Gujarati Whatsapp Status | Hindi Whatsapp Status
Parag gandhi

• *શબ્દો જ સંબંધો શણગારે* • *શબ્દો જ સંબંધો સળગાવે*

kajal jha

यादों की बारिश में भीगता हूँ अकेला, तेरी कमी ने दिल को चुपके से तोड़ा। रातें कटती हैं आंसुओं की नदी में, काश तू लौट आए, ये ज़ख्म भर जाए। - kajal jha

Soni shakya

🙏🙏सुप्रभात 🙏🙏 🌹 आपका दिन मंगलमय हो 🌹

kattupaya s

Good morning friends.. it's another cloudy day. stay chill

Dinesh

🙏*જય બાબા સ્વામી*🙏 *આજનો સુવિચાર* જીવનમાં આવતી સમસ્યા એક સંકેત છે કે તમે મજબૂત છો. *શુભ સવાર*

ek archana arpan tane

સપના નો એક છોડ રોપ્યો હતો પણ ના જાણે એ કેમ સુકાઈ ગયો એની ગેરહાજરી બહુ જ સાલે છે. - ek archana arpan tane

Raven hart

#kannada #poem #kavite #mywords

Abantika

​"प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम"🩷 पढ़िए "सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ने के लिए क्या प्यार की बलि देना ज़रूरी है?" पर समय का पहिया घूमता है और हिसाब बराबर करने के लिए वापस आता है।

Abantika

पढ़िए मेरी नयी रचना मायाजाल 🖤 (The Professional Brides) "मीठी बातों का ज़हर और लालच का फंदा—यही है इन शातिर दुल्हनों का गंदा धंधा।" 🐍

Ravi Bhanushali

subscribe kare matru bharti youtube channal ko lakho me views subscriber de aur orignal content ko protsahan de vulgarity bhare content me views aa sakte he to fir fresh aur achhe content par views kyu nai . is liye please subscriber kare youtube par matru bharti youtube channal ko aur bel icon ko jarur dabaiye

MOU DUTTA

জীবন কোনো রূপকথা নয় তবু মনে হয় তুমি থাকলে রূপকথার চেয়েও বেশি সুন্দর হতো। জীবন কোনো পরিপূর্ণ নয় কিন্তু তুমি থাকলে শূন্যস্থান টা পরিপূর্ণ হয়ে যেত। জীবন কোনো অনাকাঙ্খিত ঘটনা নয়,তবু যদি তোমায় পেতাম ঘটনা গুলো সুন্দর স্মৃতি ভেবে বুকে জড়িয়ে ধরে রাখতাম। যদি তুমি আমার হতে দুটো চাঁদ পেয়ে আমার জীবন আলোয় আলোকিত হয়ে যেতো। যদি তুমি আমার হতে একটা হাত হৃদয়ের মাঝে স্থায়ী ভাবে আগলে রাখতাম। যদি তুমি আমার হতে আমার কষ্টের দিনে তোমার কাঁধে মাথা রেখে মুছে ফেলতাম সকল রাগ অভিমান। সত্যি তুমি যদি আমার হয়ে গোধূলি লগ্ন গুলো আরো বেশি সুন্দর হতো। আর যদি তুমি আমার হতে বুকের মাঝে একটা মাথা হয়তো শান্ত ভাবে তার ক্লান্ত চোখে ঘুম আর মাথায় ভালোবাসার পরশ নিয়ে জীবন টা অবলীলায় কেটে যেতো।যদি সত্যি তুমি আমারই হতে তো।❤️‍🩹 মৌ 🖋️

bhagwat singh naruka

लाख कोशिश करके देख लिया तुमने, लेकिन हम गिरे नहीं। आँधियाँ बहुत आईं हमारी राह में, मगर हमारे इरादे कभी झुके नहीं। ताने, साज़िशें, और चालें भी कम न थीं, फिर भी अपने वजूद से हम डिगे नहीं। आज खामोश हैं तो इसे कमज़ोरी मत समझना, वक़्त आने पर साबित करेंगे — हम टूट सकते हैं, पर कभी गिरे नहीं। writer bhagwat singhnaruka

bhagwat singh naruka

कसूर तुम्हारा नहीं, ये तो वक़्त का ही खेल था, शिकायत तुमसे नहीं, अपने आप से है जो सच समझने में देर हो गई। तुम वही थे जो पहले दिन थे, बस मेरी नज़र को पहचानने में थोड़ी देर हो गई। मैं हालात को दोष देता रहा उम्र भर, और भूल गया कि कई बार गलतियाँ ख़ामोशी से खुद से भी हो जाती हैं। आज समझ आया है सब कुछ, पर अफ़सोस यही है कि समझ आने तक कई अपने दूर हो गए। writer bhagwat singhnaruka

bhagwat singh naruka

बदन मेरा मिट्टी का, साँस मेरी उधर है, जहाँ जीवन थमता है और मृत्यु का अर्थ उभरता है। मृत्यु अंत नहीं, एक ठहराव है बस, जहाँ थकी हुई आत्मा अपने बोझ उतारती है। जीवन ने जो सवाल दिए, मृत्यु उन पर विराम लगाती है, ना जीत, ना हार — बस एक पूर्णता सिखाती है। आज जी रहा हूँ तो सीखने के लिए, कल जाऊँगा तो मिट्टी में मिलकर फिर से सृजन बन जाने के लिए। क्योंकि जीवन यात्रा है, और मृत्यु घर वापसी। writer bhagwat singhnaruka

