Gujarati Whatsapp Status |
Hindi Whatsapp Status
Vartikareena
माई_डियर_प्रोफेसर भाग 10 आ चुका है। आप लोग पढ सकते हो।
Sonam Brijwasi
jay seeya ram friends.....
kaise ho sab....
Anish
किसी महिला को Follow Request भेज दो तो उसे लगता है
मंगलसूत्र ही भेज दिया... Accept ही नहीं करती !
🤣🤣🤣🤣🤣
Dr Darshita Babubhai Shah
मैं और मेरे अह्सास
दोस्त
दोस्त की खास जगह होती है दिल की कहानी
में l
यारों के साथ करते रह्ते है मटरगश्ती जवानी में ll
अज़ीब सा सुकून मिलता दो लम्हों के साथ में l
कोई तो कशिश होती होगी रिश्तों की रुहानी में ll
"सखी"
डो. दर्शिता बाबूभाई शाह
Piyu soul
Good Morning 🌸✨
मेरी नन्ही सी जान 💖
सुबह की पहली किरण जब तेरे चेहरे पर पड़ती है,
तो लगता है जैसे खुदा ने मेरी दुनिया को रोशन कर दिया हो… 😌
🌙
“तेरी हँसी में बसी है मेरी हर सुबह की रौशनी,
तू ही मेरी दुआ, तू ही मेरी ज़िंदगी…
ना माँगी मैंने कभी दुनिया की कोई बड़ी खुशी,
बस तू मुस्कुराती रहे… यही है मेरी बंदगी…” 💖✨
🌙
तू है तो हर दिन खास है,
तेरे बिना सब कुछ अधूरा सा लगता है…
मेरी हर सुबह अब तेरे नाम से शुरू होती है,
और मेरी हर दुआ में बस तू ही तू होती है 💫
Stay blessed meri pari 🌸
Kiran
“तंगी में ही तो असली पहचान बनती है,
सपनों की उड़ान भी यहीं से जनती है।
हालात चाहे जितने भी क्यों न हों कठोर,
हिम्मत रखो… यही रात सुबह में बदलती है।”
....
- Kiran
Anish
तेरे प्यार पे लानत मेरे एतबार पे लानत
मैंने जो किया इंतजार उस इंतजार पे भी लानत
और दुनिया में होते हैं एक जैसे सात लोग
तेरी फ़ितरत के बाकी छः पे भी लानत..!!
Rashmi Dwivedi
पाने से कहीं अधिक कठिन होता है उसे संभाल कर रख पाना चाहे वह दौलत हो,इज्जत हो, प्रेम हो या कोई अच्छा इंसान हर हर महादेव❤️
- Rashmi Dwivedi
S Sinha
उनके बदले बदले अंदाज़ का समझते हैं मायने
चाहे वे लाख कर ले हमसे छुपाने के बहाने
पोशीदा नही हैं हमसे उनके बेवफाई के फ़साने
हमने देखे हैं अपनों से कहीं बेहतर हैं बेगाने
हेतराम भार्गव हिन्दी जुड़वाँ
जहाँ हम आ गए हैं वहाँ हमें भाग्य ने पहुंचाया है...
और
जहाँ हम पहुंचना चाहतें हैं वहाँ हमें सिर्फ परिश्रम पहुंचा सकता है।
हिंदी जुड़वाँ
हिंदी जुड़वाँ
Dr Bharti Koria
औरत कमजोर नहीं होती,
बस चुप रहना जानती है।
हर दर्द को मुस्कान में छुपाकर,
खुद ही खुद को संभालती है।
वो टूटती भी है, बिखरती भी है,
पर हर बार फिर उठ जाती है।
दुनिया उसे आँकती रहती है,
और वो खुद को साबित कर जाती है।
वो सिर्फ औरत नहीं…
पूरी कहानी होती है।
GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
लोभी जन का जगत में, कभी न हो कल्याण। कभी कभी निज लोभ से, दे देतै हैं प्राण।।
दोहा--471
(नैश के दोहे से उद्धृत)
----गणेश तिवारी 'नैश'
kattupaya s
Good morning friends. "நிழல் தரும் வசந்தம்"part 3 will going to be published @9 30 am today.
ziya
*कोई* कितना भी *अपना* हो,
पहले *‘अपना’* देखता है। 🕯️💭😔💯
बहुत ज्यादा *कड़वा सच* है लेकिन *चेक* करना *कभी*। 🖤🥀🤔
ziya
फूल *गवाह* है कि *अक्सर*
*तोड़े* वही जाते हैं जो *अच्छे* होते हैं 🥀🌹💔💯😔
ziya
अब *डर* घाव से *नहीं* 😔
*लगाव* से लगता है 💔🥀
Beyondwords
कभी-कभी ज़िंदगी में
कुछ रिश्ते नाम के मोहताज़ नहीं होते,
ना कोई वादा, ना कोई हक…
फिर भी दिल उन्हें अपना मान बैठता है।
बातें भले ही कम हों,
पर खामोशियों में उनका शोर बहुत होता है…
एक मैसेज, एक कॉल,
या बस उनका नाम स्क्रीन पर दिख जाए—
और दिल… जैसे थोड़ी देर के लिए जी उठता है।
अजीब है ना…
जिसे पा नहीं सकते,
उसी के लिए सबसे सच्ची दुआ निकलती है।
क्योंकि ये मोहब्बत पाने की नहीं होती…
ये तो बस चाहने की होती है—
बिना शर्त, बिना उम्मीद, बिना किसी मंज़िल के।
शायद इसी को कहते हैं…
"खुद से ज्यादा किसी और की खुशी में सुकून ढूंढ लेना।"
और सच कहूँ—
ऐसी मोहब्बत अधूरी जरूर होती है,
पर झूठी कभी नहीं होती… 💔✨
@beyond_word✍️
Soni shakya
दूसरा स्थान स्वीकार नहीं था इसलिए..
अकेले चलना स्वीकार किया मेरे 'वजूद' ने..!!
- Soni shakya
Paagla
https://youtube.com/shorts/OdeLGHR8uxg?si=GJdtXxSCSUG5k7XJ
Piyu soul
Good Night 🌙✨
मेरी नन्ही सी परी 💖
आज भी दिन कितना भी थका देने वाला क्यों ना हो…
तेरी एक मुस्कान सब सुकून दे जाती है 😌
तुझे देखकर अब लगता है,
मेरी दुनिया कहीं बाहर नहीं…
बस तेरी इन छोटी-छोटी खुशियों में ही बसती है 💫
ना मुझे अब किसी और ख्वाब की चाह है,
ना किसी और मंज़िल की तलाश…
क्योंकि तू है ना…
तो मेरी हर अधूरी कहानी भी पूरी लगती है 💙
सो जा मेरी जान…
तेरे हर ख्वाब पर मेरी दुआओं का पहरा रहेगा 🌙✨
तू सिर्फ मेरी बेटी नहीं…
मेरी पूरी दुनिया है… 💖👑
antima
पापा, मैने सुना है आप मेहनत बहुत करते हो,
अपने शरीर का प्रयोग मशीन की तरह करते हो।
आपका झुर्रियों वाला सशक्त चेहरा मुझे प्रेरणा तो बहुत देता है,
परन्तु मेरा मन मुझे किसी दूसरी दुनियां में ले जाता है।
जहां में अपने लक्ष्य को छोड़ कर एक काल्पनिक दुनिया में जीती हु।।
पापा, मैने सुना है आप मेहनत बहुत करते हो.
