगी थी, छूते ही हक़ीक़त को, बे-जाँ बनकर रह गया। लबों पे जो तबस्सुम था, क़र्ज़-ए-लम्हा निकला, हर इक हँसी अब एक इम्तिहाँ बनकर रह गया। नज़र में जिसकी तलाश थी, वो भी खो गई कहीं, दिल से तेरा नाम भी निहाँ बनकर रह गया। उँगलियाँ जो थामें थीं कभी किसी की हथेली, आज हर वो रिश्ता बे-निशाँ बनकर रह गया। कलाई पे लिखा वो धुँधला-सा इश्क़ का हरफ़, वक़्त की स्याही में वो कहाँ बनकर रह गया। हमसफ़र जो छूटा तो सफ़र रूठ-सा गया, रास्ता भी अब बस एक गुमाँ बनकर रह गया। मंज़िल का क्या गिला हो, जब दिल ही न रहा साथ, हर इक सफ़र भी दरमियाँ बनकर रह गया। मनाली, तेरा दर्द भी अब सादा-सा हो चला, घर बनते-बनते बस एक मकाँ बनकर रह गया।.....

Soni shakya

रस्मों के बंधन तो हर कोई निभा देता है.. असली बंधन वो जो बिना रस्मों के निभाया जाए.. - Soni shakya

Sonam Brijwasi

तुझे किसी और के करीब देखना गवारा नहीं, मेरी मोहब्बत में कोई ‘शेयर’ का इशारा नहीं… तू मेरी है, बस मेरी ही रहेगी, इस दिल को तुझ पर कोई दूसरा हक़ प्यारा नहीं…”

महेश रौतेला

मैं छोटी सी कविता पलभर चली, क्षणभर खिली हर परिचय में मिली। सुगन्ध सी फैली धरा में मिली, टूटे सपनों की धात्री देशों में घुली मिली। चेहरा दैदीप्यमान साथी संग हँसी, छुआ जब मन को सिहर कर मुस्करायी। मैं छोटी सी कविता वसंत संग लौटी, गरज के बरसी क्षणभर में बिखर गयी। पता बताने लौटी खर-पतवार उखाड़, प्रिय संग बैठी नित नये रूप में खड़ी, छोटी सी कविता हूँ। *** ** महेश रौतेला

vbbnnnnmmmm

বসন্ত মালতী ফুটিল সেউতি উঠিল কেতকী গা ঝাড়া দিল, সুরেলা কোকিলে গলা কাঁপাইয়া বনের বারতা দিল। বকুল ছড়াল তারা একঝাঁক মাদার ফাগুয়া খেলে, ❀ ❀ ❀ ❀ ❀ ❀ ❀ ❀ ফুলঝাড় রেখে রাত চলে যায় পদ্ম চক্ষু মেলে। করবীর কলি মৌ-কণা গড়ে ভূমি ফুটাইল চাঁপা, হলদে চড়াই মধুতে মাতাল নর্তনে করে কৃপা।

vbbnnnnmmmm

বসন্ত নয় অবহেলার

Radhika

ओह नील गगन" ओह नील गगन, तेरी बरखा आई लहराके इतराके सावन लाई। मैं एक बंजर धरती हूं, रूखी हूं, प्यासी हूं, तुझ बिन जैसे अधूरी हूं, हां मैं बंजर धरती हूं। तुम बरसें कहीं किसी वन के ऊपर, कभी शहरों में, कभी गलियारों में। कभी यूं ही बह जाती हों, नदियों में मिल जाती हों। कभी ठहरें तो झीलों में, वरना सागर में मिल जाती हों। एक मेहरबानी करना, बरस जाना कभी मुझ पर इतना। न वन जितना, पर उग जाए थोड़े पौधें कि मैं बंजर ना कहलाऊ, हरियाली मुझ पर छाएं, मैं लताओं के जैसे लहराऊं। ओह नील गगन, हैं फ़रियाद तुमसे, आओ भी कभी मिलने हमसे। मेरा दामन हरियाली से भर दो, लेकर अपने बरखा को साथ। ताकि मुझे भी लगें इस बार, हां आई है बरसात। By- Radhika

Aachaarya Deepak Sikka

ॐ नमः शिवाय। आसक्ति मानसिक क्रिया है। इसका अभिप्राय यह है कि मन बार-बार अपनी आसक्ति के विषयों की ओर भागता है जो किसी व्यक्ति, इन्द्रिय विषय, प्रतिष्ठा, शारीरिक सुख त्यादि में हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति या इन्द्रिय विषय का विचार हमारे मन में बार-बार उठता है तब निश्चय ही यह मन का उसमें आसक्त होने का संकेत है। यदि यह मन ही आसक्त हो जाता है तब भगवान इस आसक्ति के विषय के बीच बुद्धि को क्यों लाना चाहते हैं। क्या आसक्ति का उन्मूलन करने में बुद्धि की कोई भूमिका होती है? हमारे शरीर में सूक्ष्म अंत:करण होता है जिसे हम बोलचाल की भाषा में हृदय भी कहते हैं। यह मन, बुद्धि और अहंकार से निर्मित होता है। इस सूक्ष्म शरीर में बुद्धि मन से श्रेष्ठ है जो निर्णय लेती है जबकि मन में इच्छाएँ उत्पन्न होती है और यह बुद्धि द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार मोह के विषयों में अनुरक्त हो जाता है। उदाहरणार्थ यदि मनुष्य की बुद्धि यह निर्णय करती है कि धन सम्पत्ति ही सुख का साधन है तब मन में धन प्राप्त करने की लालसा उत्पन्न हो जाती है। यदि बुद्धि यह निश्चय करती है कि जीवन में प्रतिष्ठा ही सबसे महत्त्वपूर्ण है तब मन में प्रतिष्ठा और ख्याति पाने की अभिलाषा उत्पन्न होती है। दूसरे शब्दों में, मन में बुद्धि के बोध के अनुसार इच्छाएँ विकसित होती हैं। पूरे दिन हम अपने मन को बुद्धि द्वारा नियंत्रित करते हैं। जब हम अपने घर में होते है तब हम अनौपचारिक मुद्रा में रहते हैं जिसमें मन भी सहजता का अनुभव करता है जबकि अपने कार्यालय में रहते हुए हम औपचारिक मुद्रा में रहना सही समझते हैं। ऐसा नहीं है कि मन कार्यालय की औपचारिकताओं में प्रसन्न रहता है, अपितु वह अवसर मिलते ही अपेक्षाकृत घर जैसी अनौपचारिकताओं को अंगीकार करना चाहता है। इस प्रकार हमारी बुद्धि निश्चय करती है कि कार्यालय में औपचारिक आचरण का पालन करना अनिवार्य है। इसलिए बुद्धि मन को नियंत्रित करती है और हम पूरे दिन अपने कार्यालय में औपचारिक मुद्रा में रहते हैं और हमें मन की प्रकृति के विपरीत औपचारिक शिष्टाचार का पालन करना पड़ता है। इसी प्रकार मन कार्यालय के कार्यों में सुख अनुभव नहीं करता। यदि उसे स्वतंत्र छोड़ दिया जाए तब वह कार्यालय में कार्य करने की अपेक्षा घर में बैठकर टेलीविजन देखना चाहेगा किन्तु बुद्धि उसे यह आदेश देती है कि जीवन निर्वाह हेतु कार्यालय में बैठकर कार्य करना अनिवार्य है। इसलिए बुद्धि पुनः मन की स्वाभाविक प्रवृत्ति पर अंकुश लगाती है और लोग आठ घंटे या अधिक समय तक कार्य करते हैं। उपर्युक्त उदाहरण से हमें यह ज्ञात होता है कि हमारी बुद्धि मन को नियंत्रित करने में सक्षम है। इसलिए हमें अपनी बुद्धि को उचित ज्ञान के साथ पोषित करना चाहिए और उसका प्रयोग मन को उचित दिशा की ओर ले जाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करने में करना चाहिए। बुद्धियोग मन को कर्म फलों से विरक्त रखने का विज्ञान है जो बुद्धि में यह दृढ़ निश्चय विकसित करता है कि सभी कार्य भगवान के सुख के निमित्त हैं। ऐसी स्थिर बुद्धि वाला मनुष्य एकाग्रता से अपने लक्ष्य पर ध्यान रखता है और निर्बाध गति से धनुष से छोड़े गए बाण के समान अपने मार्ग को पार कर लेता है। ऐसा साधक यह संकल्प लेता है-"यदि मेरे मार्ग में लाख बाधाएँ उत्पन्न हो जाएँ और यदि सारा संसार मेरी निंदा करे और यदि मुझे अपने जीवन का भी बलिदान क्यों न करना पड़े तब भी मैं अपनी साधना नहीं छोडूंगा। " साधना की उच्च अवस्था में यह संकल्प इतना अधिक दृढ़ हो जाता है कि साधक को अपने मार्ग पर चलने से कोई डिगा नहीं सकता किन्तु वे लोग जिनकी बुद्धि अनेक शाखाओं में विभक्त है, अपने मन को विभिन्न दिशाओं की ओर भटकते हुए पाते हैं। वे मन की एकाग्रता को विकसित करने में समर्थ नहीं होते जो भगवान की ओर जाने वाले मार्ग के लिए आवश्यक होती है। आपका अपना आचार्य दीपक सिक्का संस्थापक ग्रह चाल कंसल्टेंसी

Piyu soul

🔥 आज कहानी ने नया मोड़ लिया है… “झांसी: The Price of a Bride” Episode 2 अब LIVE है 👑 792 लोग इस कहानी का हिस्सा बन चुके हैं… 228 लोगों ने इसे अपने पास संभाल कर रखा है ❤️ और 16 लोगों ने इसे 5⭐ दिया 😳 अब असली खेल शुरू होगा… क्या भार्गवी सच में बेबस है? या वो कुछ ऐसा छुपा रही है जो सब बदल देगा? 👉 अभी पढ़ो और बताओ— Team मजबूरी ❤️ या Team चाल 😏 – piyu 7soul

Anjana A Kulkarni

Don't change yourself to fit into someone else's expectations. First, learn to love yourself- because when you truly value who you are, you won't need anyone else's approval to feel loved.

Aachaarya Deepak Sikka

ॐ नमः शिवाय। कौन सा ग्रह क्या अशुभ फल देता है:- सूर्य सरकारी नौकरी या सरकारी कार्यों में परेशानी, सिर दर्द, नेत्र रोग, हृदय रोग, अस्थि रोग, चर्म रोग, पिता से अनबन आदि। चंद्र मानसिक परेशानियां, अनिद्रा, दमा, कफ, सर्दी, जुकाम, मूत्र रोग, स्त्रियों को मासिक धर्म, निमोनिया। मंगल अधिक क्रोध आना, दुर्घटना, रक्त विकार, कुष्ठ रोग, बवासीर, भाइयों से अनबन आदि। बुध ज्योतिष आचार्य आनन्द जालान के अनुसार गले, नाक और कान के रोग, स्मृति रोग, व्यवसाय में हानि, मामा से अनबन आदि। गुरु धन व्यय, आय में कमी, विवाह में देरी, संतान में देरी, उदर विकार, गठिया, कब्ज, गुरु व देवता में अविश्वास आदि। शुक्र जीवन साथी के सुख में बाधा, प्रेम में असफलता, भौतिक सुखों में कमी व अरुचि, नपुंसकता, मधुमेह, धातु व मूत्र रोग आदि। शनि वायु विकार, लकवा, कैंसर, कुष्ठ रोग, मिर्गी, पैरों में दर्द, नौकरी में परेशानी आदि। राहु त्वचा रोग, कुष्ठ, मस्तिष्क रोग, भूत प्रेत वाधा, दादा से परेशानी आदि। केतु नाना से परेशानी, भूत-प्रेत, जादू टोने से परेशानी, रक्त विकार, चेचक आदिल आपका अपना आचार्य दीपक सिक्का संस्थापक ग्रह चाल कंसल्टेंसी

Aachaarya Deepak Sikka

Aum Namah Shivay. Can We Do Puja Without Maintaining Hygiene? Well, here is what different scriptures mention about this. Read it completely and you will get all kind of answers related to this question: Vishnu Smrti - Chapter 64, Verse 9: न चाशौचवता कार्यं देवतार्चनकर्म वै । यस्तत्करोति मोहेन तस्य तन्निष्फलं भवेत् ॥ Meaning - A person who is in a state of impurity must indeed not perform the act of worshipping the deity. He/she who performs it out of delusion, that act of his shall become fruitless. According to Kularnava Tantra - Chapter 9, Verse 88- न वारिणा शुध्यते देही नान्तःशौचेन शुध्यति । अन्तःशौचेन शुध्यन्ति तस्मादन्तः शुचिर्भवेत् ॥ The embodied atma is not purified by water, nor is it purified without internal purity. It is by internal purity that beings are purified; therefore, one should be pure within. According to Garuḍa Puraṇ - Parva Khaṇḍa, Chapter 222 - अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा । यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः ॥ Whether a person is impure or pure, or even if he/she has passed through all possible states (of impurity), he/she who remembers the Lotus-eyed god (Vishnu) becomes pure both externally and internally. Manusmrti - Chapter 2, Verse 60- अद्भिः गात्राणि शुध्यन्ति मनः सत्येन शुध्यति । विद्यातपोभ्यां भूतात्मा बुद्धिर्ज्ञानेन शुध्यति ॥ The limbs of the body are purified by water, the mind is purified by truth; the individual atma is purified by learning and austerity; and the intellect is purified by knowledge. Aapka Apna Aachaarya Deepak Sikka Founder Graha Chaal Consultancy