bhagwat singh naruka

मृत्यु घर वापसी है, जहाँ कोई सवाल नहीं, कोई बोझ नहीं। जहाँ नाम, पहचान, हार–जीत सब यहीं छूट जाते हैं। वहाँ न कोई शिकायत रहती है, न किसी से कोई गिला, बस एक गहरी ख़ामोशी होती है जो हर थकान को सुला देती है। जीवन में जो अधूरा रह गया, मृत्यु उसे पूरा नहीं करती, बस स्वीकार करना सिखा देती है कि सब कुछ यहीं समाप्त नहीं होता। मिट्टी से आए थे, मिट्टी में मिल जाएँगे, पर इस बीच जो प्रेम, जो करुणा, जो स्मृति छोड़ जाएँ— वही हमारी सच्ची साँस बनकर ज़िंदा रह जाती है। writer bhagwat singhnaruka

bhagwat singh naruka

अपने दिमाग़ से ये फ़ितूर निकाल देना, तुम साथ ना दो तो हम कदम उठा ना सकेंगे — ये वहम निकाल देना। हमने रास्ते खुद बनाए हैं तन्हाइयों के जंगल में, किसी के सहारे चलना हमारी आदत नहीं। तुम साथ थे तो अच्छा था, नहीं हो तो भी चल लेंगे, हौसला उधार नहीं लिया जाता ये बात समझ लेना। हम रुकते नहीं किसी के इंतज़ार में, बस रिश्तों को ज़बरदस्ती घसीटना छोड़ देना। writer bhagwat singhnaruka

bhagwat singh naruka

बहुत सजाया-सँवारा करता था इस बदन को, कपड़े, ख़ुशबू, आईना — सब अपना लगता था। जब ये राख हुआ तो समझ आया, कि जो अपना समझते थे, वो सब यहीं रह गया। ना साथ गया हुस्न, ना नाम की पहचान, मिट्टी ने बस मिट्टी को अपनाया और हर गुमान यहीं रह गया। ज़िंदगी भर जिस देह को सब कुछ समझते रहे, अंत में वही देह एक मुट्ठी राख बनकर इस संसार में ही रह गया। यही सच है — हम नहीं रहते, बस हमारे निशान कुछ देर तक यहीं रह जाते हैं। writer bhagwatSinghnaruka

Prajapati Pintu

Badu hu tamne bav j love karu chhu તમે મારા જીવ છો દુનિયામાં તમારા સિવાય બીજું કોઈ નથી ભગવાન થી પણ વધારે તમે ચાહુંછું અને પ્રેમ પણ એટલો જ કરું છું આવર્ષે મેં જેટલી પણ ભૂલ કરી હોય અને આજ ની ભૂલ પણ આવી ગઈ હું તમને બેસ્ટ ગિફ્ટ એ આપીશ કે તમને દુઃખ લાગે એવું કોઈજ કામ હું નહી કરું હું Badu really sorry and love 💕 you so much... Misss you tamne bavj yaad karu chhu  Badu hu tamne bav j love karu chhu તમે મારા જીવ છો દુનિયામાં તમારા સિવાય બીજું કોઈ નથી ભગવાન થી પણ વધારે તમે ચાહુંછું અને પ્રેમ પણ એટલો જ કરું છું આવર્ષે મેં જેટલી પણ ભૂલ કરી હોય અને આજ ની ભૂલ પણ આવી ગઈ હું તમને બેસ્ટ ગિફ્ટ એ આપીશ કે તમને દુઃખ લાગે એવું કોઈજ કામ હું નહી કરું હું Badu really sorry and love 💕 you so much... Misss you tamne bavj yaad karu chhu  - Prajapati Pintu

bhagwat singh naruka

आज तेरा मेरे ख़्वाबों में फिर से आना हुआ, ना सोचा था, ना चाहा था, फिर भी तेरा सामना हुआ। क्यों आती हो तब, जब याद भी नहीं करता, जब दिल ने ज़िद छोड़ दी हो और ज़ख़्मों ने सोना सीखा हो। दिन में तो संभाल लेता हूँ खुद को किसी तरह, पर रात की ख़ामोशी में तुम्हारा यूँ लौट आना हर सब्र को तोड़ जाता है। अगर जाना ही था तो ख़्वाबों तक क्यों चली आती हो, या फिर बता दो — क्या सच में कोई रिश्ता कभी पूरी तरह ख़त्म हो पाता है? writer bhagwatSingh naruka

kattupaya s

https://youtube.com/shorts/OoBx62s8h6E?si=foAmLaZx7vZ_dhdj

kattupaya s

https://youtube.com/shorts/UjGPHS4XgFA?si=J9z8kDNPzBNlZ3_q

kattupaya s

https://youtube.com/shorts/ItfO1G-2b68?si=krzj7PVGp8k-A9BN

Prateek

https://www.matrubharti.com/book/19987331/mafia-king-ani-niragas-ti-2

kattupaya s

ok guys today iam little bit emotional. see u later.. goodnight once again

kattupaya s

whatever iam writing is based on my personal experience . it doesn't indicate any individual or group of people. don't get offended..

S A Y R I K I N G

मेरे इश्क़ के आगे मेरे घर के मसले पड़े हैं कोई साथ नहीं देता मेरे मसले बहुत बड़े हैं..!!

kattupaya s

waiting for someone you care is not wasting time. time you spend for them called understanding life together

kattupaya s

feeling lonely is better than in a toxic relationship.

kattupaya s

when you show your love to the wrong ones you have to face tears forever.

kattupaya s

time and love cure many things. I try to forget my past daily. but the wounds remembering them.