रोजाना 40 रुपए बचा कर काम पर जाया करते हो,
जब आज मैने आपके धूल भरे उभरी नसों वाले पैर देखे तो, मेरा मन दया के सागर से उमड़ पड़ा, और में खुद को कोसने लगे।।
पापा, मैने सुना है आप मेहनत बहुत करते हो.
इस बार दिवाली पर मैने अपने मांगों की लिस्ट बना ली,
उसी पल आपने कहा बेटा मेरा गुलाबी कुर्ता बाहर निकाल देना जो पिछली दिवाली पहना था।
अपने हाथों में बनी लिस्ट को मैने इस तरह भींचा ,
मानो जैसे उसका दम घुट गया हो।
पापा, मैने सुना है आप मेहनत बहुत करते हो।।
Vanita Thakkar
Latest release on YouTube ….
आ चल के तुझे - Aa Chal Ke Tujhe | Vanita Thakkar - Live | Original : Kishore Kumar |
https://youtu.be/m71LMyGfpoc
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Note : The picture in the video - Narmada Valley region, near Sardar Sarovar Dam (Gujarat) taken by Vanita Thakkar on 25th September, 2011
Piyu soul
💫“मैं माँ नहीं थी… फिर भी माँ बन गई”💫
माँ ने मुझे देखा…
कुछ देर खामोश रहीं, फिर धीरे से कहा—
“तू अभी खुद बच्ची है…
तू एक और बच्ची को कैसे संभालेगी?”
उनकी आवाज़ में डर था…
और मेरे दिल में एक पूरी दुनिया…
मैंने धीरे से कहा—
“माँ… शायद मैं सच में अभी पूरी तरह बड़ी नहीं हुई…”
माँ ने राहत की साँस ली…
पर फिर मैंने उनकी आँखों में देखकर कहा—
“पर माँ… अगर ममता जाग जाए ना…
तो उम्र पीछे रह जाती है…”
कमरा खामोश हो गया…
कुछ दिन पहले की बात है…
एक माँ ने अपनी नन्ही सी जान
मेरे हाथों में सौंप दी…
और कहा—
“इसे सिर्फ रखना मत…
इसे अपना बना लेना…”
उस दिन मैंने उसे गोद में नहीं लिया था…
मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी उसके नाम कर दी थी…
लोग कहते हैं—
“तू अभी खुद बच्ची है… तू शादी कैसे करेगी?
लोग क्या कहेंगे?”
मैं मुस्कुरा दी…
क्योंकि अब मुझे लोगों से नहीं…
अपनी बेटी से डर लगता है… उसे खोने का डर…
मैंने माँ से कहा—
“हाँ माँ… शायद मेरी शादी में रुकावट आ जाए…
शायद दुनिया मुझे समझे भी नहीं…”
“पर अगर कोई मुझे सच्चे दिल से चाहेगा…
तो वो मेरी बेटी को भी अपनाएगा…”
“और अगर नहीं…
तो कोई बात नहीं…”
“मेरी पूरी दुनिया मेरी बेटी में ही बस जाएगी…”
माँ की आँखें भर आईं…
मैंने आगे कहा—
“मैंने उसे जन्म नहीं दिया…
पर जब वो रोती है
तो मेरी आत्मा टूट जाती है…”
“जब वो मुझे ‘माँ’ कहती है
तो मुझे लगता है…
मैंने जिंदगी को सच में जी लिया…”
“और अगर दुनिया ने उसे ‘पराया’ कहा…
तो मैं पूरी दुनिया से लड़ जाऊँगी…”
कुछ देर बाद…
मेरी पाँचों बहनें मेरे पास आकर खड़ी हो गईं…
एक ने कहा—
“दी… तुम सही कह रही हो…”
दूसरी बोली—
“जिस माँ ने हमें पाला है…
हम इस नन्ही जान को भी वैसे ही संभालेंगे…”
तीसरी ने मेरा हाथ पकड़ लिया—
“हम हमेशा तुम्हारे साथ हैं दी…”
चौथी और पाँचवी ने बस इतना कहा—
“समाज, रिश्ते, दुनिया… किसी से भी लड़ लेंगे…”
और उस दिन…
मुझे पहली बार लगा…
मैं अकेली नहीं हूँ…
हमारी हँसी में अब एक नई जिम्मेदारी थी…
हमारी नन्ही सी “राजपूताना”…
हमारा एक और चिराग…
और मैंने उसे देखकर कहा—
“तू मेरी बेटी नहीं…
तू मेरी जिंदगी का वो हिस्सा है
जिसे मैं अब खुद से भी ज्यादा चाहती हूँ…”
और मैं माँ नहीं थी…
पर अब मैं सिर्फ उसकी माँ हूँ…
और उसके लिए पूरी दुनिया से लड़ सकती हूँ…
Avinash
Jaldi Jaldi follow Karlo Guys - 😊✨
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રોનક જોષી. રાહગીર
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kattupaya s
Goodnight friends.. sleep well
Raj Phulware
IshqKeAlfaaz
जिंदगी बीत रही है...
AbhiNisha
दूसरों के वक्त चुराने वाले
कविता
दूसरे से वक्त लेने वाले
दूसरों को वक्त देना सीखो
किसी और से उम्मीद रखने वाले
किसी और की उम्मीद पर डटकर खड़े रहना सीखो
बस शिकायत ना करो
दूसरों की शिकायते भी सुनो
बात-बात पे ना करने वाले
किसी और का ना सुना भी सीखो
किसी से प्यार चाहते हो तो प्यार दो
किसी से काम करवाना चाहते हो तो
उसके काम भी तुम कर दो
जिस चीजों की जरूरत तुम्हें है
सेम उसी चीज की जरूरत किसी और को भी है
यह समझो
अगर तुम्हारा कोई ख्याल रखना है तो
समझो कोई खुद से ज्यादा
अगर तुम्हें कोई इंपॉर्टेंट समझता है तो
समझो जो तुम्हारी हर बातों पर आहें हैं भरता है तो
समझो कोई अगर तुम्हारे फैसले का हमेशा समान करता है तो
समझो कि बदले में वह भी
तुमसे यही सब चाहता है
समझो कि उनका वक्त भी तुम्हारे तरह ही इंपॉर्टेंट हो सकता है
समझो कोई
खुद को खाली कर दिया तुम्हारे लिए तो
समझो तुम्हारे साथ होने से ज्यादा इंपोर्टेंट है
उनके लिए तुम्हारा साथ देना
दूसरों से उम्मीद रखने वालें
समझो कि तुमसे भी कोई उम्मीद रखता है
यूं हमेशा मुह ना मोर
गौर से जरा तुम उनकी भी बातें सुनो
जिसे जहां भर के किस्से तुम सुनाते रहते हो
उसका भी दिल है
जिसके अंदर उसकी ही टूटन पड़ी हुई है
उसे भी तुम जरा सुनो
जिसे तुम नरम दिल समझते हो
उसे अनदेखा करके पत्थर तो ना बनाओ
उनके घुटन को भी जरा महसूस करो
जिसके सर पर तुम अपने गम की सारे बुझ तोड़ते हो
जरा पास जोओ उनके
और सामने बैठो
और पूछ लो जरा उनके दिल की हाल
और अगर बताने लगे तो
2 मिनट बैठकर शांति से सुन लो
अगर ना बताएं भी तो
2 मिनट खामोश बैठ बिना कुछ कहे
साथ उनके साइद इतना ही काफी हो
उनके लिए
दूसरों के वक्त चुराने वाले
जरा अपना भी वक्त को खोर देखो
किसी और को अपनी कीमती वक्त देकर देखो
सबको जरूरत है प्यार की देखभाल की अपनेपन की
सबको जरूरत है तुम्हारा भी इंसानीपन की
Ajit
bye bye matrubharti Alvida......😭🙏
Ajit
very nice intragram story...Aatali moti ramat mari sathe....😭🙏😭🙏😭🙏
Ajit
વહાલસોયો સંબંધ મૃત્યુ પર્યંત નથી ભૂલાતો અને નઈ ભૂલાય.....😭🙏😭🙏😭🙏
Jyoti Gupta
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Anish
तुझको अपनी रूह में उतार लू मैं, खुद को तेरी चाहत में सवार लू मैं..