Aachaarya Deepak Sikka

ॐ नमः शिवाय। वेदों में प्रयुक्त काम शब्द या वासना केवल यौन इच्छाएँ नहीं हैं बल्कि इसमें सभी प्रकार के भौतिक सुख भी सम्मिलित हैं। इस प्रकार वासना कई रूप दर्शाती है। जैसे:- धन की इच्छा, शारीरिक लालसाएँ, प्रतिष्ठा की अभिलाषा, सत्ता की भूख इत्यादि। वासना केवल भगवान के प्रति प्रेम का विकृत प्रतिबिंब है जो कि प्रत्येक जीवित प्राणी का अंतर्निहित स्वभाव है। जब आत्मा शरीर से संयुक्त होकर माया शक्ति के सम्पर्क में आती है तब तमोगुण के संयोग से इसका दिव्य प्रेम वासना में परिवर्तित हो जाता है। दिव्य प्रेम भगवान की सर्वोच्च शक्ति है। अतः भौतिक क्षेत्र में इसका विकृत स्वरूप जो कि काम वासना है, वह भी अति प्रबल शक्ति है। श्रीकृष्ण ने सांसारिक सुखों के भोग की लालसा को पाप के रूप में चिह्नित किया है क्योंकि यह प्रलोभन हमारे भीतर छिपा रहता है। रजोगुण आत्मा को यह विश्वास दिलाता है कि सांसारिक विषय भोगों से ही तृप्ति प्राप्त होगी। इसलिए किसी भी मनुष्य में इन्हें प्राप्त करने की कामना उत्पन्न होती है। जब कामना की पूर्ति होती है तब इससे लोभ उत्पन्न होता है और इसकी संतुष्टि न होने पर क्रोध उत्पन्न होता है। कामना, लोभ और क्रोध इन तीनों विकारों से ग्रस्त होकर मनुष्य पाप करता है। लोभ कामनाओं का प्राबल्य है जबकि क्रोध कुण्ठित इच्छा है। इस प्रकार श्रीकृष्ण ने वासना या कामना को सभी बुराइयों की जड़ के रूप में चिह्नित किया है। आपका अपना आचार्य दीपक सिक्का संस्थापक ग्रह चाल कंसल्टेंसी

Aachaarya Deepak Sikka

Aum Namah Shivay. There are many great sages and devotees in Hindu tradition whose lives teach powerful spiritual lessons, Here are a few important ones with key points: 1️⃣ Valmiki • Originally a forest robber named Ratnakara. • Transformed into a great sage through devotion and meditation. • Author of the sacred epic Ramayana. • Known as the Adi Kavi (first poet) in Sanskrit literature. Lesson: Anyone can transform through devotion and sincere repentance. 2️⃣ Ved Vyasa • Compiler of the Vedas and author of the Mahabharata. • Also composed the Bhagavata Purana and many other Puranas. • Known as one of the greatest sages in Hindu tradition. Lesson: Knowledge and wisdom guide humanity toward dharma. 3️⃣ Prahlada • A great devotee of Lord Vishnu even as a child. • Son of the demon king Hiranyakashipu. • Protected by Lord Vishnu in the form of Narasimha. Lesson: True devotion protects a devotee in every situation. 4️⃣ Dhruva • A young prince who performed intense meditation to see Lord Vishnu. • Blessed by Vishnu and became the Dhruva Star (Pole Star) in the sky. Lesson: Determination and devotion bring divine blessings. 5️⃣ Shabari • A humble devotee who waited many years to see Lord Rama. • Offered fruits to Rama with pure love and devotion. Lesson: God values pure devotion more than wealth or status. Common Message from all these stories: • Faith in God • Devotion (Bhakti) • Righteous living (Dharma) • Transformation through sincerity These teachings appear in sacred texts like the Ramayana, Mahabharata, and the Bhagavata Purana. Aapka Apna Aachaarya Deepak Sikka Founder of Graha Chaal Consultancy

Radhika

"तुम मिलें" तुम मिले तो हर ख़ुशी मिली, तुम मिलें तो मैं खुद से मिली। खो चुकी थी गुमनाम जिंदगी में मैं, मगर तुम मिले तो मुझे नई जिंदगी मिलीं।

Shailesh Joshi

પુસ્તક વાંચવામાં જેટલો સમય લાગે છે, એનાથી વધારે સમય એને લખવામાં લાગે છે, અને પુસ્તકમાં જે લખાણ હોય એ જીવવામાં તો વર્ષોના વર્ષો, કે પછી પૂરું જીવન લાગતું હોય છે, આપણું મન પણ એક વણ લખાયેલ પુસ્તક જેવું હોય છે, માટે જો આપણે આપણા સમયની રાહ જોતા હોઈએ કે, આપણો સમય ક્યારે આવે, તો એના માટે એક કામ તો આપણે કરવું જ રહ્યું, કે આપણો સમય ન આવે ત્યાં સુધી આપણે ધીરજ અને શાંતિ સાથે આપણને સાચવવા પડશે. - Shailesh Joshi

Falguni Dost

આ મારી આજની પોસ્ટ એ લોકો માટે કે જેઓજીવનથી કંટાળી જાય છે, બીજાના જીવનને જરા જોઈ પોઝિટિવ વિચારો અને ભગવાનનો આભાર માનો કે તમને ઘણું સુખ આપ્યું છ. જય શ્રી રાધે કૃષ્ણ 🙏🏻

Shraddha Panchal

छूटी हुई ट्रेन की टिकट को , जेब में संभालना बेकार है .🚃🎫❌

DrAnamika

तेरी आँखों में जब भी अपना अक्स देखा महसूस हुआ कि इश्क़ भी साँस लेती है. डॉअनामिका

Mara Bachaaaaa

अहमियत उनकी जिंदगी में ना सी रही होगी तभी तो वो दूर रहकर रह पाए हमे मायूसी दे कर। - Mara Bachaaaaa

Kaushik Dave

ख्वाब हमने बहुत देखे, पढ़-लिखकर बाबू बने। जोब मिलीं महानगर में, सीखने को बहुत मिला। बस हमें दूसरों से क्या वास्ता, अपना काम और अपना भाग्य। बढ़ते रहे हम अपने पथ पर, अकेलापन महसूस नहीं हुआ। हमने अपनी खुशी के साथ साथ, परिवार को खुशी में जोड़ दिया। अकेलापन महसूस करने वालों, अपने परिवार से प्यार करों। खुशियां बांटते रहे और जिंदगी बढ़ती गई, आज सखी, मुने रंग लाग्यो महानगर को, छोड़ कर हम तो नहीं जियो। अब गांव कहा तक रह गया है? गांव ख़ाली ख़ाली है, कमाई के चक्कर में सब महानगर की और दौड़ पड़े। यहां फुर्सत कहां है हम सबको, अपने आप में खोये है, जरुरत आन पड़ी तो, दोस्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। बस बाग बगिया खिलता रहा, परिवार खुशहाल हैं, महानगर की भीड़ में अकेलापन कहां मेहसूस किया? - कौशिक दवे

Ajit

મારા જન્મ દિવસે હું દિલથી માતૃભારતી પરથી વિદાય લઉં છું.........bye bye Aju mane support karnar matrubharti na tamam mitrono khub khub abhar.......😭😭😭😭😭😭🙏🙏🙏🙏🙏🙏

Chaitanya Joshi

દિલમાં વાત સંઘરી રાખી તે બોલો. ને દિશા સાવ નવી ઝાંખી તે બોલો. યાદ છે હજી વચનોની લ્હાણી કેટલી, કિંમત અમારી કેટલી આંકી તે બોલો. હિસાબ સરભર કરવો છે ને આકરો , માગ્યો ત્યાં તો થયા તુમાખી તે બોલો. વધતા વૃક્ષને પણ વસંત આવે છે કદી, શું મિષ્ટ ફળો લીધાં છે ચાખી તે બોલો. મગજ પર બરફની હાજરી હોવી જરૂરી , શું રહેશો સન્મુખ તીર તાકી તે બોલો. ચૈતન્ય જોષી.' દિપક 'પોરબંદર.

Mara Bachaaaaa

यकीनन उन्हें अपनी जिंदगी से इश्क़ है, तभी तो हमसे बेवफाई हो गई। - Mara Bachaaaaa

Narendra Parmar

छोटू 🧑‍🦲 में चाहूं तो आसमान की परी पटा सकता हूं 🧚 मोटू 👶 इसीलिए अभी तक करिश्मा तुमसे पटी नहीं है कम-से-कम दो साल से कोशिश कर रहा है तूं ! 😀🤪🤣🤣 छोटू 🧑‍🦲 अरे मोटू करिश्मा आसमान की परी थोड़ी है 😀😀🤣🤣🤣 में आसमान की परी की बात कर रहा हूं ।। 🤪🤣🤣 मोटू 👶 हां यार 😀😀😀🤣🤣🤣 नरेन्द्र परमार ✍️

Gautam Patel

શું ગળી ચીજોથી ડાયાબિટિસની શક્યતા વધે છે ? ડાયાબિટિસ એ વખતે થાય કે જ્યારે શુગરને પચાવવા માટે શરીર જરૂરી ઇન્સ્યુલિન પેદા કરી શકતું નથી અથવા તો પેદા થતું ઇન્સ્યુલિન શુગરને ન્યાય આપી શકતું નથી. એકંદરે જોતાં રોગ આનુવંશિક છે, માટે એ રોગના વારસાગત જિન્સ ન ધરાવતી વ્યક્તિ પુષ્કળ ગળી ચીજો ખાય પણ વજન સપ્રમાણ જાળવે તો એને ડાયાબિટિસ થાય નહિ. જિન્સ હોય તો એ રોગ થવાનું જોખમ ખાસ્સું વધી જાય છે. ડાયાબિટિસની કારક ગણાતી ખાંડને બદલે મેંદો વઘારે દોષિત છે. ઘઉંના અત્યંત બારીક દળેલા અને સફેદી માટે હાનિકારક રસાયણો વડે બ્લીચ કરેલા લોટનો ડાયાબિટિસ જોડેનો સીધો નાતો જોતાં તેના વપરાશ પર ચીને ૨૦૧૧માં કાનૂની પ્રતિબંધ મૂકી દીધો. યુરોપિયન યુનિઅનના ઘણા ખરા દેશો તો લોટના બ્લીચિંગને ક્યારના ગેરકાયદે ઠરાવી ચૂક્યા છે. આની સામે ભારતમાં ઘઉંનો પ૦% કરતાં વધુ પુરવઠો wheat flourને બદલે white flour એટલે કે મેંદા તરીકે વપરાય છે. પિઝા, બિસ્કિટ, બ્રેડ, નાન, કુલચા, મીસી રોટી, પાસ્તા, નૂડલ્સ વગેરેના સ્વરૂપે મેંદો ખાવામાં ભારતીયોને કશી મર્યાદા નડતી નથી. બ્લીચિંગ કરેલો મેંદો પોતે ડાયાબિટિસના મામલે નડી જાય એવો પદાર્થ છે. પેન્ક્રિઆસના ઇન્સ્યુલિન પેદા કરતા બિટા સેલ્સ નામના કોષો માટે ઝેરી નીવડતું alloxan કેમિકલ તેમાં મોજૂદ હોય છે. તબીબી પ્રયોગો દરમ્યાન ઉંદર જેવા કેટલાક સજીવોને તે રસાયણે Type-1 ડાયાબિટિસના રોગી બનાવ્યા છે. બ્લીચિંગવાળા સફેદ મેંદામાં એલોક્ઝેન ઉપરાંત કેન્સરકારક બ્રોમેટ. ક્લોરાઇડ, બેન્ઝોલિન પેરોક્સાઇડ વગેરે જેવાં નઠારાં કેમિકલ્સ પણ હોય છે. https://www.facebook.com/share/p/1GM4gmrm1T/

Narendra Parmar

टूटे दिल का हाल,में तूझे क्या बताऊं फ़ालतू में पत्थर आगे में अपना किमती वक्त क्यूं गंवाऊं ।। नरेन्द्र परमार ✍️

Shailesh Joshi

રસ્તાઓ બદલવાથી નહીં, પરંતુ કઠિન રસ્તાઓ પાર કરવાથી જ જીવન સાર્થક થાય છે, માટે જો ખરેખર સારા ભવિષ્યની સાચી ચિંતા હોય તો એટલું યાદ રાખવું કે, ગમે તેવા વિપરીત, કે પ્રતિકૂળ સંજોગો વખતે, નિરર્થક ખોટા, કે અવળા રસ્તાઓ શોધવા એ આપણા સમય, શક્તિ અને ભવિષ્ય ત્રણે માટે નુકશાનકારક છે. - Shailesh Joshi