ज़ख्मी__दिल…सुलगते अल्फ़ाज़

ye Jo yaha par meko DM kar rahe hain unko ek jankari Dena chahunga ki aapke messages ka jawab dene ke liye meko membership leni padegi, aur Main is ghatiya se app par paise kharch karne wala hun nahin ittu 🤏🏼 sa bhi nahi, to kahana yah tha ki dusra option bhi hai aap post per comment ke jariye bhi apni baten rakh sakte hain..✍🏼✅

kattupaya s

Goodnight friends.. sweet dreams

Sudhir Srivastava

थल सेना दिवस (15 जनवरी) पर विशेष स्वयं से पहले सेवा  ********** मोहन सिंह के नेतृत्व में उन्नीस सौ बयालीस को  स्थापित भारतीय राष्ट्रीय सेना। जिसे भारतीय सेना दिवस के रूप में  पंद्रह जनवरी को मनाए जाने के पीछे  जनरल करियप्पा कारण हैं, क्योंकि इसी दिन उन्होंने  भारतीय सेना की कमान संभाली थी, तब से यह दिवस खास हो गया। इस दिन देश भर में जगह-जगह  विभिन्न कार्यक्रमों के साथ दिल्ली में  भव्य परेड का आयोजन  करियप्पा परेड ग्राउंड पर किया जाता है, सेना के हथियारों - उपकरणों का प्रदर्शन कर  अपनी सैन्य क्षमता का मौन संदेश समूचे विश्व को दिया जाता है, थल सेना के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान का यशोगान किया जाता है। मगर हमारी सेना का उद्देश्य भी  अत्यंत पावन- निर्मल और साफ है  'स्वयं से पहले सेवा' ही का सूत्र  अपने आप में बड़ा खास है। इस सर्व-स्वयंसेबी बल में सक्रिय रक्षा कर्मियों का  अस्सी फीसद से अधिक का हिस्सा है, हमारी सेना का स्थायी बलों में विश्व में दूसरा स्थान है, जिसमें लगभग बारह लाख सक्रिय  और दस लाख आरक्षित सैनिक का खुला आसमान है। जिस पर हर भारतवासी गर्व करता है  जिसके कारण वह घरों में चैन से होता है। हमें अपने जाँबाज सैनिकों पर नाज है जिनके लिए मातृभूमि ही सिर का ताज है, जो मातृभूमि की रक्षा के लिए  कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते हैं, सिर पर कफ़न बांधे, हथेली पर जान लेकर चलते हैं  प्राणों का आहुति देने से भी पीछे नहीं हटते हैं, अपनी भारत माता की आन-बान-शान के लिए  किसी भी हद तक जाने के लिए  हमेशा तैयार रहते हैं। आज जल सेना दिवस पर हम उनका  बधाइयां शुभकामनाएं देते  सार्वजनिक अभिनंदन करते हैं, जय हिन्द, वंदेमातरम, भारत माता की जय का  जयघोष कर गुणगान करते हैं, अपनी सेना के शौर्य, प्रराक्रम, वीरता पर  हम सब भारतवासी अभिमान करते हैं। हम शांति के पुजारी हैं  मगर दुश्मनों के लिए हम काल बन जाते हैं, पीठ पीछे वार नहीं करते  दुश्मन कोई भी, कैसा भी हो सीना तानकर आगे बढ़ते हैं, क्योंकि हम भारतीय सेना के थल सैनिक जो हैं। सुधीर श्रीवास्तव

Abantika

hello everyone मेरी new रचना प्रकाशित हुए हैं l आप सभी मेरी रचनाओं को पढ़िए और अपना प्यार दे l आपकी Abantika

Saroj Prajapati

मन भारी दिल उदास किससे कहें अब दिल का हाल उमड़ रहा जज्बातों का सैलाब वो भी चल रहे शब्दों से नाराज आईना भी कुछ खफा सा है अक्स दिखाता कुछ जुदा सा है आंसुओ ने समझे सब हालात मनोभावों को मिला नया हमराज़।। सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapati

Asha Modi

એકાંત...!! થાક્યો છું, હવે વિસામો શોધું છું, મળે બે ઘડી, તો હવે એકાંત શોધું છું ! હાર્યો છું, હવે નવો રસ્તો શોધું છું, મળે બે ક્ષણ, તો થોડી હિંમત શોધું છું ! ભૂલ્યો છું, હવે જવાબો શોધું છું, મળે બે પળ, તો થોડું સત્ય શોધું છું ! રડ્યો છું, હવે સવાલો શોધું છું, મળે બે ઘડી, તો એ લાગણી શોધું છું ! અચળ છું, હવે રહસ્યો શોધું છું, મળે બે પહોર, તો થોડો સંયમ શોધું છું ! આ ભાગદોડ ભરી દુનિયામાં હવે એકાંત શોધું છું !!

Akanksha srivastava

गठरी में सिमटा अथाह अपनत्व --------------------------------------- मायके से लौटती बेटी, अपने हाथों में, एक छोटी सी गठरी लेकर आती है। पर उस गठरी की कीमत उससे पूछो, वो महज छोटी- छोटी चीजें नहीं, वह तो भावनाओं का अथाह समंदर है। खट्टे - मीठे आचारों की महक, जो हर कौर के साथ, बचपन की गलियों में लौटा ले जाए। छोटी - छोटी निमकियों में गुंथी होती है, माँ की अनगिनत दुआऐं, थक जाये जब जीवन पथ तब राह दिखाये। शकरपारे में घुली वो मिठास , जैसे चुपके से समझा रही हो, रिश्तों में घोलना हर पल मिठास। और उन नन्ही पन्नी में बंधी चटनिया, शायद यही समझाती है, रिश्ते चाहे कितने ही स्वतंत्र क्यों ना हो जाए, उसमे अपनी उपस्थिति चटनी की तरह जरूर रखना। ना जाने कितने अनमोल सबक समेटे होती है, वह छोटी- सी गठरी, माँ की सारी अनकही बातों का सार, बेटी के जीवन के नाम, एक मौन उपहार। -----आकांक्षा श्रीवास्तव