*नहीं चाहिए मुझे इस दुनिया से कुछ और, बस एक तू मिल जाए तो अपनी जिंदगी गुजार लू मैं..!!
Aaliya khan
Hey! Great news... मेरी series, My Darkness World, अब Pocket FM app पर LIVE है
यह छोटी-सी success आपके साथ share करना चाहता/चाहती हूँ!
मेरी series अभी check करें 👉 https://pocketfm.onelink.me/2IE7/oy8yi23u
Ajit
તારા વગર હું કાઈ નથી એ જાણવા છતાં એક હાકલ તે ના કરી.........
તારા વગર શૂન્ય છું એ જાણવા છતાં તે સર્જન ના કર્યું.............
જિંદગી ની યાદ 😭🙏
Ajit
તારા વગર હું કાઈ નથી એ જાણવા છતાં એક હાકલ તે ના કરી.........
તારા વગર શૂન્ય છું એ જાણવા છતાં તે સર્જન ના કર્યું.............
જિંદગી ની યાદ 😭🙏
Nisha Jitesh Palan
“ससुराल जाने के बाद भी बेटियों का मायके में हस्तक्षेप – सही या गलत?”
भारतीय समाज में बेटी का मायके से रिश्ता बहुत गहरा और भावनात्मक होता है। शादी के बाद भले ही उसकी जिम्मेदारियाँ बदल जाती हैं, लेकिन उसके दिल में अपने माता-पिता और घर के लिए वही अपनापन बना रहता है। यही कारण है कि कई बार बेटियाँ ससुराल जाने के बाद भी मायके के मामलों में अपनी राय देती रहती हैं।
लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सही है?
एक तरफ देखा जाए तो यह पूरी तरह स्वाभाविक है। बेटी अपने माता-पिता की चिंता करती है, उनके सुख-दुख में शामिल होना चाहती है और अगर उसे कहीं कुछ गलत लगता है, तो वह उसे सुधारने की कोशिश भी करती है। यह उसका प्यार और जिम्मेदारी का एहसास दिखाता है।
लेकिन दूसरी तरफ, जब यही चिंता “हस्तक्षेप” का रूप ले लेती है, तब समस्या शुरू होती है।
हर छोटी-बड़ी बात में राय देना, घर के फैसलों को प्रभावित करना या नई बहू (भाभी) के कामों में दखल देना — इससे घर का संतुलन बिगड़ सकता है।
मायके में नई बहू की भी अपनी जगह और जिम्मेदारियाँ होती हैं। अगर हर निर्णय में बेटी ही बोलती रहे, तो बहू को अपने अस्तित्व और सम्मान पर असर महसूस हो सकता है। इससे रिश्तों में तनाव आना स्वाभाविक है।
इस स्थिति का सबसे अच्छा समाधान “संतुलन” है।
बेटी को अपने मायके के प्रति प्यार और जुड़ाव बनाए रखना चाहिए, लेकिन साथ ही यह समझना जरूरी है कि अब उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी उसका ससुराल भी है।
वहीं माता-पिता को भी चाहिए कि वे हर छोटी बात में बेटी को शामिल करने के बजाय घर के वर्तमान सदस्यों पर भरोसा रखें।
अंत में, हर रिश्ते को निभाने के लिए दो चीजें सबसे जरूरी होती हैं — प्यार और मर्यादा (boundaries)।
जहां प्यार हो लेकिन सीमाएं ना हों, वहां टकराव होना तय है।
इसलिए सही यही है कि —
👉 बेटी मायके से जुड़ी रहे, लेकिन हस्तक्षेप की जगह समझदारी और सम्मान को चुने।
अक्षय राजाराम खापेकर
घाव मनाचा.. 😢
विझलो नाहीये अजून मी
अंतरंगी ज्योत तेवत आहे.
शब्द तुझे हवेत विरले जरी
मन पटलावर कोरले आहेत..
फुंकर अजून मारणार किती,
अस्तित्व माझे संपणार नाही..
अनेक वादळे झेललीयत मी
इतक्या लवकर मिटणार नाही..
करून बघ घाव तो एकदाचा
इतक्या सहज हारणार नाही मी..
माझाही मीपण पाहिल्याशिवाय
तुला दूर जाऊ देणार नाही मी..
माझी खरी किंमत कळेल तुला
तेव्हा खुप दुर गेलेला असेल मी..
काय गमावलं विचार करत राहशील
पण सावरायला जवळ नसेल मी..
✍🏻 कवी : श्री. अक्षय खापेकर. ©®
(All copyright reserved)
Shefali
#shabdone_sarname__
अक्षय राजाराम खापेकर
घाव मनाचा.. 😢
विझलो नाहीये अजून मी
अंतरंगी ज्योत तेवत आहे.
शब्द तुझे हवेत विरले जरी
मन पटलावर कोरले आहेत..
फुंकर अजून मारणार किती,
अस्तित्व माझे संपणार नाही..
अनेक वादळे झेललीयत मी
इतक्या लवकर मिटणार नाही..
करून बघ घाव तो एकदाचा
इतक्या सहज हारणार नाही मी..
माझाही मीपण पाहिल्याशिवाय
तुला दूर जाऊ देणार नाही मी..
माझी खरी किंमत कळेल तुला
तेव्हा खुप दुर गेलेला असेल मी..
काय गमावलं विचार करत राहशील
पण सावरायला जवळ नसेल मी..
✍🏻 कवी : श्री. अक्षय खापेकर. ©®
(All copyright reserved)
Raju kumar Chaudhary
🇳🇵 आमाको सपना 🇳🇵
आमाको आँखामा देखेको त्यो सपना,
आज बिस्तारै उज्यालो बन्दैछ आफ्ना।
आँसुका थोपा बगाएर हुर्काएकी सन्तान,
आज देशका लागि उभिएको छ महान।
गरिबीको पीडा, संघर्षको कथा,
त्यही बाटो हुँदै बन्दैछ अब व्यथा।
हिजो जहाँ अँध्यारो मात्र थियो,
आज त्यहीँ उज्यालोले मुटु छुन थाल्यो।
आमा भन्थिन् — “देशको लागि केही गर,”
त्यो आवाज आज मुटुभित्र गुञ्जिरहन्छ हरपल।
रगतमा बगेको छ देशप्रेमको धार,
अब कसैले रोक्न सक्दैन यो बहार।
सीमा जोगाउने वीरहरूको बलिदान,
हामी सबैको शान, हाम्रो पहिचान।
तिनकै पाइला पछ्याउँदै अघि बढ्दैछौं,
नेपाल आमाको नाम संसारमा गुञ्जाउँदैछौं।
आज जब सफलता नजिक आइरहेको छ,
आमाको सपना साँचो हुँदै गइरहेको छ।
मुस्कानले भरिएको छ उनको अनुहार,
किनकि छोराछोरीले राखे देशको मान उच्च अपार।
अब नझुक्नेछौं, नथाक्नेछौं कहिल्यै,
देशको लागि बाँच्नेछौं सधैं।
आमाको सपना केवल सपना होइन,
यो त हाम्रो भविष्यको उज्यालो हो, हाम्रो पहिचान हो।https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE
वात्सल्य
તુ જે પોતાનાં માને છે,તે બધાં તને સમય આવ્યે ભૂલી જશે.