वात्सल्य

હું પણ દરરોજ એની પથારી પાથરું છું,ઉઠાવું છું. પરંતુ એ દરરોજ મારી પથારી ફેરવે છે,(સફાઈ માટે).!!! 😄😄😄😄😄😄😄😄 - वात्सल्य

वात्सल्य

વાયદા કર્યા ઘણા પણ નિભાવવામાં કાચા પડ્યા ll એથી તો વાયદા કરવા ન્હોતા તોડવા મજબૂર થવા પડ્યા. - वात्सल्य

Anup Gajare

"एक दोपहर" ____________________________________________________ दोपहर के भीतर बसी लू हवाएं बहते हुए बादल की तरफ देख रही थी। बरगद की घनी छांव में दो भेड़े आपस में बहस में जूझी थी। ग्राउंड की धूल भरी सतह पर चलता हुआ एक तारा ताक रहा था सायकल पर जा रही चांदनी को। पेड़ो की झुरमुट में पंछी छोड़ रहे थे अपने पुराने घोंसलों को। चाय के ठेले पर हर रोज की तरह ही भीड़ उमड़ आई थी। बंद पड़े जीर्ण थियेटर में ऊब चुके थे पोस्टर। कही लकड़हारे कांट रहे थे जिंदा वृक्ष से भरी छांव को। तो कही भरे बाजार में प्याज, लहसुन बिक रहे थे चांदी के भाव। पेट्रोल पंप पर लाइन में खड़ा कोई आम इंसान दूसरे इंसान से देश के भविष्य पर बातों में उलझा था। किसी अज्ञात मकान कि दीवार पर आलस दे रही थी बिल्ली, कुत्ता इंतजार में था बिल्ली फर्श पर कब उतरेगी उसके दांतों की कटकट मुंह से रीसती लार में असंख्य सूक्ष्म जीव अपने ब्रह्मांड को नष्ट होते देख रहे थे। दोपहर अपने गर्भ में बहुत कुछ समेटे हुए सूरज को दोष दे रही थी। एक स्थान रिक्त था जहां अवकाश में किसी का न होना ही उसका होना भी था। बच्चे स्कूल जा रहे थे बोझ को ढोते हुए उनकी झुकी पीठ पर प्रश्न ही सवार था, गर्मी की छुट्टियों में उन्हें नाना के घर कोई ट्रेन नहीं ले जानेवाली थीं मामा के घर जानेवाली बंद पड़ी रेल के आखरी डिब्बे में कोई सिगरेट फूंक रहा था। उसने आह भरी और दोपहर की गोद में सिर रखते हुए आंखे भींच ली। बूढ़ा अखबार के अक्षरों को पढ़ रहा था पढ़ रहा था ये गर्मी अच्छी नहीं होती युद्ध आखिरी समाधान नहीं शायद इस जाड़े के बाद युद्ध खत्म हो। उसने चश्मा उतारा और हथेली से पसीने को पोंछते हुए कुछ देर तक अक्षरों के बिना दुनिया को देखने लगा। अक्षर अब भी कागज पर थे पर अर्थ धीरे-धीरे पिघलकर दोपहर में घुल रहे थे। पास ही एक छाया अपनी लंबाई मापते-मापते थक चुकी थी, वह सिकुड़कर पांव के नीचे आ बैठी— जैसे किसी का अधूरा विचार। दूर कहीं एक खिड़की आधी खुली थी आधी बंद, उसके भीतर एक स्त्री नींद और जाग के बीच फंसी हुई अपने ही सपने का दरवाजा खटखटा रही थी। सपने के भीतर कोई आवाज़ नहीं थी, सिर्फ एक सूखा हुआ पेड़ अपनी जड़ों से आकाश को खींचने की कोशिश कर रहा था। और आकाश— धीरे-धीरे नीचे झुकता हुआ धरती के कान में कुछ कहना चाहता था, पर शब्द गर्मी में जलकर राख हो चुके थे। एक बच्चा किताब के पन्नों के बीच उंगली फंसाकर सो गया था, पन्ने हिल रहे थे— जैसे हवा नहीं, समय उन्हें पलट रहा हो। उसके सपने में न कोई स्कूल था न कोई सवाल, सिर्फ एक खाली मैदान था जहां कोई उसे बुला नहीं रहा था। दोपहर अब धीरे-धीरे अपने ही भार से झुकने लगी थी, सूरज थोड़ा थककर पीछे हट रहा था, जैसे उसने भी मान लिया हो कि हर चीज़ को जलाकर समझा नहीं जा सकता। एक अनदेखा क्षण हवा में टंगा था— जहां न अतीत था न भविष्य, सिर्फ एक हल्की-सी कंपन थी जो बता रही थी कि कुछ भी स्थिर नहीं है। और उसी कंपन में कहीं बहुत भीतर कोई चुपचाप दोपहर को छोड़कर शाम की तरफ चल पड़ा था। ______________________________________________

Chaitanya Joshi

વાત એની મુદ્દાની હતી. પણ વાત ખુદાની હતી. પુસ્તક લખ્યું એકલતાનું, અનુભૂતિ શાદીસુદા ની હતી. એકતાનું બળ માપવા, માપપટ્ટી એની જુદાની હતી. હતો અફસોસ ઘણો, વીતેલી આવરદાની હતી. અક્ષરો ભલે નિરક્ષર, પણ વાત એના રૂદાની હતી. ચૈતન્ય જોષી દિપક,‌ પોરબંદર.

kajal jha

टूट कर चाहा था जिसे, वो मेरा कभी हुआ ही नहीं, जिसे अपना समझा था, उसने मुझे समझा ही नहीं। अब दर्द ही साथी है, और खामोशी हमसफ़र, दिल तो आज भी धड़कता है, पर जीने का मन ही नहीं - kajal jha

Piyu soul

🦚मेरे सखा कृष्णा 🦚💛 मैं सखी हूँ तेरी, तुम मेरे सखा हो, ये रिश्ता ना दुनिया समझे, ना कोई लिखा है। जब भी दिल मेरा चुपके से रोता है, तू बंसी की धुन बनकर मुझे हँसा जाता है। ना कोई डर है, ना कोई दूरी, तेरे साथ हर पल लगता है पूरी। मैं अपनी हर बात तुझसे कह जाती हूँ, तू बिना बोले ही सब समझ जाता है। कभी मैं रूठ जाऊँ, तो तू मनाने आ जाता है, कभी मैं खो जाऊँ, तो राह दिखा जाता है। ना तुझसे कुछ छुपा है, ना कुछ कहना बाकी, तुम ही मेरे सखा, तुम ही मेरे साथी। इस दुनिया की भीड़ में जब कोई अपना नहीं लगता, तब तू ही मेरे दिल को सुकून सा देता है। हे कान्हा… बस इतना सा रिश्ता बना रहे हमेशा, मैं तुम्हारी सखी रहूँ… और तुम मेरे सखा। 💛🦚 by piyu 7soul ❤️

jighnasa solanki

તસ્વીરો બોલતી નથી, પણ એનુ મૌન આખા જીવનનો પડધો પાડે છે. - jighnasa solanki

Dada Bhagwan

Do you know that at the root of a negative viewpoint lies a negative ego? When the ego is nurtured, one feels positive, but when the ego is hurt, one feels negative. Read more on: https://dbf.adalaj.org/M4Tepcqv #selfhelp #selfimprovement #spirituality #DadaBhagwanFoundation

Mrs Farida Desar foram

बिना गलती की सजा मिली है, मरते दम तक, अब चेहरा नहीं दिख पाऊँगी अपने ही प्यार का.... - Mrs Farida Desar foram

વૈભવકુમાર ઉમેશચંદ્ર ઓઝા

સફાળું જાગી જવાયું, મને વ્હેમ થયો તારા પાલવ અડવાનો, કે ખરે તું જ હતી. - સ્પંદન

Imaran

काबू में ना रहा ये अनजान हो गया, दिल हमारा ना जाने कब तुम्हारा हो गया, हम सोचते बस सोचते रह गए, और तुमसे प्यार हो गया 🫶imran 🫶

Vartikareena

माई_डियर_प्रोफेसर ( नेक्स्ट पार्ट की झलक । )

mohansharma

हममें तो खूब हौसला था तेरे हर सितम सहने का मोहन.. मगर शायद तुम ही थक गए होंगे हम पर यूँ सितम ढाते ढाते..

PRASANG

बाज़ार में धर्म। समस्या ए नहीं कि धर्म अब बाज़ार में है, पीड़ा यह कि चेतना भी अंधे विचार में है। अक्षरों के देवालय में सत्य की पूजा कम, मिथ्या का दीप हर इक बड़े समाचार में है। बोध के तरु बंजर, रस में अब माधुर्य नहीं, जन-जन उपाधि के सब दंभ-प्रचार में है। ग्रंथों को पढ़कर भी जो न समझे करुणा, ऐसी शिक्षा तो केवल काग़ज़ी श्रृंगार में है। आस्था का नाम लेकर जो सौदा रचता है, वो साधु नहीं, ए अभिनय के व्यापार में है। सत्य कहो तो कड़वाहट सी लगे जग को, विष ही आजकल सारे मधुर व्यवहार में है। “प्रसंग” ए कलम क्या लिखे इस दौर में, सच जहाँ भी लिखा, वो दीवार में है। - प्रसंग प्रणयराज रणवीर

Dhara K Bhalsod

વાત નાની છે પણ સમજવા જેવી આપણી જિંદગી આપણાં વિચાર પર Depend કરે છે... માની લ્યો તો મસ્ત નઈ તો કસ્ટ જ કસ્ટ છે... 🍁🍁🍁 - Dhara K Bhalsod

SADIKOT MUFADDAL 《Mötäbhäï 》

કિરદાર એવું મજબૂત હોવું જોઈએ કે આખી કહાની વાચ્યા પછી પણ કિરદાર સમજવા પાછી વાચવી પડે.... - SADIKOT MUFADDAL 《Mötäbhäï 》

Vartikareena

माई_डियर_प्रोफेसर पधार चुकी है। आप लोग पढ हकते हो।

Ajit

"अकेला" यह अकेला शब्द कभी अकेला रहा ही नहीं बल्कि इसके सानिध्य में रहे दुख, वेदना,साहस और थोड़ी सी नीरसता

Piyu soul

👑🐍 कल आ रही है एक ऐसी कहानी… जो आपको हिला कर रख देगी! वो एक साधारण लड़की नहीं… बल्कि एक रहस्य है… एक ऐसा श्राप… जो उसकी पहचान छीन चुका है… और एक ऐसा इंसान— जो कभी प्यार नहीं करना चाहता… ❤️ जब ये दोनों मिलेंगे… तो क्या होगा? 🔥 नागमणि की श्रापित रानी 🔥 ⚡ कल LIVE होगी ⚡ 👉 तैयार रहना… क्योंकि ये कहानी आपको शुरुआत से ही बांध लेगी…

Kaustubhi V Joshi KVJ

આ હૃદય હવે દચકા ખાઈ રહીયુ છે કેમ કે એક પછી એક એની સપોર્ટ સિસ્ટમ દૂર થૈ રહી છે - Kaustubhi V Joshi KVJ

Dr Darshita Babubhai Shah

मैं और मेरे अह्सास तुमसा नहीं देखा दूर जरूर है पर ये ना समझना तुम पर नज़र नहीं l तुम्हारी किसी भी हरकतों से बिल्कुल बेखबर नहीं ll ज़माने भर में घूमकर देखा कोई तुमसा नहीं देखा l दिलों जान लुटाई फ़िर भी तुम्हें कोई क़दर नहीं ll "सखी" डो. दर्शिता बाबूभाई शाह

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

निन्दा करे परोक्ष में, सम्मुख करे बखान। मित्र नहीं है शत्रु वह, सदा करे नुकसान।। दोहा --४६३ (नैश के दोहे से उद्धृत) ------गणेश तिवारी 'नैश'

वात्सल्य

આ તે કેવો પ્યાર! નથી ક'દી આપણે મળ્યાં!નથી ફૉટો કે ચહેરો જોયો! નથી ક'દી કૉલ કર્યો!નથી ક'દી તમારા તરફથી રિસ્પોન્સ મળ્યો!એક રીતથી તમને ચાહવા લાગ્યો! જે એ કે,"તમારા શબ્દોમાં તાકાત છે.અને એ શબ્દો ઝીલવા-સમજવાની મારામાં તાકાત છે." - વાત્સલ્ય