Sudhir Srivastava

यमराज का ट्रंप को श्राप ******* वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमले और वहां के राष्ट्रपति को पत्नी के साथ अपहरण के बाद मित्र यमराज को बड़ा गुस्सा आया। बिना सोचे विचारे वो सीधे व्हाट्स हाउस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास जा पहुंचा जो मुँह में आया-जमकर सुनाया, फिर धमकाया ट्रंप तेरी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। शान्ति का नोबेल पुरस्कार भी चाहने की छटपटाहट में तू सारे अलोकतांत्रिक काम करता है। कहने को तो तू शाँति का मसीहा बनता है पर दुनिया जानती है, कि तू हर ओर युद्ध ही चाहता है। अपने हथियारों का बड़ा बाजार बनाये रखने की जुगत में दुनिया के अलग-अलग देशों को आपस में लड़ाते रखना चाहता है। दूसरे देशों में अपरोक्ष अतिक्रमण की आड़ में सबसे बड़ा लंबरदार बनने की चाह में तेल, गैस, खनिज, स्वर्ण भंडार पर एकाधिकार चाहता है। दोहरे मापदंड अपनाकर खुद को महान बताता है, समूचे विश्व का नायक बनना चाहता है, अपना व्यवसाय चमकाना बेटे को स्थापित करना चाहता है। पर तेरा ये सपना कभी पूरा नहीं होगा, अब मैं यमराज! आज तुझे श्राप देता हूँ, क्योंकि तू अपने देश और नागरिकों से भी विश्वासघात के नित नए आयाम गढ़ता है। आखिर तू खुद को क्या समझता है? लगता है कि तू एकदम पागल हो गया है, तू लाख कोशिश कर ले, चाहे जितना हाथ पाँव मार ले, खुद को खुदा ही क्यों न समझ ले, तू निश्चित ही हारेगा और एक दिन सिर पकड़ कर रोयेगा, अपने अधर्म -कर्म के लिए पछताएगा अपनी सोच पर रोएगा, आंसू बहाएगा। आखिर तू भी तो महज एक इंसान हैं आज़ अमेरिका का राष्ट्रपति है, हमेशा तो नहीं रहेगा, तब तू खौलते दूध में आये उबाल बाद शांत हो जाने की तरह जल्दी ही बैठ जायेगा, तब विश्व ही नहीं तेरा देश भी तुझे भाव नहीं देगा, क्योंकि तू तो क्या हर कोई मेरे कोप से डरेगा। वैसे भी सत्ता का घमंड एक दिन उतर ही जायेगा जब तेरा कार्यकाल पूरा हो जाएगा, और तेरे नोबल पुरस्कार का पाने सपना दिवास्वप्न बनकर रह जायेगा, क्योंकि यह यमराज का श्राप है जो कभी खाली भी नहीं जायेगा। और जो मुझे उकसाएगा वो एक जन्म ही नहीं दो-चार जन्मों तक पछताएगा, पर मेरा वो कुछ बिगाड़ नहीं पायेगा, तू भी एक कोशिश करना चाहे, तो जरूर कर ले क्या पता तेरा जलवा यमलोक में भी बढ़ जाए, और तू मेरे श्राप का तोड़ निकाल लें जाए। सुधीर श्रीवास्तव गोण्डा उत्तर प्रदेश

ek archana arpan tane

હજારો લોકો એમની સ્મશાનયાત્રા માં જોડાયા જે એકલતા ના રોગ થી મર્યા. - ek archana arpan tane

ज़ख्मी__दिल…सुलगते अल्फ़ाज़

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__ ये जो  महफ़िल में,  ज़ख्मों  की            नुमाइश कर रहे हैं, यकीनन ये मोहब्बत नहीं साज़िश                 कर रहे हैं, कहाँ मुमकिन है, सच को सिर्फ़            बातों से परखना, लोग  तो  काबे  में  भी  झूठ  की           गुंजाइश कर रहे हैं, खुले मंज़र पे जो  रुमाल रखकर                  रो रहे हैं, वही  पीठ  पीछे  मेरे  कत्ल की            रंजिश कर रहे हैं, वो जिनके अपने दामन पर लहू             के हैं सैकड़ों धब्बे, वही अब मेरे किरदार की पैमाइश                  कर रहे हैं, अदालत चुप, गवाह चुप, मुंसिफों              के होंठ भी चुप, मगर  सब  मिलके  मुजरिम की         सिफारिश कर रहे हैं, चरागों को बचाना, अब हवा के             बस में कहाँ है, कि खुद घर के ही कोने अब तपिश                कर रहे हैं, जिन्हें हक़ की सदाओं से, हमेशा             खौफ़ आता था, वो अब  सरे-आम  सच की ही      नुमाइश कर रहे हैं…🔥 ╭─❀💔༻  ╨──────────━❥ ♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦  #LoVeAaShiQ_SinGh☜ ╨──────────━❥

Shefali

#shabdone_sarname__ #shandone_sarname_

sunshine

रहना होगा दूर तुम्हे अनजानों से मेरा कोई ताल्लुक नहीं। _sunsine

InkImagination

Good night friends

રોનક જોષી. રાહગીર

https://www.facebook.com/share/p/1GMF1fb74M/

kattupaya s

I need peace..little bit love and humour that's enough for this life

kattupaya s

love all

kattupaya s

distance is the key factor

kattupaya s

a mixed signals from women is dangerous than direct signal from women in love.

kattupaya s

I see people addicted to Instagram . I believe they completely fall on imagination traps of love and they change their relationship status at anytime. it's critical. if anybody have different opinion pls share

kattupaya s

it's not easy

kattupaya s

in Instagram people love you without any reason. for the same reason other people hate you. it's a mind game. I don't like it

kattupaya s

mm quite interesting

kattupaya s

I realized hell and I never go back to relationships

kattupaya s

it happens

kattupaya s

hahaha.. I was too innocent to believe this

kattupaya s

Beginning is easy

kattupaya s

I dont know how to cross this winter season as single. it's hard to explain. being single is sometimes stupid sometimes relief. being in relationship is more comfortable. but choose it wisely.