હું એક જ એવો છું,જે કદાપિ તને નહીં ભૂલું.
- वात्सल्य
Falguni Dost
પરિવારમાં સંપ જળવાય રહે એ માટે પરિવારને અનુરૂપ થઈને રહો નહી કે અવરોધરૂપ
પરિવારમાં શાંતિ જળવાય રહે એ માટે દરેકનો સ્વીકાર્ય કરીને રહો નહી કે અડચણરૂપ
ખૂબ સરળ છે દરેકની ખામી શોધવી
દોસ્ત! અઘરું તો ફ્કત એટલું જ એ વ્યક્તિની સ્થાને રહી જીવન જીવવું એના જીવન અનુરૂપ.
- ફાલ્ગુની દોસ્ત
swarnima varshney
Conversation between draupadi and vyasa ..a day before commencement of war !! Book is #thepalaceofillusions
archana
पता है… मैं जब भी किसी की पोस्ट देखती हूं ना… ❤️
तो बस ऐसे ही लाइक नहीं करती…
मैं ये सोचकर लाइक करती हूं कि…
पता नहीं वो इंसान किस हालात में होगा…
शायद उसे मेरी एक लाइक से थोड़ी खुशी मिल जाए… ✨
क्योंकि सच तो ये है…
मेरे पास पैसे नहीं हैं…
कि मैं किसी की बड़ी मदद कर सकूं… 💔
पर दिल से मदद तो कर सकती हूं ना…
इसलिए मैं हर पोस्ट को दिल से लाइक करती हूं…
और यही सोच लेती हूं…
कि इससे बड़ा दान मेरे लिए क्या हो सकता है… ❤️
हां… ताने भी मिलते हैं…
“खुद फ्री का खाती है…” 😔
पर कोई नहीं…
जब ऊपर वाला मुझे काबिल बनाएगा…
तब शायद मैं सच में किसी की बड़ी मदद कर पाऊंगी…
अभी के लिए…
मेरी हर लाइक… मेरी तरफ से एक छोटी सी दुआ है… ✨
Shefali
#shabdone_sarname__
Raju kumar Chaudhary
स्याही से नहीं, दिल की धड़कनों से लिखता हूँ,
हर कहानी में अपना एक हिस्सा रखता हूँ।
कभी इश्क़, कभी संघर्ष, कभी सपनों की उड़ान,
हर भाषा में बस जज़्बातों का ही बयान।
अगर शब्दों में सुकून और तूफ़ान दोनों चाहते हो,
तो Follow करिए…
यहाँ हर रचना में आपका ही अरमान छुपा है। ✨https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE
Raju kumar Chaudhary
स्याही से नहीं, दिल की धड़कनों से लिखता हूँ,
हर कहानी में अपना एक हिस्सा रखता हूँ।
कभी इश्क़, कभी संघर्ष, कभी सपनों की उड़ान,
हर भाषा में बस जज़्बातों का ही बयान।
अगर शब्दों में सुकून और तूफ़ान दोनों चाहते हो,
तो Follow करिए…
यहाँ हर रचना में आपका ही अरमान छुपा है। ✨https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE
Anish
श्री कृष्ण के बांसुरी का नाम क्या है?
महानंदा या सम्मोहिनी
Pragna Ruparel
એક એવો સંબંધ. જે એક સમયે સૌથી અઝીઝ હતો.સમય - સંજોગથી વિખૂટા પડ્યા .પહેલા શબ્દો ખૂટ્યા, પછી સમજ ખૂટી અને છેવટે લાગણી ખૂટી. જે હંમેશા તમારી સાથે હતી. ઘર જેવી લાગતી હતી. એ આજ અજાણી લાગે છે! એક... એવો સબંધ...?
vrinda
कुछ क्षण पहले सभा में खड़ी वो
अपने सतीत्व की परीक्षा दे रही थी।
राम के भरे दरबार में जानकी
अपनी पवित्रता का प्रमाण दे रही थी।
वाल्मीकि संग लव कुश,
सिया के साथ थे।
पर नगर के वासियों के हृदय,
अभी भी विषाक्त थे।
जब दे दे सफाई जानकी हर गई,
तो भू देवी उनके प्रमाण बन आ गई थी।
साबित कर अपना चरित्र पवित्र,
जानकी अब जा रही थी।
कुछ क्षण पहले सभा में खड़ी वो
अपने सतीत्व की परीक्षा दे रही थी।
प्रमाण देख नगर के वासी हाथ जोड़ विनती करने लगे
राम भी अपनी सिया को रोकने भागन लगे।
पर नियति से हारी सिया
अपना जीवन त्याग चुकी थी।
जब तक राम पहुंचें उन तक,
वो सिया तो यह धरा छोड़ कर जा चुकी थी.........
- vrinda
kajal jha
मेरी हँसी के पीछे छुपे हैं हजारों ग़म,
किसे सुनाऊँ दिल का ये अधूरा सा हरम,
सबको लगता है मैं मजबूत बहुत हूँ मगर,
अंदर से टूट चुकी हूँ, ये जानता है बस मेरा खुद का ही सनम।
- kajal jha
Dimple Das
Good afternoon everyone...do check out the link below ...
https://youtube.com/shorts/qZd_atA1IA8?si=eAMdIPRsSm8pBLf3
Shraddha Panchal
(આવતીકાલ નો શું ભરોસો??)
કેટલાક લોકોનું જીવન ટૂંકું હોય છે,
જ્યારે કેટલાકનું જીવન લાંબુ હોય છે!
મૃત્યુ કોઈના દરવાજે છે,
જ્યારે કેટલાકના માથા પર મંડરાઈ રહ્યું છે!
કોણ જાણે કોના નસીબ માં ,
આવતીકાલનો સૂરજ ઉગશે કે નહીં!
કોણ જાણે આજે જેના પર તમે ગુસ્સે છો તે કાલે તમને મળી શકશે કે નહીં?
દિલના સંબંધોને ગેરસમજનો ભોગ ન બનવા દો!
મતભેદની ગાંઠને આટલી
જોર થઈ ના બાંધો.
સમયની રેતી એક ક્ષણમાં
તમારા હાથમાંથી સરકી જશે!
તમે બૂમ પાડતા રહી જશો ,
અને તે ખૂબ દૂર વહી જશે!❤️
prit tembhe
नजरेची तुझ्या,
मनाला हळूच साद आली...
रूपाने चंद्राच्या ,
चांदणी रात बेधुंद झाली.......!
इथेही नजर हळूच वळली तुझ्याकडे,
आणि या हृदयाची,पुन्हा पाकळी झाली.......!!✍️💌
Manjibhai Bavaliya મનરવ
#લય મેળ શબ્દ રચના ગીત
# બાવરીયુ
# ગીત મંજરી
તન મન ઘટ મોજે માજરીયુ...
ક્ષુધા શમે ના તૃષા તમે ના,
વલોવી વલોણે. વળવળેના...
છાશે તરણા માખણીયુ....