Piyu soul

कमज़ोर नहीं हूँ, बस वक्त मेरा खामोश है, मेहनत मेरी जारी है, बस मुकाम थोड़ा दूर है। जो आज नजरअंदाज करते हैं मेरी कहानी को, कल वही कहेंगे — ये लड़की कुछ खास जरूर है। 😏💛#motivational sayari#struggle# by piyu 7soul 📝📘📘

kattupaya s

Good morning friends..have a great weekend

Sonu Kumar

ईवीएम मशीन के साथ वीवीपैट क्यों लगाई जाती है? आपने लोकसभा चुनावों में जब वोट किया तो VVPAT को पर्ची छापते और काटते देखा ? क्या आपको याद है ? . याद कीजिये, जब आपने Evm पर केले का बटन दबाया तो क्या आपने देखा कि — वीवीपेट ने केले की पर्ची छापी है, या वीवीपेट ने लाईट जला कर आपको पहले से पर्ची छपी हुयी पर्ची दिखाई और लाईट बुझा दी ? यदि आपने वीवीपेट को पर्ची छापते एवं काटते नहीं देखा तो क्या आप विश्वासपूर्वक कह सकते है कि वीवीपेट ने आपको पहले से छपी हुयी पर्ची नहीं दिखा दी है ? . VVPAT वोट चुराने में इस मनोवैज्ञानिक हेक का इस्तेमाल करता है -- अक्सर लोग उन चीजो को नहीं देख पाते या उनकी अवहेलना कर देते है जो उनकी आँखों के ठीक सामने रख दी जाती है !! . ( यह जवाब प्रायोगिक किस्म का है, अत: इसे पूरी तरह से समझने के लिए आपको थोड़े तर्क एवं पूर्व स्मृति का इस्तेमाल करना पड़ेगा। हो सकता है आपको कॉपी पेन उठाना पड़े। किन्तु यदि आप इसे समझने की कोशिश करते है तो आपके द्वारा किया गया श्रम व्यर्थ नहीं जाएगा। क्योंकि आप तब वीवीपेट का एक बेहद आसान हेक पकड़ लेंगे, जिसे वीवीपेट को सामने रखे बिना समझना और समझाना काफी मुश्किल है !! जवाब में कुछ विवरण ऐसे भी है जिनकी पुष्टि नहीं की जा सकती है। अत: पुष्टि के लिए पाठक स्वतंत्र स्त्रोतों से इनकी पुष्टि करने के लिए प्रयास करें, या अपने विवेक का इस्तेमाल करे। ) . ————- सेक्शन - A ————- 1. 2013 से अब तक VVPAT में क्या बदलाव आये ? 2013 में जब वीवीपेट आया था तो वीवीपेट की बॉडी पेक न होकर खुली हुयी थी। पर्ची छपने के बाद मतदाता खुद अपने हाथ से पर्ची लेकर डिब्बे में डालता था। कृपया इस वीडियो के शुरूआती 30 सेकेण्ड का हिस्सा देखें - Hari Krishna Prasad Vemuru@vhkprasad#ElectionCommissionOfIndia i remember you planned this📷 during first VVPAT trial in Delhi, and I am also one of your invitees to witness, why the present model changed? Does 3sec & 7sec has a link to this con..iracy? You seem to be totally dumb for such questions 684:13 pm - 1 मई 2019 लिंक - . 2018 में केंचुआ ने वीवीपेट में एक और बहुत ही शानदार बदलाव किया। केंचुआ ने वीवीपेट के पारदर्शी कांच को अंधे कांच से बदल दिया !! यह One Way कांच है, और इस पर बाहर से कितनी भी रौशनी डाली जाए अंदर का कुछ भी दिखाई नहीं देता। . बाद में केंचुआ ने लाखों Evm को कलेक्टर ऑफिस से ट्रको में लादकर मंगवाया और इनमे अंधे कांच लगवाकर इन्हें फिर से कलेक्टर कार्यालय भिजवा दिया !! कृपया इस वीडियो में 30 से 60 सेकेण्ड तक का हिस्सा देखिये। क्या आप इसमें पर्ची छपते हुए देख पा रहे है या आपने सिर्फ छपी हुयी पर्ची देखी ? इसे ध्यान से देखने के लिए आपको इसे रिवाइंड करके ध्यान से देखना पड़ सकता है। . लिंक -- . 2. अहमदाबाद के राहुल मेहता जी जब 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले वीवीपेट का पब्लिक डेमोंस्ट्रेशन देखने गए तो उन्हें यह बात खटक गयी कि जब मतदाता वोट कर रहा है तो वह वीवीपेट पर्ची को छपते एवं कटते हुए नहीं देख पा रहा है। जो कुछ हो रहा था वह यूँ था : वोटर Evm पर कुकर का बटन दबाता है। वीवीपेट लाईट जलाता है। वोटर कुकर की पर्ची देखता है। वीवीपेट लाईट बुझा देता है। राहुल मेहता जी सोफ्टवेयर लिखते है और उन्होंने IIT दिल्ली से 1990 में कम्प्यूटर साइंस शाखा से इंजीनियरिंग की डिग्री ली थी। बाद में उन्होंने अमेरिका से मास्टर ऑफ़ कम्प्यूटर साइंस किया। चूंकि वे पिछले 30 वर्षो से Evm पर काम कर रहे है, और इंजीनियरिंग में समझते है अत: उन्हें यह प्रक्रिया कुछ ठीक नहीं लग रही थी। उन्हें समझ नहीं आ रहा था जैसा कि वे पहले देखते थे वैसे वे इस बार पर्ची को छपते और कटते क्यों नहीं देख पा रहे है। और तब उन्होंने नोटिस किया कि वीवीपेट का कांच जो कि पारदर्शी होता था, अब पारदर्शी नहीं रह गया है । इसे अंधे कांच से बदल दिया गया है। वीवीपेट पर्ची "छापने के बाद" लाईट जलाता है, और "पर्ची काटने से पहले" बुझा देता है !!! . मेहता जी ने निर्वाचन अधिकारी से कहा कि — क्या यह मशीन ख़राब है, क्योंकि जैसे कि मैं पहले देखता था वैसे मैं पर्ची छपते और कटते नहीं देख पा रहा हूँ ? . निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि नहीं मशीन एकदम ठीक है। लेकिन अब इसका कांच बदल दिया गया है। मेहता जी ने कहा कि, क्या मैं इसका वीडियो बना सकता हूँ ? अधिकारी ने इंकार कर दिया !! तब मेहता जी कई दिनों तक एक के बाद एक 8 डेमोंस्ट्रेशन स्टेशनों पर पहुंचे और पाया कि सभी मशीनों के कांच बदल दिए गए है। . [ तब मैं भी चुनाव लड़ रहा था और चुनाव आयोग की नामांकन प्रक्रिया में काफी उलझा हुआ था। मैंने दो बार वीवीपेट का डेमो देखने के लिए 2 दिन तक 2-2 घंटे जाया किये किन्तु मुझे इसका डेमो देखने नहीं मिला। बाद में जब मैंने इसका डेमो देखा तो पाया कि ग्लास बदल दिया गया है, और टोर्च डालने से भी अंदर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। . तब कार्यकर्ताओं ने अन्य शहरो एवं राज्यों के एक्टिविस्ट्स को भी सूचित किया कि वे वीवीपेट का डेमो देखें और वीडियो बनाए। कई शहरो में कार्यकर्ताओ ने जाकर डेमो देखा, और सब ने पाया कि ग्लास बदल दिया गया है। किन्तु किसी भी व्यक्ति को चुनाव अधिकारियो ने वीडियो नहीं बनाने दिया !! इसी दौरान जुंझुनू ( राजस्थान ) से जूरी सिस्टम के प्रत्याशी डॉ तेजपाल कटेवा जी ने डेमो देखा और वे इसका वीडियो भी लेने में सफल रहे। उन्होंने यह वीडियों सोशल मीडिया पर डाल दिया। ] . तब मेहता जी ने निर्वाचन अधिकारी से कहा कि – यदि मुझे वीवीपेट का बिट मैप कोड लिखने दिया जाए तो मैं ऐसा कोड लिख सकता हूँ कि इच्छित उम्मीदवार को मनचाहे वोट मिलेंगे लेकिन प्रत्येक मतदाता को उसी निशान की पर्ची दिखाई देगी जिसे उसने वोट दिया है। और पर्चियों को गिनने से भी पर्चियां बराबर निकलेगी। निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वीवीपेट का बिट मेप कोड वोटिंग के 15 दिन पहले डाला जाता है, और यह हमें आगे से आता है । हम ये कोड खुद से नहीं डालते। . —————— 3. VVPAT का बिट मेप कोड क्या है ? Evm में 3 हिस्से होते है : बेलेट यूनिट : जिस पर आप बटन दबाते है। वीवीपेट : जो पर्ची छापता है। कंट्रोल यूनिट : जहाँ अंतिम रूप में वोटिंग काउंट जाता है। कृपया इस बात को नोट करें कि बेलेट यूनिट, वीवीपेट और कंट्रोल यूनिट तीनो अलग अलग डिवाइस है, और इन्हें आपस में कनेक्ट किया जाता है। ये एक ही डिवाइस नहीं है। . दूसरा बिंदु यह है कि , ये पहले से तय नहीं होता कि कितने उम्मीदवार चुनाव लड़ने वाले है और उनमे से किस उम्मीदवार को कौनसा चिन्ह एवं Evm पर कौनसा क्रम मिलने वाला है। यह सब आवंटन तो वोटिंग के 15 दिन पहले होता है। उदाहरण के लिए मेरे संसदीय क्षेत्र में 28 मई को वोटिंग थी, और मुझे चिन्ह ( प्रेशर कुकर ) का आवंटन 15 तारीख को हुआ था। 15 तारीख से पहले तब Evm को पता नहीं है कि मुझे प्रेशर कुकर मिलने वाला है, और इसीलिए Evm मशीन के पास मेरे नाम एवं चिन्ह का डेटा नहीं है। और इसीलिए Evm मशीन वीवीपेट को यह संकेत नहीं भेज सकती कि 5 नंबर का बटन दबाने पर वीवीपेट पर्ची पर प्रेशर कुकर और मेरा नाम छापेगा। . अब मान लीजिये किसी सीट पर 4 उम्मीदवारो नरेंद्र गाँधी, राहुल मोदी , अरविन्द यादव, और पिंटू सिंह ने नामांकन किया है, और जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें निम्नलिखित चिन्ह आवंटित किये है : नरेंद्र गाँधी – केला राहुल मोदी – संतरा अरविन्द यादव – अंगूर पिंटू सिंह – जामुन तो अब अंतिम सूची जारी होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी उम्मीदवारों का Evm पर क्रम, उनका नाम, उनके चिन्ह आदि की सूचना निर्वाचन आयोग को भेजेगा। निर्वाचन आयोग अब उन्हें इसका बिट मेप भेजेगा। बिट मेप की कमांड वीवीपेट में डाली जायेगी ताकि बेलेट यूनिट पर जब आप पिंटू सिंह का बटन दबाए तो वीवीपेट पिंटू सिंह का नाम एवं उसके चिन्ह जामुन की पर्ची छापे। . —————- 4. कैसे VVPAT का बिट मेप लिखकर वोटो में बड़े पैमाने पर हेरा फेरी की जा सकती है ? कृपया निचे दिए गए विवरण को ध्यान से पढ़ें : . यदि वीवीपेट में बिट मैप लिखने वाला कोडर संतरा छाप उम्मीदवार को जितवाना चाहता है तो वह बिट मेप इस तरह से लिख सकता है कि, जब मतदाता A1 केले का बटन दबाएगा तो Vvpat केले की पर्ची छापेगा → लाईट जलाएगा → मतदाता A1 केले की पर्ची देखेगा → और लाईट बुझ जायेगी। इसके बाद वीवीपेट कंट्रोल यूनिट को केले का 1 वोट भेज देगा। . अब यदि अगला मतदाता A2 भी केले का बटन दबाता है तो इस बार वीवीपेट केले की पर्ची नहीं छापेगा !! हाँ, वो फिर से केले की पर्ची नहीं छापेगा !! क्योंकि उसने केले की पुरानी वाली पर्ची काटी नहीं है। उसके पास केले की वह पर्ची रोल के बाहर मौजूद है, जो उसने मतदाता A1 के लिए छापी थी , और लाईट जला कर दिखाई थी। . अत: यदि दूसरा मतदाता A2 भी केले का बटन दबाता है तो वीवीपेट लाईट जलाएगा → A2 को वही पर्ची फिर से दिखा देगा जो पर्ची उसने A1 को दिखाई थी → अब वीवीपेट लाईट फिर से बुझा देगा !! और वीवीपेट कंट्रोल यूनिट को कमांड भेजेगा कि संतरे का एक वोट बढ़ा दिया जाए !! कृपया इस बात पर ध्यान दें कि वीवीपेट ने A2 को केले की पर्ची दिखायी है, किन्तु कंट्रोल यूनिट को कमांड भेजा है कि संतरे का एक वोट बढ़ा दिया जाए। . अब यदि तीसरा वोटर A3 भी केले का बटन दबाता है तो वीवीपेट फिर से उसे वही छपी हुयी पर्ची दिखा देगा जो उसने A1 एवं A2 को दिखाई थी, और कंट्रोल यूनिट को कमांड भेजेगा कि संतरे का वोट बढ़ा दिया जाए !!! . और अब यदि मतदाता B1 आता है और संतरे का बटन दबाता है तो वीवीपेट केले वाली पर्ची काट कर गिरा देगा और संतरे की पर्ची छाप कर B1 को दिखाएगा। और अब वीवीपेट बिना लाईट जलाए 2 अतिरिक्त पर्चिया संतरे की छापेगा और डब्बे में गिरा देगा !! ( ताकि डिब्बे में पर्चियों की काउंटिंग का साम्य बनाया जा सके ) . तो VVPAT को बिट मेप के कोड में यदि कमांड दी जाए तो वह इस तरह बर्ताव करेगा। . (1) जितनी बार संतरे का बटन दबाया जाएगा उतनी बार वह संतरे की ही पर्ची छापेगा और काट कर डब्बे में गिराता जाएगा। . (2) यदि पहला वोटर केले का बटन दबाता है तो वीवीपेट केले की पर्ची छापकर दिखाएगा। . (3) यदि अगला ( यानी दुसरे नंबर का ) वोटर भी फिर से केले का बटन दबाता है तो वीवीपेट केले की पर्ची नहीं छापेगा बल्कि लाईट जलाकर पहले से छपी हुयी पर्ची ही दिखा