Imaran

मजबूरी में जब कोई जुदा होता है, ज़रूरी नही के वो बेवफा होता है, देख कर वो आपकी आँखो मे आँसू, अकेले मे आपसे भी ज़्यादा रोता है 😂imran 😂

kattupaya s

Recently I deactivated my Instagram, Twitter and fb accounts.life is quite different now. it's a experience without unnecessary thoughts

Sagar Saini

https://www.instagram.com/reel/DTFu7pYCWMY/?igsh=MXUzemJwOTUxZTExdQ==

kattupaya s

Good evening friends.. have a nice time

Jasmin rehaan

apko kaise lagi story comment kijiye 🦋🦋🦋

Anita Shah

https://www.instagram.com/reel/DTFu7pYCWMY/?igsh=MXUzemJwOTUxZTExdQ==

S A Y R I K I N G

अब मोहब्बत नहीं अब तो मम्मी ने दीदी की शादी में अपनी बहु पसंद कर ली.

Sonu Kumar

#07 सरकारी जमीन किराया बँटवारा (सरकारी जमीन का किराया सीधे नागरिको के खातों में भेजने का प्रस्ताव) इस कानून का उद्देश्य सरकारी स्वामित्व वाले उन सभी भूखंडों को बाजार में लाना है जो सरकार एवं जनता के किसी भी उपयोग में नहीं आ रहे है। निचे इस प्रस्तावित कानून के मुख्य बिंदु दिए गए है। हेश: #SaJaKiBa (1) इस कानून के लागू होने पर केंद्र एवं राज्य सरकार के स्वामित्व वाले ऐसे सभी भूखंड जो आज खाली पड़े है, को 5 से 25 वर्ष की अवधि की लीज पर दिया जाएगा। इस भूमि से प्राप्त किराए से इकट्ठा हुयी राशि सभी भारतीयों में बराबर बटेंगी। प्रत्येक भारतीय को यह राशि हर महीने सीधे बैंक खाते में जमा कर दी जायेगी। > उदाहरण के लिए दिल्ली 1500 करोड़ स्क्वायर फुट में फैली हुई है, और इसमें से 300 करोड़ स्क्वायर फुट जमीन सरकार के पास खाली पड़ी है। और इसी तरह सरकार के पास पूरे भारत में (अहमदाबाद में 50 करोड़ स्क्वायर फुट, जयपुर में 70 करोड़ स्क्वायर फुट) कीमती जमीनें है, जिनका कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा। यह सारी जमीन किराए / लीज पर दे दी जायेगी। (2) जमीनों को किराए पर देकर पैसा इकठ्ठा करने वाला राष्ट्रिय किराया अधिकारी वोट वापसी पासबुक के दायरे में होगा। यदि किराया अधिकारी ठीक से काम नहीं कर रहा है तो नागरिक बोट वापसी पासबुक का प्रयोग करके उसे बदलने के लिए अपनी स्वीकृति दे सकेंगे। > यदि किराया अधिकारी को वोट वापसी पासबुक के दायरे में नहीं लाया गया तो किराया अधिकारी कीमती जमीनों को किराए पर नहीं देगा और कोई न कोई बहाना बताकर उनके दबा कर बैठा रहेगा, ताकि इच्छित क्षेत्र में कीमतें बढ़ने से स्थानीय बिल्डर एवं भू माफिया को फायदा हो। वोट वापसी पासबुक के दायरे में न होने पर वह किराए / लीज़ आदि की बोली लगाने में भी घपले करेगा। (3) यदि किराया अधिकारी या उसके स्टाफ के खिलाफ घपले आदि की कोई शिकायत आती है तो सुनवाई करने और दंड देने की शक्ति सरकार के आदमी (जज आदि) के पास न होकर नागरिक समूह (जूरी मंडल) के पास रहेगी। जूरी सिस्टम होने से भू माफिया जजों से गठजोड़ नहीं बना सकेंगे। इस क़ानून के आने ने निम्नलिखित परिवर्तन आयेंगे : a) बाजार में आपूर्ति बढ़ने से जमीन के दाम 50% तक कम हो जायेंगे अतः जन सामान्य कम कीमतों पर घर/दूकान हेतु जमीन खरीद सकेगा। b) जिन व्यक्तियों ने रहने या कारोबार के लिए जमीन किराए पर ले रखी है उन्हें 2000 से 10,000 रू महीना की बचत होगी। c) सरकारी जमीन के किराए से प्राप्त होने वाली राशि नागरिको को मिलने से नागरिको को प्रति माह 400 से 500 रू की आय होगी। इस क़ानून का पूरा ड्राफ्ट दिए गए QR कोड़ से डाउनलोड करें या इस लिंक पर जाएं - Tinyurl.com/Khamba2 राजवर्ग प्रजा के अधीन रहना चाहिए, वर्ना वो प्रजा को लूट लेगा और राज्य का विनाश होगा - अथर्ववेद Pg 17 of 20

Gauri

**“Friends are the calm when life turns loud, the quiet strength that makes us proud. They stay when the world begins to bend, reminding us gently we’re not at the end. In nights of doubt when dreams feel far, they guide our steps like a steady star. When hopes fall down and spirits break, their faith in us helps hearts awake. They hear the cracks behind our smile, they sit beside us and stay awhile. No fancy words, no need to pretend, just silent comfort only friends can send. They walk with us through rising fears, through shaky paths and growing years. They stand like mountains, safe and tall, catching us softly each time we fall. When life goes fast and peace feels slow, they hold our hand and never let go. And when our soul feels lost in the rain, their laughter becomes the cure to our pain. Through every season, harsh or kind, a friend is the lighthouse we always find. Even when distance keeps us apart, their memory stays written in our heart. People may change and time may fly, dreams may fail and tears may dry. But friendship built with truth and care, remains a promise always there.”**

jighnasa solanki

જે વ્યકિત સમય સાથે ચાલે છે, એનો સમય સારો ચાલે છે. જે વ્યકિત આળસમા રાચે છે , એનો સમય ત્યાંજ થંભી જાય છે. ⏰⏳⌛