સકળ ડખળ જીવન પથ પર,
જુરે વલખે વલોપાત સત પર...
બાફિ બોળ્યું બાજરીયુ...
મલોખ માડવડે જૂલે વાત વરી,
ઉડે ખગ નભ તળ ટહેલ તરી..
સજ્જડ મારી છે ફાચરીયુ...
મોર આંબલીયે,કોયલ ટહૂકે,
વસંત ખીલે તમરા ઝબૂકે....
મનરવ મન બન્યું બાવરીયુ....
મનજી મનરવ
Piyu soul
“हर किसी की कहानी में एक ऐसा मोड़ आता है…
जहाँ वो मुस्कुराना नहीं छोड़ता,
बस अंदर से टूटना सीख जाता है…”
Soni shakya
मैं उसकी कहानी में सिर्फ एक किरदार थी..!
'वजूद' समझना मेरी गलती थी..!!
- Soni shakya
Shailesh Joshi
सही तरीके से घर संसार कैसे चलता है ? या चल सकता है ? और
इसके लिए हमें क्या करना चाहिए ?
इसके लिए नंबर एक पर आता है कि,
परिवार के सभी सदस्य भलीभांति जानते, मानते और समझते हो कि,
सही तरीके से पैसे कमाना क्या होता है ? और वह क्यों जरूरी है ?
नंबर दो,
अभी हमारे घर में जितने भी सदस्य कुछ न कुछ धंधा रोजगार कर रहे हैं, और इससे हमारे घर में जो भी कमाई हो रही है,
इस कमाई को हम हमारी जरूरतों के हिसाब से हमें,
कहा-कहा, कैसे और कितना खर्च करना है ? ये सुनिश्चित करें.
और नंबर तीन,
जो अति से भी अति आवश्यक है कि,
अभी हमारी कमाई,
यदि हमारी जरूरतों से बहुत ही कम हो रही हों, या फिर
अभी हमारी जितनी भी जरूरतें हैं, इससे कई गुना अधिक हो रही हैं, फिर भी.....
इनमें से कुछ रकम की बचत तो हमें करनी ही करनी है, क्योंकि
कल किसीने नहीं देखा.
साथ ही साथ
हमें हमारे जीवन में यह बात को तो कभी भी नहीं भूलनी चाहिये कि,
हमें जो चाहिए, जैसा चाहिए वो सिर्फ हमारी सोच है, या फिर वह हमारा सपना है, इसलिए
अभी भले ही हम हमारी सोच को पाले,
अपने सपने को सम्भाले, और वह जरूरी भी है,
क्योंकि अच्छी और बड़ी ख़ाहिशे ही हमारी खुल के जीने की,
जीवन में कुछ और बहतरीन से बहतरीन करने की उम्मीद को जिंदा रखती है, मगर...लेकिन...किंतु....परंतु
बड़ा सोचने के साथ-साथ,
सपने देखने के साथ-साथ,
अभी के हमारे हालात को
कभी भी.....
नजर अंदाज न करें.
फिर हम देखेंगे कि,
हमारा समय हमें हमारे सपनों से भी अधिक प्रदान करेगा, इस के लिए हमें खुद पर, इश्वर पर और समय पर भी रखना है सिर्फ,
धैर्य, संयम और विश्वास.
Soni shakya
जब जब महसूस किया तेरे लिए खास हूं मैं..
तेरे बर्ताव में बता दिया एक झूठी आस में थी मैं..
- Soni shakya
Mara Bachaaaaa
यकीनन
कुछ तो
कमी रही होगी हमारी
नहीं तो आप
ऐसे ना छोड़ जाते।
- Mara Bachaaaaa
Siddarth
છૂટું મૂક્યા પછી પણ છેટું ના જાય એજ આપણું...!!!
Anup Gajare
"सपने"
---
फर्श पर बिखरी
ठंडक
रात
आंखे भींच गई।
नीली बूंद टपक रही हैं
किसी ने नल खुला छोड़ा
उठ नहीं सकता
दिन का बोझ ढोती नदी
उतर रही है समुद्र में।
ये कौन प्रदेश
कैसी भूमि पर
नंगे पैर चल रहा
भारहीन शरीर।
सलून की दुकान
आईने लगे हुए
उसमें प्रतिमा नहीं
क्या मैं खो गया हु।
ये झाग
सेविंग क्रीम
गालों पर रगड़ता
हुआ आदमी,
किसके गाल है
ये
इतने विशाल
मुख के भीतर
कितनी सीढ़ियां लगी है
श्रुति, वेद, प्रकाश, अंधकार भी
हर पायदान से होता हुआ
नीचे ऊपर कर रहा है,
कितने मृत
कितने जीवित प्राणी
समा रहे उस मुख के अंदर।
उसकी दाढ़ी खत्म
वह काम पर निकला है
उसकी टिफिन में
चांद या सूरज घूम रहे हैं।
क्या ये सपना है
नहीं
शायद हां,
वाकई ये दुर्लभ सपना है।
मैं पूरी तरह से जानता हूं
कि, मेरी ही निद्रा में
मैं जाग रहा हु।
भूमि बदल गई
कोई प्यास से बुझ रहा
भूख से बिलग रहा
जीव भी
शायद अमीबा है
इसकी मृत्यु नहीं
इसका विभाजन होता
मैं देख रहा हु।
फिर जमीन बदल गई
यहां कोई केंद्र नहीं
मैं जहां खड़ा हु
शायद वही केंद्र है
या मैं जहां नीद से भरा
पड़ा हु वह भी केंद्र हो सकता है
विस्फोट हर जगह हो रहे है
हर धमाके में
एक नया केंद्र उभर रहा है।
भूमि फिर खिसक गई
या शायद मैं ही
अपने ही भीतर
सरक गया।
एक आवाज थी
बहुत दूर से आती हुई
जैसे कोई नाम पुकार रहा हो
पर वह मेरा नाम नहीं था।
कानों के भीतर
कुछ दरवाज़े खुले
और बंद हो गए
बिना हवा के।
मैंने हाथ बढ़ाया
तो उंगलियों से
रेत नहीं
समय झरने लगा।
घड़ी कहीं नहीं थी
पर टिक-टिक
हड्डियों में हो रही थी।
एक बच्चा दिखा
मेरे सामने
वह रो नहीं रहा था
बस देख रहा था मुझे
जैसे वह जानता हो
मैं अभी टूटने वाला हूँ।
उसने मुट्ठी खोली
उसमें एक छोटा सा
अधूरा ग्रह था
जिस पर
आधी रोशनी
आधा अंधेरा अटका हुआ था।
मैंने उसे छूना चाहा
तो वह बच्चा
अचानक वृद्ध हो गया
और उसकी आँखों में
हजारों जन्मों की थकान
इकट्ठी थी।
वह बोला नहीं
पर उसके होंठ हिले—
“तुम हर बार यहीं आते हो।”
मैं पीछे मुड़ा
तो वही सलून
पर अब आईनों में
चेहरे थे—
सभी मेरे
पर कोई भी मैं नहीं।
एक चेहरा हँस रहा था
एक रो रहा था
एक बस खाली था
और एक
धीरे-धीरे मिट रहा था।
मैंने एक को पकड़ना चाहा
तो पूरा आईना
पानी बन गया
और मैं उसमें
डूबने लगा।
नीचे कोई तल नहीं था
सिर्फ गिरना था
और गिरते हुए
मैंने देखा—
अमीबा अब
ग्रह बन चुके थे
और ग्रह
फिर से
कोशिकाओं में बंट रहे थे।
जीवन और मृत्यु
एक ही धड़कन के
दो किनारे नहीं थे
बल्कि
एक ही वृत्त के
घूमते हुए बिंदु थे।
फिर अचानक
सब कुछ रुक गया।
ना आवाज
ना गति
ना विचार।
सिर्फ एक बिंदु—
इतना सूक्ष्म
कि उसमें
पूरा विस्तार समा जाए।
मैंने सोचा
यही केंद्र है।
पर जैसे ही सोचा
वह बिंदु फट गया।
और उसके भीतर से
अनगिनत “मैं”
बाहर गिरने लगे—
हर एक अलग
हर एक अधूरा।
मैंने उनमें से एक को
पहचानने की कोशिश की
पर तभी—
आंखें खुल गई।
फर्श अभी भी ठंडा था
नल अब भी टपक रहा था
और रात
अब भी अधूरी थी।
मैं उठा नहीं
बस लेटा रहा
और पहली बार
मुझे लगा—
शायद
मैं अभी भी
सपने में किसी अज्ञात
सपने को कंधे पर लादे
चल रहा हु।
-
Parmar Mayur
हम लोग कैसी सोच के साथ जी रहे हैं।
हमें खुद ही मालूम नहीं है।
क्या किताबों के पन्नों पे लिखी अच्छी बातें या विचार सही अर्थों में पढ़े-लिखे लोग अपनाते हैं?