देगा, और बिना पर्ची काटे लाईट बुझा देगा। . (4) यदि तीसरा वोटर फिर से केले का बटन दबाता है तो फिर से लाईट जलाकर उसे वही पर्ची दिखा देगा, जो उसने पहले और दुसरे वोटर को दिखाई थी। (4.1) यदि चौथा वोटर संतरे का बटन दबाता है तो वीवीपेट केले की वह एक पर्ची काटकर डिब्बे में गिरा देगा जो उसने पहले, दुसरे और तीसरे वोटर को दिखाई थी। (4.2) अब वह संतरे की पर्ची छापकर चौथे वोटर को दिखायेगा और लाईट बुझा देगा । (4.3) लाईट बुझाने के बाद पर्चियों की काउंटिंग पूरी करने के लिए वीवीपेट दो अतिरिक्त संतरे की पर्चियां छापेगा, और डिब्बे में गिरा देगा । (5) लेकिन यदि चौथा वोटर भी फिर से केला दबाता है तो अबकी बार वीवीपेट वोट नहीं चुराएगा। क्योंकि उसे सिर्फ दूसरा एवं तीसरा वोट चुराने की कमांड दी गयी है। तो इस बार वह केले की पर्ची छापेगा और साथ में 2 पर्चियां और भी केले की छाप कर 4 पर्चियां केले की डिब्बे में गिरा देगा। मतलब वीवीपेट सिर्फ दूसरा एवं तीसरा वोट ही चुराएगा। यदि निरंतर केले का बटन दबाया जा रहा है तो वह वोट चुराना बंद कर देगा और एक भी वोट नहीं चुराएगा। तो VVPAT की कोडिंग की सिक्वेंस इस तरह होगी : A1केला → A2केला → A3केला → B1संतरा के क्रम में वोटिंग होती है तो पहला वोट केले को जाएगा, किन्तु बाद के दो वोट संतरे को जायेंगे। लेकिन A2 एवं A3 पर्ची केले की ही देखेंगे। और चूंकि वीवीपेट दो अतिरिक्त पर्ची संतरे की छाप कर डिब्बे भी गिराता है अत: पर्चियां भी बराबर निकेलेगी। मतलब कंट्रोल यूनिट में भी 1 केला एवं 3 संतरा का काउंट आएगा और वीवीपेट के डिब्बे में भी 1 पर्ची केले की और 3 पर्चियां संतरे की निकलेगी। और कमाल की बात यह है कि जब आप वोटर से पूछेंगे तो 3 वोटर कहेंगे कि हाँ हमने केला दबाया था और हमने केले की ही पर्ची देखी थी !!! A1केला, B1संतरा, A2 केला, B2संतरा....... केला, संतरा, जामुन, अंगूर, संतरा, केला, जामुन के क्रम में वोटिंग होगी तो वीवीपेट कोई वोट नहीं चुरा सकेगा। क्योंकि वीवीपेट को हर बार नयी पर्ची छापनी होगी। यदि केला1 , केला2 , केला3 , केला4 ....... केला7 या जामुन1 , जामुन2 , जामुन3 , जामुन4, ..... जामुन7 के क्रम में वोटिंग होगी तो भी वीवीपेट कोई वोट नहीं चुराएगा। क्योंकि वीवीपेट सिर्फ दूसरा एवं तीसरा वोट ही चुराएगा। यदि किसी उम्मीदवार के पक्ष में भारी एवं निरंतर मतदान हो रहा है तो वीवीपेट वोट नही चुराएगा. क्योंकि इससे अस्वभाविक परिणाम आ सकते है। यदि संतरे को 50% से अधिक वोट मिल जाते है तो वीवीपेट वोट चुराना बंद कर देगा, और स्वभाविक वोटिंग होने देगा। दुसरे शब्दों में जो 6 आदमी दिल्ली के मुख्य निर्वाचन आयोग के दफ्तर में बैठकर सभी सीटो के बिट मेप लिखकर भेज रहे है, चुनाव के नतीजे वे ही तय करेंगे। अलबत्ता वे आपको वे पर्चियां दिखाते रहेंगे जो बटन आपने दबाया है !!! कृपया इस बात को भी नोट करें कि कोडर यह कमांड भी दे सकता है कि वीवीपेट का यह कोड तब एक्टिव होगा जब किसी मशीन पर 50 वोट डाले जा चुके होंगे। मलतब जब वोटिंग से पहले मशीन चेक करने के लिए सेम्पल वोटिंग की जायेगी तो कंट्रोल यूनिट सही पर्ची काटेगी और सही संकेत ही कंट्रोल यूनिट को भेजेगी !!! . सार यह है कि -- वीवीपेट का कोड केंचुआ के दिल्ली के दफ्तर में बैठे 4 इंजीनियर्स लिखते है, और ये लोग जैसा कोड लिखेंगे नतीजे वैसे ही आयेंगे !! और इस गड़बड़ी को कभी भी साबित नहीं किया जा सकेगा !!! . ——————- . 5. तो मेहता जी ने निर्वाचन अधिकारी से कहा कि, यदि वीवीपेट का बिट मेप मुझे लिखने दिया जाए तो मैं ऐसा बिट मेप लिख सकता हूँ कि आप अगर केले का बटन दबायेंगे तो वीवीपेट पर भी आप केले की पर्ची देखेंगे, किन्तु कंट्रोल यूनिट में वोट संतरे को जाएगा , और यदि आप पर्चियां गिनेंगे तो वे भी बराबर निकलेगी !! मतलब उसी हिसाब से निकलेगी जितने वोट कंट्रोल यूनिट में है !! . चुनाव आयोग ने उन्हें वीवीपेट दिखाने से इंकार कर दिया। मेहता जी ने उनसे कहा कि यदि मुझे 12 घंटे के लिए एक वीवीपेट दे दी जाए तो मैं आपको इसका डेमो देकर दिखा सकता हूँ । निर्वाचन अधिकारी ने इनकार कर दिया। निर्वाचन अधिकारी का कहना था कि वीवीपेट पूरी तरह से सुरक्षित है, और जो भी आप कह रहे हो वह बकवास है !! मेहता जी ने लिखित में उन्हें अर्जी दी कि मुझे एक वीवीपेट दी जाए ताकि मैं यह करके दिखा सकू। निर्वाचन अधिकारी ने इनकार कर दिया !! . तब मेहता जी ने तारीख 7 अप्रेल 2019 को गुजरात के लीडिंग गुजराती दैनिक “गुजरात समाचार” के मुख्य पृष्ठ पर एक विज्ञापन दिया , जिसमे उन्होंने लिखा कि — " जो भी व्यक्ति VVPAT का कोड लिखेगा, वह चुनावी नतीजे तय करेगा। और यदि मुझे VVPAT दी जाए तो मैं ऐसा कर के दिखा सकता हूँ !! " . विज्ञापन का लिंक : . बदले में केंचुआ ने उन्हें नोटिस जारी किया कि आप एक संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाकर मतदाताओं को भ्रमित कर रहे हो, अत: अपने खर्चे पर फिर से एक विज्ञापन लगाओ कि – आपका दावा मनगड़ंत है.. नोटिस का हिन्दी अनुवाद : “गुजरात समाचार” समाचार पत्र में, ता. 07/04/2019 को, “ राइट टू रिकॉल पार्टी ” नाम के तहत “शीर्ष के 4-5 प्रोग्रामर के लिए लाखों ईवीएम में वोट बदलना संभव !! कैसे ? और उपाय ?” इस हैडलाइन से मनमानी चीज़े बताए हुए पर्याप्त सबूत के बिना प्रथम नजर से ही जाली (भ्रामक) विज्ञापन दिया गया है, उस संबंध में आपको निम्नलिखित नोटिस दिया जाता है : यह कि, आप अच्छी तरह से जानते है कि यानी चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 से प्राप्त हुए अधिकारों और संसद द्वारा निर्मित R.P.Act-1951 और चुनाव प्रबंधन नियमों के अधीन काम करने वाला संगठन है। दुनिया का सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के चुनाव स्वतंत्र और न्यायिक तरीके से हो, इस तरह से चुनाव आयोग काम करता है। वर्ष 1999 से ई.वी.एम द्वारा चुनाव प्रक्रिया हो रही है, और इस तरह चुनाव आयोग के अधीन EVM द्वारा हो रही चुनाव प्रक्रिया में अविश्वश्नियता का एक भी किस्सा साबित नहीं हुआ है, और इस वजह से EVM का नि-संदेह बेहतरीन ट्रेक रिकॉर्ड रहा है। आपकी पार्टी और नाम का उल्लेख सहित दिनांक 07.04.2019 को “गुजरात समाचार” दैनिक समाचार पत्र में चुनावी विज्ञापन ऊपर वर्णित शीर्षक से प्रसिद्ध किया गया है और इसमें चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर मनगडंत आरोप लगाया गया है। जिसके कारण साधारण मतदाता का निरर्थक भ्रमित होना संभव है, और आपकी इस कोशिश से अब तक के निष्कलंक चुनाव प्रक्रिया को बिना प्रमाण दूषित करने की कोशिश की जा रही है। लोकसभा की आम चुनाव प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। चुनाव आयोग की देखरेख में हमारा तंत्र चुनाव का संचालन कर रहा है। आपने 06-गांधीनगर संसदीय मत विस्तार से खुद को प्रत्याशी घोषित किया है, और नामांकन के समय आपने भारत के बंधारण का ''अनुच्छेद -84- (ए)'' के अनुसार भारत का संविधान और संविधान से स्थापित भारत की एकता और सप्रभुता की विश्वास की सौगंध उठायी है। फिर भी भारत की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था भारत के चुनाव आयोग द्वारा स्थापित कार्यप्रणाली के प्रति आधार विहीन टिप्पणी और भ्रामक विज्ञापन देकर चुनाव आयोग को कोई भी प्रमाण ( proof ) दिए बिना दुषित करने का प्रयत्न किया है। इस परिस्थिति में आपके द्वारा वर्तमान पत्र में प्रसिद्ध किया गया विज्ञापन निराधार आरोप चुनाव प्रक्रिया को आशंकित और विषयुक्त बना सकता है, ऐसा हमारा मानना है। इसलिए आपके द्वारा प्रसिद्ध हुए “चुनाव विज्ञापन” के संदर्भ में आप प्रसिद्ध किये हुए विज्ञापन को प्रमाणित करे, ऐसा आधारशील पुरावा (proof) सहित 3-दिन में खुलासा दो या अपने दिए हुए EVM विज्ञापन के गलत होने का खुद के खर्चे से विज्ञापन देकर लोगो का संदेह दूर करने के लिए नोंध लीजिए। अन्यथा आपके सामने उचित जोग्वाई में कानूनी कार्यवाही करने की हमे मजबूरी एवं शक्ति हो उसकी नोंध लीजिये। ————- सेक्शन - B ————- 1. भारत में VVPAT क्यों लायी गयी थी ? . भारत के नेताओं को पंजे में लेने के लिए बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिक भारत में Evm लेकर आये है, और इसे हैक किया जा सकता है --- यह जानकारी पहली बार मुझे सबसे पहले संघ=बीजेपी के नेताओं से 2009 में मिली थी। तब मैं संघ=बीजेपी में काम करता था, और मैंने जितना इसे समझा, मेरा Evm से भरोसा उठ गया था। यह उस दौर की बात है तब बीजेपी=संघ के नेता 2009 के चुनावी नतीजो के बाद पूरे देश में धरने दे रहे थे, और देश के नागरिको को यह बता रहे थे, कि Evm में रिमोट से वोट बदले जा सकते है और कोंग्रेस ने Evm का इस्तेमाल करके चुनाव जीता है। तब संघ की शाखाओ एवं बीजेपी की बैठको में वरिष्ठ नेताओ द्वारा हम कार्यकर्ताओ को हमेशा यही कहा जाता था कि, कोंग्रेस ने यदि Evm में हेराफेरी नहीं की होती तो हम सरकार बना लेते !! . उस समय कोंग्रेस को 210 सीट मिली थी, और इस बात को मैंने भी नोट किया था कि देश के लोगो की एनर्जी 210 सीटो के साथ मैच नहीं हो रही थी। मेरा मतलब है नतीजो के बाद माहौल देखकर लग नहीं रहा था कि कोंग्रेस को 210 सीटो के लिए लोगो ने वोट किया है !! उस समय की खबरे एवं बीजेपी=संघ के नेताओं का तब का स्टेंड आप निचे दिए गए लिंक्स पर देख सकते है : EC rejects BJP charge about EVM malfunction . BJP to show EC how EVMs can be tampered . तब लाल कृष्ण आडवाणी भारत में लगातार Evm को हटाकर बैलेट पेपर लाने की मुहीम चला रहे थे। इसी दौरान संघ=बीजेपी के सांसद GVL नरसिम्हा राव ने डेमोक्रेसी एट रिस्क नाम से एक पुस्तक लिखी जिसमे उन्होंने इस बात को स्पष्ट किया कि Evm के रहते लोकतंत्र एक फ्रोड है !! इस पुस्तक का आमुख आडवाणी जी ने लिखा था। हालांकि संघ=बीजेपी के अन्य नेताओं की तरह ही आजकल ये भी Evm के समर्थन में है !! . तब मेहता जी और इंजीनियर श्री हरि प्रसाद जी भी Evm को कैसे हैक किया जा सकता है, दर्शाने को लेकर काम कर रहे थे। किंतु सबसे बड़ी समस्या थी कि केंचुआ अवलोकन के लिए Evm देने को राजी नहीं था। और जब तक इंजीनियर्स के हाथ में मशीन नहीं लगे तब तक मतदाताओ को यह बात समझायी नहीं जा सकती कि Evm में रिमोट से वोट बदले जा सकते है !! इन लोगो ने केंचुआ से कई बार आग्रह किया कि यदि घंटे भर के लिए Evm दी जाए तो आपके सामने ही हम इसके वोट रिमोट से चेंज करके दिखा देंगे। हम इंजीनियर है, जादूगर नहीं है। किन्तु केंचुआ ने Evm देने से इंकार कर दिया। . इसी समय मेहता जी ने इन्डियन एक्सप्रेस के मुख्य पृष्ठ पर इस आशय का विज्ञापन देने की कोशिस की कि, कैसे रिमोट से Evm के वोट बदले जा सकते है। किन्तु इंडियन एक्सप्रेस ने पहले पेज पर यह विज्ञापन लगाने से इंकार कर दिया। तब उन्होंने यह विज्ञापन तीसरे पृष्ठ पर दिया। यह विज्ञापन 31 जुलाई 2009 को दिया गया था। विज्ञापन