Pandya Rimple

यदि कोई खड्डे में गिरने के लिए तय करके आगे बढ़ रहा हो, तो तुम उसे कितना भी रोकने की कोशिश कर लो वह गिर कर ही मानेगा, और बाद में यकीन मानो खूब पछताएगा। -Pandya Rimple @shabdo_ni_suvas_

સુરજબા ચૌહાણ આર્ય

અમારું વતન 🥰😊

Soni shakya

सजी नहीं बारात तो क्या.. आई ना मिलन की रात तो क्या.. बिन फेरे हम तेरे.. बिन फेरे हम तेरे.. - Soni shakya

Prithvi Nokwal

कुछ इसलिए भी खास था नानी का घर क्योंकि वहां, मेरी मां को भी मां का प्यार मिलता था...❤️

Komal Arora

हमेशा हम ठीक हो जरूरी नहीं कई बार दूसरे की परिस्थिति हम से भी अधिक असहनीय होती है....... पर कहते हैं ना कुछ गम की नुमाइश करके खुश हो जाते है........ और कुछ सह कर........... worse but true always respect others prospectives also........

Desai Pragati

कोमलताविहीन है जैसे कोई पेड़ बिना हरी पतिया और डाली के, जैसे कोई बाप अपने पुनर्जन्म की दादीअम्मा बनके डांटने वाली कै..!🌻🫂

Raushan kumar

#12. मोहब्बत में दिल की खामोशी समझने वाले को,कुछ दिन बाद चीखें तक सुनाई नहीं देती। रौशन कुमार केसरी 29.12.2025

Raushan kumar

#11. आज उसने मुझे अपनी नजरों से उतारा है, जिसे मैंने कभी अपनी निगाहों में छुपाया था, आज उसे मेरे नाम से भी नफरत हैं जिसके नाम को मैंने रेत पर लिखकर कभी फूलों से सजाया था गलती उसकी नहीं शायद मेरा हीं हैं, मैंने हकीकत छोड़ ख्वाबों की दुनियाँ मे आशियाना बनाया था :- रौशन कुमार केसरी 18.01.2026

Raushan kumar

#10. इस साल भी सावन आया था हवा के साथ कुछ बुँदे साथ लाया था, पंछियो की चहक, फूलों की महक, तितलियों से भरा पुरा अकाश था, मेरे पास तेरा होने का एहसास था फिर भी मुझे बस तेरा तलाश था, मुझे लगा तु कहीं से दौड़ कर आयेगा और मेरे सीने से लग जायेगा, पर अब ऐसा कहाँ हो पाता हैं तु जो एक बार जाता हैं बरसों लौटकर न आता हैं, तु तो कहता था हर सावन में आऊँगा पर्व-त्योहार, हर मांगलिक पावन (शुभ कार्य) में आऊँगा, क्या तुम्हें माँ की याद नहीं आती या फिर तेरे शहर में पर्व-त्योहार या बरसात नही आती, तेरे बिना...... चहकती गालियाँ विरान, अपना घर सुनसान, घर का आंगन लगता हैं मुझे अंजान, आखिर कब तु चहकता हुआ आयेगा, कब मेरी ममता तुझपर फूलों की तरह छायेगा, तेरे इंतेजार मे दिन-रात रस्ते देखें हैं, मैंने बरसो मौसम बदलते देखें हैं, मैं जानती हूँ तु दुनियाँ की भीड़ मे खोया होगा हर रात माँ की याद में सोया होगा, तुझपर जिम्मेदारियों का बोझ हैं, अब तु दौड़ता-भागता हर रोज हैं, आख़िर क्यों इतना बड़ा हुआ माँ की गोद छोड़ अपने पैरों पर खड़ा हुआ, कल तक था तु दुनियाँ में अंजान, आज तेरा खुद का हैं एक पहचान, मेरी दुआएं हमेशा तेरे साथ रहे,तेरे चेहरे की मुस्कान हमेशा आबाद रहें, कल तेरे याद में सोयी थी, तेरे ख्यालों में कहीं खोयी थी, एक पल ऐसा लगा, जैसे तु घर को आया था बाहर जाकर देखी तो वहाँ बस पेड़ का छाया था... इस साल भी सावन आया था हवा के साथ बस तेरी यादें साथ लाया था..... :- रौशन कुमार केसरी 05.01.2026

Raushan kumar

#9. कभी सोचा न था कि तु मुझे इतना जलील करेगी किसी गैर के लिए मुझसे दलील करेगी, तेरी याद में पागल न हो जाऊँ इस हद तक मुझे, तूने मजबूर किया, भरी महफ़िल में उसे हार पहनाकर मेरी भावनाओं को तूने चकनाचूर किया, मैंने....देखा हैं तेरी आँखों में... 2 वो गैर नही शायद तेरा कोई अपना हैं तु अब उसपे मरती हैं ये मुझे अब भी लगता कोई सपना हैं, करके उससे ब्याह तूने बेवफाई की सारी हदें पार कर दी, लाँघकर उसके दहलीज को तूने मेरे दिल की शरहदें पार कर दी। :- रौशन कुमार केसरी 25.12.2025