सही में पढ़े-लिखे लोग ये बातें अपनाते तो?
क्या होता?
आज़ जो विश्व मे अशांति की परिस्थितियों बनी है, वो बनती ही नहीं।
क्युकी आज दुनिया को अशांति के तहखाने में भेजनेवाले लोगों पढ़े-लिखे लोग ही हैं।
सही में पढ़े-लिखे लोग ही हैं? जो बिना सोचे ही ऐसे कागजों पर अपने हस्ताक्षर कर लेते हैं जो आगे जाकर कितने निर्दोष लोगों की जान की वजह बनते हैं।
और वह लोगों अपने आपको खुद से महान मानते हैं।
वो लोगों विश्वनेता बनकर भी कायरों वाले काम कर जाते हैं।
जब कि एक अनपढ़ आदमी मानवता, जीवदया ओर शांति का सही मतलब समझता है।
तो वह सही अर्थों में पढ़ा-लिखा है।
जो इंसान अपने झूठे अहम को पालने के लिए अपनी ताकत का ग़लत इस्तेमाल करता है उससे उसका गोड, ख़ुदा या ईश्वर कभी भी खुश रहता नहीं है।
जो मानवता को मारकर सिंहासन भी पा लेता है उसका कोई मूल्य रहता नहीं है, वह डोनाल्ड नहीं डोन ही रहता है।
जबकि यदि कोई अपने संस्कारों को अपनी शिक्षा में रखकर मानवता के लिए अपना सिंहासन भी ठुकरा दे वह लाखों दिलों में राज करता है।
वह राघव राम का रुप धरते हैं जो सिंहासन खोकर भी दिलों पर राज करते हैं।।
Anjali Singh
घर की खुशबू रिश्तों से आती है,
वरना दीवारें तो सिर्फ ईंटों की होती हैं।
Indu Sharma
एक अकेला तारा
रात मे चमक रहा ,
एक अकेला तारा दमक रहा ।
सबसे दूर, मगर अलग है उसका नूर
फिर भी है उसमे अनोखा गरूर ।
ना आस करे ,ना किसी को साथ लाने का प्रयास करे,
चाँद की छाया मे भी वो मुस्कराए,
अपनी रोशनी से खुद को सज़ाए ।
"है एक नन्हा सितारा,फिर भी नही चाहता
कोई पुकारे इसे बेचारा "
दिन- रात हूं मै सोचती यारा,
क्यो है वो इतना अकेला तारा ?
क्या उसको भी है कुछ बडा पाने कि आस ?
इसलिए नही रखता वो किसी को अपने
आस- पास ?
खोज रहा है अपने अंदर की आग ,
और बना रहा है नए माग॔ ?
या बस हमे राह दिखाने आया
चुपचाप अपना फर्ज निभाया ।
हम भी बने वैसे सितारे
जो लगाए आत्मविश्वास के नारे ।
जग मे रोशनी और हिम्मत बाॅटे
चलो बन जाए हम
"एक अकेला तारा "
जो देगा सबको सहारा ।
written
by.
Neeti
Anish
धोखे बाज की कई निशानी
सबसे बात करना
कुछ कहो तो हम पर ही गुस्सा
ये हमेशा बेहतर की तलाश करती हैं
सच को छोड़ झूठ पे भरोसा करती है
जब सच सामने आता है तो
फिर भी यकीन नहीं करती है
इनके पास बहुत ऑप्शन हैं
रोने का नाटक करती है मगरमच्छ के आशु बहा कर खुद को सही समझती हैं
Jyoti Gupta
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jighnasa solanki
દગો કદી સગો ના થાય કોઈનો
એમ કપટી કદી ના થાય કોઈનો
🌹 સુપ્રભાત🌹
🚩જય હનુમાનજી🚩
🚩જય શ્રીરામ 🚩
Shailesh Joshi
जरूरतें भले ही कम करनी पड़े,
हमारे प्यार को न हम
कम होने देंगे,
क्योंकि जरूरतें तो
हमारी तुम्हारी होती है,
लेकिन प्यार.....
वो तो हमारा है.
- Shailesh Joshi -
Anish
किसी एक का होकर रहना सिख लो मेरी जान
हर लड़के से बात करना इश्क नहीं कहलाता..!
Vrishali Gotkhindikar
.....मर्जी ..!!
..वाटल नव्हत कधी ...अशी तुझी माझी गाठ पडेल ..
..तू असावीस फक्त माझी ,,,...
अशी मनाची "खुणगाठ " पटेल ..!
..पण तुझे तर सतत" दुर्लक्ष "....माझ्याकडे ..!
....................................'...तुझी मर्जी ..!!
..जीव गुंतत .गेला तुझ्यात ..
..पण तुला ..त्याची "खबरच " ..नाही ..
कधी ..कधी तर वाट्ते ....
..तुला त्याची "कदर" ..पण नाही !.
..........................................".तुझी मर्जी !!!
.'.एकांतात "भेटू ,..म्हणतो तुला ...
"मनातल्या ..भावना " ..सांगू म्हणतो तुला ....
पण वास्तवात ...मात्र तू "दूरच "राहतेस ..माझ्यापासून ..!
............................................".तुझी मर्जी !!!
....जेव्हापासून भेटलोय न . तुला
.'..चित्त "नाही माझ थारयावर ...
...तुझ्या रुप गुणाचं जणू "गारुड "च झालेय माझ्यावर !!
..असुदे तुझा "दुरावा ".....असुदे "अबोला ".....
.प्रेम तर करतच राहणार ..मी तुझ्यावर ....!!
..........................................."माझी मर्जी ":!!!
....................................वृषाली *****
Dada Bhagwan
પ્રસ્તુત પદ "જુઓ સત્સંગનું મહાતમ" દ્વારા સત્સંગનો ભીડો અને એની મહત્ત્વતાનું આરાધન કરીએ.
https://youtu.be/dnFiugJGCHs
#devotionalmusic #devotionalsongs #bhakti #songoftheday #DadaBhagwanFoundation
Mir
ગંભીરતાથી જીવાતી આ જીંદગી હતી,
હું દરેકને પોતાના માની સાચવતી હતી.