दिल्ली, मुंबई समेत कई महानगरो के एडिशन में प्रकाशित हुआ। . विज्ञापन का लिंक : . इसी समय इंजिनियर श्री हरि प्रसाद जी ने 2010 में जिला कलेक्टर कार्यालय से एक इवीएम चुराई एवं इसका डिस्प्ले बदल कर इसके वोटो को रिमोट से बदल कर दिखाया। हरि प्रसाद जी का यह वीडियो उन्होंने यू ट्यूब पर अपलोड किया था। बदले में चुनाव आयोग ने श्री हरि प्रसाद पर काफी मुकदमे डलवाकर उन्हें फिट कर दिया। उनकी कम्पनी के कर्मचारियों का उत्पीड़न किया गया और उन पर भी मुकदमे डाले गए !! . श्री हरि प्रसाद जी द्वारा बनाया गया वीडियो यहाँ देखें - India's EVMs are Vulnerable to Fraud ( इस वीडियो के क्रेडिट में श्री राहुल मेहता जी एवं GVL नरसिम्हा राव का नाम भी देखा जा सकता है ) . तो इतना सब काण्ड होने के कारण यह बात कॉमन नोलेज में आने लगी थी कि Evm विश्वसनीय नहीं है। लेकिन बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिक Evm हटाना नहीं चाहते थे। क्योंकि इसे हटाने के बाद नेताओ की नस दबाकर रखने का एक महत्तव्पूर्ण हथियार उनके हाथ से निकल जाएगा। बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिक भारत की सभी पार्टियों एवं नेताओं को दो चीजो से कंट्रोल में रखते है - (1) मीडिया व (2) Evm . मेक ओवर करने के लिए पहले चरण में चुनाव आयोग ने हर साल इवीएम चलेंज आयोजित करना शुरू किया जिसमे वह कहता है कि आकर Evm हैक करके दिखाओ। लेकिन चूंकि केंचुआ Evm किसी को भी छूने नहीं देता इसीलिए चुनाव आयोग के चेलेंज में कोई इंजिनियर नहीं जाता। और यह बात स्पष्ट है कि बिना खोले इसे हेक नहीं किया जा सकता। . कृपया पाठक इस बात को नोट करे कि किसी भी व्यक्ति को इवीएम के साथ छेड़खानी करने का अवसर नहीं मिले तो इसे हेक नहीं किया जा सकता। इसे सिर्फ एक ही शर्त पर किया जा सकता है कि हेकर को इसे खोलने का अवसर मिले। तो केंचुआ किसी भी व्यक्ति को Evm छूने नहीं देता और अगले दिन सभी अखबारों में बड़े बड़े अक्षरों में खबर लगवा देता है कि कोई भी इंजीनियर Evm को हैक करके नहीं दिखा सका !!! . मेरा पाठक से आग्रह है कि कृपया ऊपर दिए गए पेरेग्राफ को दुबारा पढ़े और ध्यान से पढ़ें। इससे आपको पेड मीडिया की ताकत का अंदाजा होगा। केंचुआ और पेड मीडिया ने पिछले 20 साल से सिर्फ एक गलत वाक्य का इस्तेमाल करके देश के 90 करोड़ मतदाताओ को बेवकूफ बना के रखा है। और केंचुआ यह अधुरा वाक्य हजारों बार दोहराता है। . उसका अधुरा और गलत वाक्य है — Evm को हैक नहीं किया जा सकता !! ( यह झूठी बात है ) जबकि सही वाक्य है — Evm को बिना छुए हैक नहीं किया जा सकता !!! ( यह सही बात है ) . केंचुआ इतना भ्रष्ट और चालाक है कि वह हर साल Evm चेलेंज आयोजित करता है, किन्तु इंजीनियर्स को Evm छूने नहीं देता। लेकिन केंचुआ और पेड मीडिया अगले दिन यह बात छापते है कि कोई भी इंजीनियर इसे हैक करके नहीं दिखा सका !! जबकि कोई इंजीनियर वहां जाता ही नहीं है !! . ऊपर मैंने दो कार्यकर्ताओ के विवरण दिए है। ये पिछले 15 साल से केंचुआ से Evm मांग रहे है। इनका कहना है कि हमें आप 2 घंटे के लिए लाइव Evm / Vvpat दे दो। हम इसे लाइव ही हैक करके दिखा देंगे !! और जब केंचुआ इन्हें Evm नहीं देता तो ये इसे चुराते है, और बदले में केंचुआ इन्हें खामोश कर देता है !! और ये लोग कोई परचून की दूकान नहीं चलाते है !! इंजीनियर्स है। और मेहता जी ने IIT दिल्ली से कम्प्यूटर साइंस से तब इंजीनियरिंग की थी, जब भारत में कम्प्यूटर इक्का दुक्का हुआ करते थे। केंचुआ जानता है कि इन लोगो के हाथ में Evm दे दी गयी तो ये इसे हैक कर देंगे। . मेरा बिंदु है कि, जो इंसान Evm / Vvpat का कोड लिखेगा Evm / Vvpat उसी के हिसाब से नतीजे देगी। Evm / Vvpat का कोड केंचुआ लिखता है !! मतलब यदि केंचुआ और उसके सभी अधिकारी 100% ईमानदार है तो Evm सेफ है वर्ना नहीं है !! . और फिर आप सोशल मीडिया में आप ऐसे लोगो को बेहद बुद्धिमता पूर्ण डिबेट करते देखते है कि Evm सुरक्षित है !! कैसे सुरक्षित है ? क्योंकि उन्होंने यह अख़बार में पढ़ा है !!! . Anti-Evm एक्टिविस्ट्स ने मतदाताओं तक यह जानकारी पहुंचानी जारी रखी कि केंचुआ मतदाताओ को अखबारों-टीवी के माध्यम से भ्रमित कर रहा है कि Evm को हैक नहीं किया जा सकता। सोशल मीडिया के ताकतवर हो जाने के कारण कार्यकर्ताओ की बात ज्यादा तेजी से मतदाताओं तक जा रही थी। चूंकि केंचुआ मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए मीडिया का इस्तेमाल कर रहा था, इसीलिए अखबारों में भी यह बात आना जरुरी था कि केंचुआ का Evm चेलेंज एक ढकोसला है। . नवम्बर 2012 में मेहता जी ने Anti-Evm पर फिर से विज्ञापन दिया। यह विज्ञापन गुजरात समाचार के मुख्य पृष्ठ पर दिया गया था। विज्ञापनो का जिक्र इसीलिए किया जा रहा है, क्योंकि कोरा-फेसबुक पर लिखने का पैसा नहीं लगता, किन्तु इस स्तर के एक विज्ञापन पर लाखों का खर्च आता है। और विज्ञापन सिर्फ तब ही लगाए जाते है जब सूचना की गंभीरता एवं विश्वसनीयता का स्तर इतना उच्च हो कि लाखों रूपये इस पर खर्च किये जा सके। . link -- . तो 12 साल की इतनी सब उठा पटक के बाद छोटे छोटे कार्यकर्ता नागरिको के सामने यह स्थापित करने में कामयाब रहे कि केंचुआ पूरे देश को Evm के माध्यम से पूरे देश के मतदाताओं से झूठ बोल रहा है। कृपया पाठक इस बात को नोट करें कि सरकार जब भी कोई सांकेतिक सकारात्मक बदलाव लाती है तो इसके पीछे हमेशा कई सारे छोटे छोटे कार्यकर्ताओ के प्रयास होते है। ऐसे कार्यकर्ता जो मीडिया के चपेट में नहीं रहते और इस बात को जानते है कि असली लड़ाई मीडिया के साथ ही है, और ब्रांडेड नेता, सरकारे आदि मीडिया की कठपुतली एवं प्रोडक्ट से ज्यादा कुछ नहीं है । . तब मतदाताओ को और भी बुत्ता देने के लिए केंचुआ 2012 में VVPAT लेकर आया। केंचुआ को यह बात पता थी कि देश के काफी सारे एक्टिविस्ट्स Evm के पीछे लगे हुए है, अत: उसने प्राथमिक डिजाइन में कांच नहीं लगाया। फिर 3 साल बाद इसमें कांच लगाया। लेकिन तब भी मतदाता पर्ची कटते और और छपते देखता था। फिर इसे ब्लेक कांच से बदला। इस ब्लेक कांच में टोर्च की लाईट डालने से अंदर का कुछ कुछ दिखाई देता था। और फिर लोकसभा चुनावों के पहले केंचुआ ने ब्लेक कांच को अंधे कांच से बदल दिया !!! one way कांच लगाने का क्या प्रभाव हुआ है यह ऊपर लिखा जा चुका है। . तो वीवीपेट की यह लड़ाई अब शुरू हुयी है, और अगले चुनावों तक anti-evm कार्यकर्ताओ को यह प्रयास करने चाहिए कि वे वीवीपेट के फ्रोड की सूचना ज्यादा से ज्यादा मतदाताओ तक पहुंचाए। पेड मीडिया की चपेट में होने के कारण किसी मतदाता को यह बात लिखकर या बोलकर समझाना काफी मुश्किल है, अत: कार्यकर्ताओ को सभी मतदाताओ को यह सूचना देनी चाहिए कि आगामी चुनावों में जब भी वे वोट करने जाए तो इस बात को नोटिस करें कि उन्होंने वीवीपेट में पर्ची छपते या कटते देखी है या नहीं । जब वोटर खुद अपनी आँखों से इसे देखेगा तो स्वयं ही समझ जायेगा। वर्ना पेड मीडिया की गिरफ्त में रहने वाले किसी व्यक्ति को 1000 पेज लिखकर भी यह बात समझाई नहीं जा सकती। . ———— . Evm के कारण बूथ स्तर के आंकड़े सामने आने लगे जिससे तुष्टिकरण एवं बदला भंजाने की राजनीती शुरू हुयी !! . भारत में EVM का प्रयोग 1988 में उपचुनाव के दौरान प्रायोगिक तौर पे शुरू किया गया ,1996 के लोकसभा चुनावों में 12 सीट पर EVM के माध्यम से चुनाव हुए । ये वाजपेयी थे जिन्होंने बड़े पैमाने पर EVM के इस्तेमाल की वकालत की, फलस्वरूप 1998 के आम चुनाव में सभी 543 लोकसभा सीट पर EVM के माध्यम से मतदान हुआ । . 1998 से पहले मतपत्रो के माध्यम से वोटिंग होती थी। गणना के दौरान अक्रमत: ढंग से किन्ही 3 मत पेटियों के मतपत्रो को मिलाने के उपरांत गणना की जाती थी । इस विधि से की गयी गणना से बूथ वाईज़ वोटिंग को चिन्हित करना मुमकिन नहीं था । लेकिन EVM के आने से स्थिति पलट गयी । . अब चूंकि हर बूथ पर एक EVM रखी जाती है अत: हर बूथ की वोटिंग के आंकड़े चिन्हित EVM में दर्ज़ रहते है। 2010 तक चुनाव आयोग बूथ वाइज़ आँकड़े अधिकृत रूप से ज़ाहिर नहीं करता था, किन्तु अनाधिकृत रूप से सभी पार्टियों और उम्मीदवारों के पास यह आंकड़े उपलब्ध हो जाते थे। वर्ष 2010 से RTI के अधीन चुनाव आयोग ने बूथ वाइज़ आंकड़ो का खुलासा करना शुरू किया, और आंकड़े सहज उपलब्ध होने लगे। . बूथ वाइज़ आंकड़ो से अमुक पार्टी को यह सुनिश्चित जानकारी मिल जाती है कि अमुक क्षेत्र के नागरिको ने मुझे पर्याप्त मात्रा में वोट नही किया है, अत: तुष्टि करण और दमन के लिए इस पैमाने को आधार बनाया जाने लगा और राजनेतिक दलों ने कम वोट देने वाले क्षेत्रो के नागरिको से बदला भंजाना शुरू किया। . ————- सेक्शन - C ————- . 1. कोंग्रेस-बीजेपी-सपा-बसपा-आपा का Evm पर स्टेंड क्या है ? . 1998 से ही सभी बड़ी पार्टियों एवं ब्रांडेड नेताओं का एक ही स्टेंड है --- जब चुनाव हार जाओ तो मजमा बनाने के लिए Evm को कोसना शुरू करो !! और जब सत्ता में आ जाओ तो Evm का समर्थन करने लगो !! . सबूत ? . भारत में पिछले 20 साल में आज तक किसी भी बड़ी पार्टी के किसी भी सांसद ने संसद में Evm को रद्द करके बेलेट पेपर लाने के लिए बिल नहीं रखा है। केजरीवाल जी और मायावती भी Evm के खिलाफ रहे है। मायावती के पास लोकसभा में दर्जनों सांसद रहे है। और आम आदमी पार्टी के पास भी पिछली लोकसभा में 4 सांसद थे। किन्तु इनमे से किसी भी पार्टी के किसी भी सांसद ने संसद में कोई बिल नहीं रखा !! और कोंग्रेस ने भी नहीं रखा !! . 2. सोनिया जी, मोदी साहेब, केजरीवाल जी, मुलायम सिंह जी, मायावती आदि के समर्थको एवं अंध भगतो का Evm पर क्या स्टेंड है ? . नेताओं के समर्थको एवं अंध भगतो का सेपरेट कोई स्टेंड नहीं होता। जो उनके नेता का स्टेंड होता है, वही उनका स्टेंड हो जाता है। मतलब इस समय यदि आप सोनिया जी के भगतो से पूछेंगे तो वे कहेंगे कि Evm को हैक किया जा सकता है, किन्तु यही भगत 2014 से पहले तक नागरिको को यह विश्वास दिलाने में लगे रहते थे कि Evm एकदम सुरक्षित है !! अन्य नेताओं के भगतो का भी यही हिसाब है। . 3. सुप्रीम कोर्ट का Evm पर क्या स्टेंड है ? . मेरी मान्यता में भारत की सबसे भ्रष्ट संस्था सुप्रीम कोर्ट है। जजों को मैं भारत के सभी स्तर के सभी प्रकार के भ्रष्टाचार की गंगोत्री मानता हूँ। Evm पर सुप्रीम कोर्ट के भ्रष्ट जज Evm के मुद्दे पर लगातार आती हुयी आपत्तियों की सुनवाई करके पिछले 20 साल से टाइम पास कर रहे है, ताकि Evm को शुरू रखा जा सके। जब भी कोई PIL दायर होती है केंचुआ सुप्रीम कोर्ट के भ्रष्ट जजों को जाकर कहता है कि, Evm एकदम सुरक्षित है, और सुप्रीम कोर्ट के भ्रष्ट जज मान लेते है। . उन्होंने कभी भी केंचुआ को नहीं कहा कि -- आपकी Evm को अवलोकन के लिए सार्वजनिक करो और इंजीनियर्स को इसे हेक करने का अवसर दो !! भ्रष्ट केंचुआ भ्रष्ट सुप्रीम कोर्ट दोनों ही संवेधानिक