Raushan kumar

#8. दिल ऐसे तोड़ के गयी हैं जैसे कभी अपना था हीं नहीं, अब मुझे लगता हैं कभी तुमसे हाल-ए-दिल बयां करना था हीं नहीं, कुछ दिन पहले तु मुझपे मरती थी मेरे एक दीदार को तरसती थी, कल तूने मुझसे नजरे ऐसे चुराई जैसे मैं कभी अपना था हीं नहीं, क्या तुम वही हो जिसके ख्यालों में आता था जिसके सपनों को मैं सजाता था, कैसे अकिं कर लूँ कि तुम बदली नहीं हो कल जो मैंने तुम्हें उसके साथ देखा वो कोई सपना था हीं नहीं । :- रौशन कुमार केसरी 15.12.2025

Soni shakya

मन संतुष्ट हैं ये जानकर कि, कुछ पल ही सही.. "वो पूरी तरह हमारे थे" - Soni shakya

Raushan kumar

#7. हाल ए दिल जहाँ बयां कर सकूँ ऐसी कोई जगह नही, बहती नदियों का कोई एक सतह नहीं, तुम कहती हो तुम्हें मुझपर अब ऐतबार नहीं, मैं तुमपे आज भी मरता हूँ इसकी कोई एक वजह नहीं । :- रौशन कुमार केसरी 11.12.2025

Raushan kumar

#6. बात बात पर आंसू क्यूँ आ रहा हैं आँखे कमजोर हो गयी हैं या दिल, ये हवाएं इतनी शिथिल क्यों हैं कोई इनसे कहता क्यों नहीं कि मेरे महबूब से जाके मिल, तुम कहती हो तुम्हें अब किसी से मोहब्बत नहीं होगा, अगर मैंने तुम्हें गलत शाबित न किया तो कहना एक बार मुझसे आके तो मिल, मुझसे आके मिल मेरे पास बैठ पूछ मुझसे मेरा हाल-ए-दिल, मिला मुझसे आँखें सांसें गरम धड़कने तेज न हुआ तो कहना, लगा मुझे गले अगर रुक न जाए इन हवाओं का बहना तो मुझसे कहना, तेरे चेहरे का नूर, तेरे बदन का शुरूर, तेरे कान की बाली, तेरे होठों की लाली, तेरे चूड़ियों की खनक, तेरे पायल की झनक, तेरे पैरों की नूपुर इन सब को होगा तुझपे गुरुर, जो तेरे आँखों में हों काजल तो फीके पड़ेंगे ये आसमां के बादल, मेरे दिल की धड़कने मेरे प्यार का गवाही देगा तेरे दिल में एक अजब सा तबाही होगा , तुझे फिर भी प्यार न हुआ तो कहना...बस एक कदम मेरी ओर बढ़ाकर देख, मुझे अपना गले लगाकर देख........! :- रौशन कुमार केसरी 11.12.2025

Raushan kumar

#5. हमको आदत लग चुकी हैं महफ़िलों की अब अकेले रहने में घुटन होता हैं, अकिं करो मैं वही हूँ जो बरसों गुजारा हैं अकेले बंद कमरे में, और आज अंधेरे से भी मुझे चुभन होता हैं, इसमें उसकी क्या गलती हैं ..? ये तो वक्त का एक चलन होता हैं, कि अपने दिल पर मेरा नाम लिखने वाली उस लड़की को आज मेरे नाम से भी जलन होता हैं। :- रौशन कुमार केसरी 05.12.2025

Raushan kumar

#4. मैं नजर नही आऊँगा फिर भी तुम छुपा नहीं पाओगी, अपने मन के शीशे से मेरा चेहरा हटा नहीं पाओगी, जो तुझपे बीतेगी वो हाल-ए-दिल किसी को बता भी नही पाओगी तुम्हें लगता हैं मुझे छोड़कर खुश रह लोगी तुम, मैं वो हकीकत हूँ जिसे जीते-जी तुम भुला नहीं पाओगी। :- रौशन कुमार केसरी 05.12.2025

Raushan kumar

#3. इस रात का कोई सवेरा तो होगा, उसकी यादों के समंदर में कोई बसेरा तो होगा, मेरे बिस्तर ने समंदर जितनी बेचैनियाँ समेटें हैं खुद में, हजारों सवाल, हजारों ख्वाहिशें हर रोज डूबता हैं इसमें, बस एक सवाल जो हर पल कुढता हैं मेरे मन में, कि यहाँ परिंदों का भी एक हीं आशियाना होता है तेरा कोई एक निश्चित बसेरा तो होगा, इस रात का कोई सुनहरा सवेरा तो होगा.......? :- रौशन कुमार केसरी 10.11.2025

Raushan kumar

#2. एक वक्त था जब मेरे हाथों मे तेरा हाथ था, मेरे नजरों मे तेरे सपनों की एक औकात था, मेरा औरों से भी बातचित में तेरा एक बात था, और आज तन्हाई में अकेला खड़ा ना मेरे हाथों मे तेरा हाथ हैं, ना मेरे नजरों में तेरे सपनों की कोई औकात हैं, ना हीं मेरे बातों में तेरा कोई बात हैं, हाँ अगर कुछ है तो मेरे मन में हर रोज उमड़ते हजारों सवाल हैं, इस शहर में चारों तरफ फैला मेरा हजारों काल (उसके आशिक़) है, मैंने जो की थी तुमसे मोहब्बत वो आज एक मिसाल हैं, आखिर क्यु तुम्हें मेरे जज्बातों की कदर नहीं, तेरे दिल में मेरे लिए सबर नहीं, तुम्हें मेरे प्यार पर फ़कर नहीं, तेरे बातचित में मेरा जिकर नहीं, आखि़र क्या हैं इन सवालों का जवाब? तेरा वो शाम को रूठ जाना या सुबह की बहानेबाज़ी या दिन का मेरा खुली आँखों का ख्वाब, बता मेरे इन सवालों का क्या हैं जवाब....? :- रौशन कुमार केसरी 01.11.2025