મારી ફ્રિક કોઈ ન કરે ગણકારતી ન હતી,
હું તો બધાની ફિકર કરીને જીવતી હતી.
પિયર હોય કે સાસરું - મારું માનતી હતી,
સમયની એક થપાટે મને હચમચાવી હતી.
નિર્દોષ મારી લાગણી સૌએ દુભાવી હતી,
સ્વાર્થના સંબંધો સમજતા વાર લાગી હતી.
મારા માન્યા, એણે પીઠ પર છૂરી મારી હતી,
પૂછયું તો મને જ સૌએ દોષી ઠહરાવી હતી.
કેટલાયે દિવસો ને રાતો હું વિચારતી હતી,
ક્યાં ભૂલ થઈ છે મારી મને સમજાતી ન હતી.
આ બધામાંથી બહાર આવવા હું મથતી હતી,
છેવટે, આ જીંદગી મેં જાતે મજાક બનાવી દીધી.
હવે, હું જીવું મને જે યોગ્ય લાગે એ રીતથી,
હસતા મોઢે પણ અંદરથી પોતાને રડતી મૂકી દીધી.
MASHAALLHA KHAN
ख्वाब पूरे करने के लिए भी
नींद का त्याग करना पड़ता .
राहते मिलेगी तभी
जब मुश्किलो से दो चार होना पड़ेगा .
-MASHAALLHA...
Piyu soul
तेरी मुक्त की मुसाफ़िरी को न यूँ ग़वा करेंगे,
तू लफ़्ज़ है मेरा, तुझे न यूँ ही बयाँ करेंगे।
तू धड़कता है मेरे हर एक एहसास में कहीं,
तेरे बिना अब खुद को भी कहाँ हम जिया करेंगे।
Sonu Kumar
भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी के शासन काल में राजस्थान के राजघरानों से निकाले गए खजानों का क्या हुआ? क्या उसे देशहित में प्रयोग किया गया है?
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यदि कोई देश ऐसी वस्तुएं नहीं बना पा रहा है जिन्हें निर्यात करके डॉलर कमाए जा सके तो व्यापार घाटा होने लगता है। और डॉलर ख़त्म होने के बाद यदि कोई भी देश डॉलर देने को तैयार न हो तो सिर्फ सोना ही देश को बचा सकता है।
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1969 में भारत पर पहली बार बड़ा डॉलर संकट आया था, तब सोने के कारोबार / आयात पर कई तरह के प्रतिबन्ध रोक लगा कर डॉलर की निकासी कम करने के प्रयास किये गए (जो कि एक गलत फैसला था) । 1974 के परमाणु परिक्षण के कारण अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों ने भारत पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबन्ध लगा दिए, अत: 1976 में डॉलर फिर से ख़त्म हो गए।
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इंदिरा जी के पास तब 4 रास्ते थे :
परमाणु कार्यक्रम रोककर CTBT साइन करना, ताकि अमेरिका हमारे लिए डॉलर के रास्ते खोले। ( इस संधि को पोकरण के कारण ही ड्राफ्ट किया गया था )
मंदिरों को सरकारी नियंत्रण में लेकर मंदिरों से सोना उठाना ( उनके आर्थिक सलाहकारों ने उन्हें यही राय दी थी )
सोना इकट्ठा करने के अन्य विकल्पों पर विचार करना
निर्यात बढाने के लिए जूरी सिस्टम लागू करना
.
जूरी सिस्टम तो उनको लाना नहीं था, अत: उन्होंने तीसरे रास्ते के तहत राजाओं का सोना उठाने की कोशिश की। आजादी के समय सभी रजवाड़ो ने अपनी संपत्तियो की घोषणा की थी, और इंदिरा जी संदेह था कि जयपुर राजघराने ने बहुत बड़ी मात्रा में खजाना छिपाया हुआ है। अत: उन्होंने आपातकाल के दौरान जयगढ़ पर छापा मारकर खजाने की तलाश शुरू की। छापे के समय राजपरिवार जेल में था। सेना द्वारा कई दिनो तक किले में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस गोल्ड हंटिंग के 2 वर्जन मौजूद है :
ऑफिशियल वर्जन है, कि सरकार को वहां से कुछ नहीं मिला। सोने का एक सिक्का तक नहीं।
अटकलें लगाई जाती है कि खजाना मिल गया था, लेकिन इंदिरा जी ने इसे हड़प लिया।
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कुछ मानते है कि खजाना नहीं मिला और कुछ मानते है कि खजाना मिल गया था। अब यह अपना अपना अनुमान लगाने वाली बात है। जिसे जो वर्जन सूट करता है, वह वैसा दावा करता है। सबूत किसी भी पक्ष के पास कोई नहीं है।
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Indira Gandhi ordered a gold hunt in 1976; Pak sought share | India News - Times of India
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मेरा अनुमान है कि, सेना को खजाना नहीं मिला था। इस तरह के ऑपरेशन को इतने गुप्त रूप से नहीं चलाया जा सकता कि पीछे कोई भी सुराग नहीं रहे। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों एवं सर्वेयरो को शामिल करते हुए लगभग 250 लोगो का स्टाफ था, जो यह खुदाई कर रहा था। यदि खजाना मिलता तो बात छुपती नहीं थी, और कोई न कोई संकेत सामने आ जाते। राजपरिवार ने भी तब से आज तक कभी भी सरकार पर यह आरोप नहीं बनाया कि उनका खजाना ले लिया गया। तब भी जब इंदिरा जी सत्ता गँवा चुकी थी, और जनता सरकार आने के बाद हत्या, अपहरण आदि जैसे मुकदमो का सामना कर रही थी।
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——————
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1990 में हम फिर से अटक गए और देश चलाने के लिए सिर्फ 2 हफ्ते का डॉलर बचा था। अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों ने पूरी फील्डिंग लगाकर रखी थी कि हमें कहीं से भी लोन न मिल पाए। यहाँ तक कि आईएम्ऍफ़ एवं विश्व बैंक ने हमें शोर्ट टर्म लोन देने से भी इंकार कर दिया। तब भारत में 46 टन सोना जहाज में भरकर बैंक ऑफ़ इंग्लेंड भेजा और बदले में डॉलर लिए। लेकिन यह देश चलाने के लिए काफी नहीं था।
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आईएम्ऍफ़ ने भारत के सामने शर्त रखी कि, यदि हम भारत का बाजार अमेरिकी-ब्रिटिश कंपनियों के लिए खोल देते है (WTO agreement) तो ही हमें डॉलर मिलेंगे वर्ना नहीं। इस समय स्थिति यह थी कि पैसा न होने के कारण चंद्रशेखर सरकार अपना बजट भी पेश नहीं कर पाई थी। अंत में भारत ने अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों की शर्तें मानी और हमने समझौते पर दस्तखत किये।
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बाजार खोलने के बाद भी भारत का व्यापार घाटा निरंतर बढ़ रहा है, किन्तु अब यह आपको इसीलिए नजर नहीं आता कि विदेशी निवेश की अनुमति देने के बाद सरकारें भारत की राष्ट्रिय संपत्तियां बेचकर देश चलाती रहती है। पिछले 30 वर्षो से वे लगातार इसी तरीके से देश चला रहे है। और इस तरह हम आज पहले से भी बदतर स्थिति में है।
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जब ये संपत्तियां ख़त्म हो जायेगी तो हमारे नेता अपना झोला (भरा हुआ) उठाकर निकल लेंगे। क्योंकि जब भी भारत की संपत्ति औने पौने दामो में बेचीं जाती है तो एक बड़ा हिस्सा हमारे नेताओं की जेब में जाता है !! कभी यह पेड मीडिया में सकारत्मक कवरेज के रूप में होता है कभी नकदी के रूप में।
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अभी अगले साल तक इन लोगो ने 2 लाख करोड़ का माल बेचने का टार्गेट बनाया है - 28 कंपनियों को बेच रही है मोदी सरकार, संसद में बेशर्मी से बोले मंत्री- घाटा हो या मुनाफ़ा हम तो बेचेंगे
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समाधान – रिक्त भूमि कर एवं जूरी कोर्ट का प्रस्तावित क़ानून गेजेट में आने से भारत में बड़े पैमाने पर निर्माण इकाइयां शुरू होने का रास्ता साफ़ हो जाएगा, और भारत ऐसी वस्तुएं बनाने लगेगा जिन्हें निर्यात करके डॉलर कमाए जा सके। जूरी कोर्ट एवं रिक्त भूमि कर लाये बिना निर्यात बढ़ाना संभव नहीं है।
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Kiran
वो आके मुझे सुंदरता से,
मैं देखूं उसकी सौम्यता।
वो निहारे मेरा रूप,
मैं देखूं उसकी शालीनता।
वो ध्यान दे मेरे वजन पर,
मैं देखूं बस उसे…
नापे वो बाहरी चेहरों को,
मैं छू लूं उसकी आत्मा के रस को।
वो बोले दुनिया की बातें,
मैं सुनूं उसकी खामोशी,
वो ढूंढे मुझमें कमियां,
मैं ढूंढूं उसमें रोशनी।
क्योंकि उसे पसंद है सूरत,
और मुझे उसकी सीरत। ❤️
Shivaay Batar
"Behaya - Vinita Asthana", को मातृभारती पर पढ़ें :,
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भारतीय भाषाओ में अनगिनत रचनाएं पढ़ें, और सुनें, बिलकुल निःशुल्क!