Arun

बातो बातो मे सीधी बात करूंगा तो बात को समझ पाओगे, घुमा फिरा के कह दूंगा तो बात को छोड जाओगे। बात जो ना हो पाएगी तो बातों पर शक आएगा, बात जो हा हो पाएगी तो बातों पर नाता जोडेगा। पुकार दिल की बात बातो की गहन सच्चाई, हुंकार बातों का शोर बातो की बेबस लाचारी। ..................................अरुण राऊत

Arun

प्रलयांस म्हणे युद्धाचे सावट आहे भीतीचे अवडंबर आहे व्याकुळ मनाचा शोक आहे मनातील खुसपाट आहे आजचे उद्यावर ढकलत ऐरणीचा प्रश्न तोंडावर राजकारणाची माजुरडी थिट्या कायद्याच्या जोरावर म्हणे लोकशाही महत्त्वाची म्हणे रिपब्लिक डेमोक्रॅटिक युद्ध विलंबात गारठलाय अन उत्तराचा प्रश्नच पावलाय .....................................अरुण राऊत

Bhavna Bhatt

ચેટીચંદ નો વરઘોડો

સુરજબા ચૌહાણ આર્ય

મિત્રો હાલ મને લખવાનો ટાઈમ નથી મળતો કારણ મારા જેઠાણીને ફેક્ચર થઇ ગયું છે. એટલે બે ઘરનું કામ મારે કરવાનું હોય છે. બે ફેમિલી માં 11 જણ છીએ એટલે આખો દિવસ કામ ચાલે. મને કોઈ તકલીફ માં હોય એની મદદ સેવા કરવી બહુ ગમે બે ઘરના કચરા, પોંછા, વાસણ, કપડાં, રસોઈ બધું હું એકલી કરું, સવારે 6 વાગ્યાં થી 3 અને સાંજે 5 થી 10:30 સુધી કામ ચાલે ફોન તો મારા હાથમાં દરોજ રાતે 11:47 આવે મેં સ્ટેટ્સ માં પણ એ જ રાખ્યું છે કે અત્યારે હું જીવતાં ભગવાન ની સેવામાં વ્યસ્ત છું એટલે પથ્થર પૂજવાનો ટાઈમ નથી. શુભરાત્રી 🙏🏼

સુરજબા ચૌહાણ આર્ય

મારા બે સાવજ 🦁🦁 આર્યવર્ધનસિંહ અને અધ્યયનસિંહ

Meena Parmar

પીડા એ નિશાની છે કે તમે જીવંત છો સમસ્યા એ સકેત છે તમે મજબૂત છો પ્રાથૅના એ નિશાની છે કે તમે એકલા નથી ... - Meena Parmar

aakanksha

बारिश और यादें पहली बारिश अक्सर बीमार कर देती है, दूसरी में वो पहली सी महक नहीं रहती। कुछ एहसास भी मौसम जैसे बदल जाते हैं, दिल वही रहता है, मगर धड़कन वही नहीं रहती।

Meena Parmar

છલકાય નહી લાગંણી એમ ચાલ મળીએ નયંનો માં અનરાધાર પલળીએ મોસંમ નથી વરસાદ ની તો શુ થયું ધુમ્મસ ની છે વાત ચાલ ને ઓગળીએ... - Meena Parmar

Ajit

😭😭😭😭😭😭😭😭😭🙏🙏🙏🙏🙏🙏

Narendra Parmar

मतलबी इंसान से मतलब ही रखिए उसे अपना बनाकर ख़ुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मत मारिए ।। नरेन्द्र परमार ✍️

Abha Dave

विश्व रंगमंच दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🙏 अभिनय ------------- विशाल धरा पर अपने -अपने किरदार सभी निभा रहे हैं पर रंगमंच पर आकर कलाकार अपना अभिनय दिखा रहे हैं रंगमंच पर हर एक भाव को बड़ी ही खूबी से पेश करते हैं अपने हावभावों से सभी को वो अपना बना रहें हैं। इतना आसान नहीं होता है रंगमंच पर अभिनय करना अपने आप को भूलकर किरदारों को आत्मसात करना तन -मन में कितना ही दुख दर्द छुपा हो करते हैं ये अभिनय में कमाल ये ठान लेते हैं अपने आप को भूलकर शानदार अभिनय है करना। विश्व रंगमंच दिवस समर्पित है सभी कलाकारों को जो नयी शक्ति भरता है नये अभिनय के जानकारों को सभी बधाई के पात्र हैं अपने अभिनय के जो साथ हैं इसी तरह आगे बढ़ते हुए आकषिर्त करतें रहें सभागारों को। आभा दवे मुंबई

રોનક જોષી. રાહગીર

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Nilesh Rajput

अगर मैं न कह सकूँ कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ तो देखना मेरी गैलरी में छुपे उन फोटो को जिन्हें मैं दिन में कितनी दफ़ा देखता हूँ.. पढ़ना मेरे WhatsApp के वो हर मैसेज जहाँ हमने एक साथ मिलकर सपने साकार करने के वादे किए थे.. scroll करना मेरे हर वो reels जो मैंने save करके रखे है पर तुम्हें send करने की कभी हिम्मत नहीं कर पाया... सुनना वो हर गाने जो मुझे तेरा होने का अब तक एहसास कराती है.... अगर फिर भी न जान सको मेरा प्यार को तुम, तो मिलना अगले जन्म में जहाँ मैं बताऊँगा कि आखिर प्यार क्या होता है?

Jyoti Gupta

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Irfan Khan

मातृभारती पर मुझे फॉलो करें, https://www.matrubharti.com भारतीय भाषाओमें अनगिनत रचनाएं पढ़ें, लिखें और सुनें, बिलकुल निःशुल्क! nafrat ki aag ya whood ki talash matrubharti 32 chepter maujood hai sare chepter padne ke liye wha jaye

S King

That old city, those old friends, those old dreams—I lived them all once again today. In the span of just a few fleeting moments of reunion, I relived my entire childhood. Just like the sound of my mother's slippers calling me home, the phones began to ring—and I had to leave the gathering behind. Not knowing when we would ever meet again, I nonetheless left with a promise to see them very soon

S King

I want to let how I feel, you know but I am scared how the talks might grow, what the world might say, when they see flamingo flying with a crow. I might be really stupid, to ever think about me with you, but still it feels great to see dreams, that might never come true.

S King

जिस रात फ़लक पर चाँद का चेहरा नहीं होता, मेरा दिल तेरी याद में एक पल नहीं सोता। बस वही तो एक ज़रिया है तुझसे रोज़ मिलने का, वरना इस अंधेरी रात में सुकून कहीं नहीं होता। ✅✅✅✅🥰🥰🥰

SARWAT FATMI

माँ ❤️ आज एक बात समझ आई… माँ एक शब्द नहीं, सिर्फ एक रिश्ता नहीं, वह हमारे लिए पूरी दुनिया है… बल्कि यूँ कहें, हमारी दूसरी दुनिया है। वह हमें सिर्फ जन्म नहीं देती, हर रोज खुद को मिटाकर हमें बनाती है। उसकी नींद अधूरी रहती है, पर उसकी दुआएँ कभी अधूरी नहीं होतीं। माँ हमारी पहली आवाज, पहला सहारा और आख़िरी उम्मीद होती है। जब दुनिया हम पर उंगलियाँ उठाती है, तो माँ ढाल बनकर खड़ी हो जाती है। जब हर रिश्ता साथ छोड़ देता है, तो माँ खामोशी से हमारा हाथ थाम लेती है। वह टूटती तो है, पर बिखरती नहीं, रोती भी है, पर अपने आँसू छुपा लेती है। माँ कोई शब्द नहीं… वह हमारी पूरी कायनात है। खुद अधूरी रहकर भी हमें पूरा कर देती है। ❤️ Love you Maa ❤️ 🥰 Sarwat Fatmi 🥰

Nandani

प्रेम ऐसा हो,, मेरी चंचल सी नादानियों में, तुम्हारी गहरी सी समझ हो,, यूं घूरने वालों की कगार में, तुम्हारी निहारने वाली नज़र हो।। ❤️ 👀