Soni shakya

मन संतुष्ट है ये जानकर कि , कुछ पल ही सही पर.. "वो पूरी तरह हमारे थे" - Soni shakya

Raushan kumar

#1. पहले सोया करता था जल्दी मैं रातों को अब तो बस याद करता हूँ तेरी बीती बातों को, तू मिलेगी नहीं मुझे ये अकिं हैं फिर भी न जाने इस दिल को एक आश हैं तेरे वादों की... :- रौशन कुमार केसरी 01.08.2025

Soni shakya

प्रेम का मतलब पाना नहीं राधा होना है, और जहां स्वार्थ खत्म राधा शुरू..!! - Soni shakya

Archana Singh

जरूरी नहीं कि... हर बार ये आंखें ही रोएं ...! कभी-कभी ये दिल भी रोता हैं ...!! अर्चना सिंह ✍🏻 - Archana Singh

archana

कलयुग में कहा जाता है कि राक्षस बाहर नहीं होंगे, वे इंसान के भीतर जन्म लेंगे। मन में बैठा राक्षस ही सबसे बड़ा शत्रु होगा, वही अधर्म बनेगा, वही अत्याचार करेगा। और युद्ध भी होगा… पर तलवारों से नहीं, सच्चे लोगों के चरित्र से। जो भगवान की भक्ति करेंगे, सत्य के रास्ते चलेंगे, उन्हीं को सबसे पहले निशाना बनाया जाएगा। क्योंकि कलयुग में बुराई की पहचान चेहरे से नहीं, सोच से होती है। - archana

Saroj Prajapati

कुछ लोग खास होते हैं, हमेशा दिल के पास होते हैं दूरियां नहीं रखती मायने, जब जुड़े जज़्बात होते हैं।। सरोज प्रजापति ✍️ - Saroj Prajapati

Dada Bhagwan

Do You Know that everything is simply an interplay of scientific circumstantial evidences? No one has even the slightest authority or power in this world, so who is going to get away with anything? Find out more on: https://dbf.adalaj.org/TEyb0tfw #doyouknow #facts #spirituality #spiritualfacts #DadaBhagwanFoundation

DEVGAN Ak

हडळ... नविन भयकथा... लवकरच आपल्या भेटीला येत आहे... फक्त घाबरविण्याचा एक हलका प्रयत्न करण्यासाठी... - DEVGAN Ak

Nithya Reddy

7 RULES OF LIFE: 1. Make peace with your past so it won't screw up the present 2. What others think of you is none of your business 3. Time heals almost everything, give it time. 4. Don't compare your life to others and don't judge them. You have no idea what their journey is all about. 5. Stop thinking too much. It's alright not to know the answers. They will come when you least expect it. 6. No one is in charge of your happiness, except you. 7. Smile. You don't own all the problems in the world. - Nithya Reddy

Nithya Reddy

7 RULES OF LIFE: 1. Make peace with your past so it won't screw up the present 2. What others think of you is none of your business 3. Time heals almost everything, give it time. 4. Don't compare your life to others and don't judge them. You have no idea what their journey is all about. 5. Stop thinking too much. It's alright not to know the answers. They will come when you least expect it. 6. No one is in charge of your happiness, except you. 7. Smile. You don't own all the problems in the world. - Nithya Reddy

Annu jangra

aaj ka new blog aa gya hai ek baar link per visit jarur krna or agar aapko finance and trading se related koi information chaiye hon to massage krna http://indiansauthor.blogspot.com/2026/01/best-credit-cards-for-students-in-usa.html

Nithya Reddy

"The goal of education is the advancement of knowledge and the dissemination of truth." - Nithya Reddy

Kartik Kule

लपवता दुःख चेहऱ्याच्या मागे सहजच असे लपत नाही मांडताना कविता जोडुनी अक्षर सहजच शब्द असे जुळून येत नाही मनातल्या भावना मात्र शब्दात लपउनी सारे दुःख कवितेत उतरले तरीही डोळ्यांना ते जगाला दाखउसे वाटले काहींनी समजून घेतलं काहीना समजून न घेऊ स वाटल आयुष्याचा पुस्तकाच आयुष तिथे हरपल शोधता माणसे आपुलीच हरवलो मी नात्यांच्या गर्दीत वेळ पडता माणसांची आपलेच लपले गर्दीत - Kartik Kule - Kartik Kule

Kartik Kule

की संवर जाये वो जिंदगी जो तेरे बिना अधुरी ही वक्त वक्त पे जो मिले ना वो यादे भी अधुरी है की ख्वाईशे भी तेरी यादोमे मुजसे समजोता कारण चाहती हे और तुम कहती हो की मेरे बिना तुम्हारी यादे भी पुरी हे - Kartik Kule

Ashish jain

उसको खुद खुशी की आदत है उसे बस खुशी की चाहत है, सुबह निकलता है घर से ताने सुन सुन के दर दर भटकता फाइल के ढेर के साथ हर जगह निराशा पाकर शाम को उसी पिंजड़े में वापस वो ऐसा काठ का पुतला है जो अभी तक उसी पिंजड़े से बंधा हुआ हताश हो लौटे दो रोटी की आशा में थाली तो परोसी सब्जी दाल से पर एक थाली कानों में भी खनखनाती सुनी पेट भरकर वापस कमरे में सुबह निकलने की तैयारी फिर एक मुस्कान और हताशा की नींद अगले दिन फिर वही खुद खुशी की राह ये वो आदमी है जो खुद ही खुद जिम्मेदारी से बांधे हुए है चाह कर खुद को आजाद नहीं कर पाता किसी बंधन से कैसे करे खुद खुशी जो रोज कर रहा अब उसी से खुद को खुश रखें हुए है जय जिनेन्द्र

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