SARWAT FATMI

माँ आज एक बात समझ आई मां एक शब्द नहीं, या सिर्फ एक रिश्ता नहीं वह हमारे लिए पूरी दुनिया है यही कह सकते हैं या यह कह सकते है की दूसरी दुनिया है वह हमें सिर्फ जन्म नहीं देती है हर रोज खुद को मिटा कर बच्चों को बनाती है उसकी नींद अधूरी रहती है पर दुआएं कभी अधूरी नहीं होती माँ पहली आवाज, पहली सहारा और आखिरी उम्मीद होती है जब कभी दुनिया हम पर उंगलियां उठाने लगती है तब माँ ढाल बनकर खड़ी हो जाती है जब हर कोई रिश्ता छोड़ दे तो वह बड़े ही खामोशी से हमारे हाथ थाम लेती है हालांकि वह टूट जाती है पर बिखरती नहीं रोंती तो है पर आंसुओं को छुपा लेती है माँ शब्द नहीं वह हमारी पूरी कायनात है खुद अधूरा रह कर भी हमें पूरा कर देती है ❤️love you MAA❤️ 🥰Sarwat Fatmi🥰

Kiran

दुनिया सूरत देखे मेरी , मुझे सीरत देखने वाला चाहिए।

kattupaya s

Goodnight friends.. sleep well

ek archana arpan tane

જો ઉઠી જાઉં મારી જ ઠાઠડી પર તો મારાં મોત પર પોક મૂકીને રડનારાં જ જીવવાં નહીં દે. - ek archana arpan tane

Falguni Dost

મારા ચહેરા પરથી હૃદયના ભાવ કળી શકો તો જાણું, દોસ્ત! હસતી આંખની પાંપણે રહેલ કોરા આંસુ જોઈ શકો તો માનું. - ફાલ્ગુની દોસ્ત વિશ્વ રંગમંચ દિવસની ખૂબ ખૂબ શુભેરછા 🙏🏻

Shefali

#shabdone_sarname__

Sneha Gupta

✨जीवन के सच्चे शिक्षक✨ बरसाती बूंदों ने अनुशासन सिखाया, बहती नदियों ने व्यवहार और शीतलता। समय ने अपनी कीमत समझाई, और कठिनाइयों ने दी हमें हिम्मत की ताकत। written by Sneha Gupta

Soni shakya

रेत पर पड़ी है आज मेरे एहसासों की खामोश कश्तियां..! कभी हम भी दिल- ऐ-समुंदर के मालिक हुआ करते थे..!! 🍁🍁 - Soni shakya

Kaushik Dave

કૌશિક દવે - Kaushik Dave

Kaushik Dave

કૌશિક દવે - Kaushik Dave

Sonam Brijwasi

“मेरी मोहब्बत नरम भी है, और खतरनाक भी, तुझे पाने की चाहत सच्ची है, पर जुनून बेहिसाब भी… तू दूर हुई तो दुनिया से लड़ जाऊँगा, क्योंकि तू ही मेरी आदत है, और मेरी ज़िंदगी का हिसाब भी…”

Rahul Agarwal

जादुई माला एक गरीब लड़की थी रतना जंगल में उगने वाले फूलों के पौधों से फूल चुनकर उनकी माला ब्लॉक बनाकर बेचा करती थी इसी से रत्न और उसकी गरीब मां का गुजारा चलता था जब रतना चार साल की थी तभी उसके पिताजी एक बीमारी में चल बसे और गरीब रत्न अपनी मां के आंचल की छांव में पली बड़ी रतना की यह खूबी थी कि वह जंगल में नीचे गिरे हुए फूलों को ही चुनती थी कभी भी किसी भी पौधे से फूल नहीं तोड़ती जमीन पर पड़े हुए फूलों को चुनकर लाती और उनकी माला बनाती जंगल में पाए जाने के कारण वह फूल बहुत ही ज्यादा ताजा और खुशबूदार होते थे रतना की माला दिनों दिनबिक जाती एक दिन रतना की टोकरी में पता नहीं क्या कारण था कि कोई भी माल नहीं बिक पाई उसे दिन वहां के मंदिर में भी भीड़ बहुत कम थी जहां पर रतन का गांव था और रतना उसका तो रोज का काम था माला बनाकर शाम को मंदिर के बाहर ले जाकर बेचना उसी से उन बेचारी मां बेटी का घर चला था उसकी मां लोगों के घरों में छोटे-मोटे कम कर दिया करती थी जैसे झाड़ू काटा बर्तन भांडा रतना अपनी बनाई हुई मालाओं म से एक माला अपनी मां और अपनी तरफ से अपने पिताजी की याद में भगवान को जरूर अर्पण करती और तभी अपनी छोटी सी दुकान लगती मंदिर के किनारे पर बैठकर जहां और भी दूसरे दुकान वाले अपनी दुकान लगाते थे जैसे अगरबत्ती प्रसाद फूलों की तो और भी दूसरी कहानी दुकान थी पर रतना के फूलों की माला की तो बात हीअलग थी जंगल के सबसे गहरी हिस्सों में जाती थी वह अपनी माल के लिए फूल चुने तभी तो रोज इतने ग्राहक आते थे पर वक्त रहते हैं ना कभी एक जैसा नहीं रहता जहां रोज ग्राहक आते थे वहां पर आज पता नहीं कोई भी ग्राहक क्यों नहीं आ रहा था सूर्यास्त होने लगा था दिन ढलने लगा था रात होने को आई और माला वह तो एक भी नहीं दिख पाई बेचारी रतना की इतने में पुजारी जी पास आए पर बोले बेटी आज क्या यहीं पर रहने का इरादा है तुम्हारी मां घर पर तुम्हारे लिए चिंता कर रही होगी तुम घर क्यों नहीं चली जाती रतना हर रोज भगवान के दर्शन करने के बाद उनका प्रसाद भी लेती थी और वह भी मां बेटी के पेट भरने में काफी हद तक काम आ जाया करता था और आज उसने प्रसाद लिया और भगवान के पास जाकर आंखों में आंसू भरकर बोली भगवान आज क्या एक भी ग्राहक नहीं आएगा अंधेरा होने आया है पर आज तो बोनी भी नहीं हुई मेरी रोज कुछ कमाई हो जाती थी जिस घर के लिए थोड़ा बहुत राशन लेकर चली जाती थी पर लगता है आज तुम फिर से मेरी परीक्षा लेने की तैयारी कर रहे हो अगर तुम्हारी इच्छा है कि आज हम मां बेटी भूखे रहे तो ऐसा ही सही इतना बोलकर रतना जाने ही लगी थी मंदिर लगभग सुनसान हो गया थ

Rahul Agarwal

क्या कोई कहानी लिख सकता हूं

PRASANG

ख़ुद की ताक़त। ख़ुद पे यक़ीं हो तो अँधेरे भी साथ चलते हैं, हिम्मत की रौशनी में हालात साथ चलते हैं। मन में अगर लगन हो, राहें स्वयं निकलतीं, परिश्रम के बल पे सारे विचार साथ चलते हैं। तूफ़ाँ से जो घबराए, ठहर जाए किनारे पर, दरिया तो हौसलों से हर वार साथ चलते हैं। अपने को जो पहचानें, सबसे बड़ी वो शक्ति, उसी के सहारे सब नतीजे साथ चलते हैं। गुमनाम सा वजूद भी ऊँचाइयाँ छू लेता, भरोसे के दम पर जज़्बात साथ चलते हैं। जग ये दर्पण सा है तेरे अपने विश्वास का, जितना दृढ़ यक़ीं, उतने रंग साथ चलते हैं। "प्रसंग" ये सोच जब दिल में जगह बना ले, सपनों के संग फिर तो सच साथ चलते हैं। - प्रसंग प्रणयराज रणवीर

Kaushik Dave

મારા રામજી મારા રામજી, તારા શરણે આવું છું, દુઃખી જગતમાં હું વસુ છું,મદદ કરો રે. મારા રામજી... ઠોકર મારે છે આ દુનિયા, મને ઉગારો રે, મારા રામજી, તારા શરણે આવું છું. પાપી છે આ જગતમાં, હવે અંત આણો રે, મારા રામજી, તારા શરણે આવું છું. વિષ ભરેલી આ દુનિયાને, અમૃત આપો રે, મારા રામજી, તારા શરણે આવું છું. આશાનું તું કિરણ છે,ઉજાશ દેખાડો રે, મારા રામજી, તારા શરણે આવું છું. કરૂણાના તમે સાગર છો, હવે દયા કરો રે, મારા રામજી, તારા શરણે આવું છું. - કવિ કૌશિક દવે રામનવમી પર્વની શુભકામનાઓ 💐 જય શ્રી રામ 🙏 ૨૬ વર્ષ પહેલાં લખેલી મારી રચના ' મારા રામજી '

Kaushik Dave

૨૦ વર્ષ જૂનો, ધૂળ ખાઈને પીળો પડેલો, એક પત્ર આજે, પત્નીના હાથમાં ચડેલો. અક્ષરો તો જાણે, કીડીઓએ કીચડમાં ડાન્સ કર્યો, કૌશિક દવેએ, કોરા કાગળનો પૂરો અહેસાન ભર્યો! ખૂણેખાંચરે, આડાઅવળા, અક્ષરો ગોઠવ્યા, જગ્યાના સદુપયોગના, કીર્તિમાન નોધાવ્યા. હાશ.. એ ભણીગણીને થઈ છે ગ્રેજ્યુએટ, પણ પત્ર ઉકેલવામાં, એનું મગજ થઈ ગયું 'ડેટ'! પત્રમાં શું લખ્યું હશે? "લાગણીથી ભરેલો, આ પત્ર તને લખું છું, પણ નીચે જગ્યા ખાલી છે, એટલે હિસાબ ટાંકું છું. ધ્યાન રાખજે ઘરવાળી! આ તો કૌશિક દવે છે, જે લાગણીના પત્રમાં પણ, રેશિયો (કરિયાણા)નો હિસાબ લે છે! પોસ્ટકાર્ડ આખું, ખૂણેખૂણા સુધી ભરાયું, પ્રેમ ઓછો ને, પૈસા બચાવવાનું જ્ઞાન વધુ પીરસાયું. ૨૦ વર્ષ પછી પણ, આ પત્ર મનોરંજન પૂરું પાડે છે, 'પૈસા વસૂલ' જિંદગીની, એક ઝલક દેખાડે છે!" - કૌશિક દવે

Monika Gupta

"अक्स मेरा भले ही खाक हो जाए, पर रूह में तेरी प्यास रहे, दुनिया रूठे तो रूठ जाए महादेव, बस तेरा हाथ मेरे पास रहे।" 🔱 सून्यांश ✨ - Monika Gupta

Chaitanya Joshi

અટકવાનું નથી મંજિલ હજી દૂર છે. ભટકવાનું નથી મંજિલ હજી દૂર છે. પ્રલોભનો તો રસ્તામાં આવેય ખરા! વશ થવાનું નથી મંજિલ હજી દૂર છે. કેટલો પથ છે બાકી ધ્યાન કેન્દ્રિત કરો, પાછું વળવાનું નથી મંજિલ હજી દૂર છે. જુસ્સો ના ઓગળવો જોઈએ ક્યારેય, કોઈથી ડરવાનું નથી મંજિલ હજી દૂર છે. સફળતા શોધશે તમને હાથ દીવો ધરીને, જરાય ડગવાનું નથી મંજિલ હજી દૂર છે. - ચૈતન્ય જોષી. ' દીપક ' પોરબંદર.

Shefali

વિશ્વ રંગમંચ દિવસની શુભકામના 💐 #shabdone_sarname__

Shraddha Panchal

थोड़ी हया तो होनी चाहिए इन आँखो में , थोड़ी तमीज़ तो होनी चाहिए बातो में, रुतबा किसका कितना है क्या करना रास्ते तो गिले हो ही जाते है बरसात में, थोड़ा लहझा संभाला करे तो अच्छा है नफ़रत में घर तक जल जाते है बातो में, फुर्सत किसको है किसी की मुलाक़ात की यहाँ चेहरे तक पहचाने जाते है हालातों में , थोड़ा नरमी रखा करिए ‘बिना रंग बदले फिर देखिए लोग भीग जाते है जज्बातों में .❤️

Avinash

💥🙏

Imaran

अच्छा लगता है तुम्हारा नाम हमारे नाम के साथ, जैसे जुड़ गई हो कोई सुबह किसी हसीन शाम के साथ। 🤎🩵imran 🤎🩵

Avinash

🫰🏻❤️

Bhavika Rathod

✨ “वो लड़की” ✨ वो लड़की साधारण सी नहीं, उसमें छुपी है एक कहानी, खामोश रहकर भी जो बोले, आंखों में उसकी एक रवानी। गिरकर भी हर बार संभलती, आंसुओं को हंसी में ढालती, दुनिया चाहे कुछ भी कह दे, वो खुद पर यकीन संभालती। कमज़ोर समझा जिसने उसको, वही आज हैरान खड़ा है, उसकी हिम्मत, उसके हौसले, हर मुश्किल से बड़ा है। ना किसी का सहारा मांगे, ना खुद को कभी वो रोके, अपने सपनों की उड़ान में, हर बंदिश को पीछे छोड़े। वो लड़की है आग भी और नूर भी, खामोशी में छुपा एक शोर भी, जिस दिन खुद को पहचान लेगी, बन जाएगी वो अपनी ही दौर की दौड़ भी।

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