Piyu soul
“अब मैं खुद को चुन रही हूँ…
क्योंकि मेरे सपनों की दुनिया,
किसी के इंतज़ार से बड़ी है…”
Nilesh Rajput
“હું ક્યાં કહું છું કે તું મને જ ચાહે,
કમ સે કમ મને તો ચાહે..”
Anish
युं कब तक Reel देखती रहोगी पसंद हूँ
तो बोल दो ना लक्ष्मण थोड़ी हूँ जो नाक काट दूंगा
(में तुम्हारी ही बात कर रहा हूँ)
Anish
जरुरी नहीं की मोहब्बत में
ताजमहल बनाया जाए ।
आप चाय बनाकर भी मुमताज़ को खुश रख सकते है..।
Anish
शौक दो ही अच्छे...
एक अपनी लाइफ में
मस्त जीने का दसरा... चाय पीने का
S U K E T U
“Along the Via Dolorosa, the Lord carries the Cross, revealing God’s mercy and opening the way of salvation for all nations.”
GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
घर को घर कहते नहीं, जहाँ न गृहणी वास। उस घर से जंगल भला, करते वहीं पर प्रवास।।
दोहा --460
(नैश के दोहे से उद्धृत)
----गणेश तिवारी 'नैश'
Imaran
सुना है हर बात का जवाब रखते हो तुम..
क्या मेरी इन तरसती हुई आँखों का भी इलाज रखते हो तुम
👁️imran 👁️
Dr Darshita Babubhai Shah
मैं और मेरे अह्सास
रुहानी
रुहानी सुकुन मिलता है तेरे दीदार से l
आज एक नजर देख भी लो प्यार से ll
भूले से भी दूर जाने का नाम ना ले ओ l
समाने बेठा रहे यहीं ख्वाइश यार से ll
"सखी"
डो. दर्शिता बाबूभाई शाह
kattupaya s
Good morning friends.. have a great day
Piyu soul
Good Morning everyone 🌸✨
मैं उनकी sister बोल रही हूँ 😊
पिछले कुछ दिनों से दी की तबीयत थोड़ी ठीक नहीं थी,
इसलिए उनकी जगह मैं आप सबसे जुड़ी हुई थी 💙
आप सभी ने उन्हें जो प्यार, दुआएँ और support दिया,
उसके लिए दिल से शुक्रिया 🙏✨
अब वो पहले से बेहतर हैं…
और आज से वो खुद अपना प्लेटफॉर्म संभालेंगी 😊💫
🌙
“वो शख्स ही क्या जो हालात से हार जाए,
मेरी दी तो वो है जो हर दर्द को भी शान से अपना ले…
नर्मी भी है उनमें और हौसलों की उड़ान भी,
वो लौटे तो ऐसे जैसे फिर से कोई जान आ जाए…” 👑✨
🌙
उम्मीद है आप सब उन्हें पहले की तरह ही
अपना प्यार और साथ देते रहेंगे 💖
Take care 🌸
Stay happy and keep smiling ✨
Ruchi Dixit
हर एक बात के लिए हर बार
दोषी माना खुद को मेरा
फैसला अंततः हमेशा एक पक्षीय रहा...
- Ruchi Dixit
Bhavna Bhatt
એક નવી રેસિપી
Anand
I’m incredibly happy to share that first book, A Love In The Shadows, by my wife,is releasing soon.
It is a romantic mystery full of twists and turns.
Please follow brewing__stories on instagram for more updates.
Raju kumar Chaudhary
स्याही से नहीं, दिल की धड़कनों से लिखता हूँ,
हर कहानी में अपना एक हिस्सा रखता हूँ।
कभी इश्क़, कभी संघर्ष, कभी सपनों की उड़ान,
हर भाषा में बस जज़्बातों का ही बयान।
अगर शब्दों में सुकून और तूफ़ान दोनों चाहते हो,
तो Follow करिए…
यहाँ हर रचना में आपका ही अरमान छुपा है। ✨https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE
neildas
When Rain Meant Joy
O how the heavens weep, and streets now brim,
With silver streams that once bespoke delight—
When I, a child with heart and spirit trim,
Would greet the rain as herald of respite.
No burdened brow, no clock’s relentless chime,
No ledger’s weight, nor soul’s unspoken ache;
Just stolen hours outside of ordered time,
Where paper ships did glisten in their wake.
The television hummed its careless tune,
A battlefield of laughter, cries, and light—
We sparred for remotes 'til sleepy noon,
Then drifted off ‘neath screens still burning bright.
No thought of future’s fangs nor fortune’s call,
No pondered dread, no echo of regret—
Only the thunder’s lullaby to all,
And dreams where age had not encamped us yet.
But now the rain invokes no joyful shout,
It tapers slow against a jaded pane;
The child I was—long exiled, locked without—
Would scarce believe I flinch to see the rain.
Work waits like winter—cold and never far,
And home, once haven, hums with anxious tune;
Each drop a drumbeat of a distant star,
Each puddle not a pond, but solemn rune.
O for that boy, in standard fifth or sixth,
Who’d dance in floods with heart so full and wide
Unfettered by the grown world’s tangled myth,
Unbroken still, with wonder as his guide.
Bhavesh Vaghela
jid to ghani karvi chhe pan puri karnar koi nathi !
Mamta Trivedi
ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं🌹 कविता का शीर्षक है 🍱 चटनी
https://youtube.com/shorts/hkjJY9EyW6o?si=s9AR-jyOjuECtu7V
🌅ममता गिरीश त्रिवेदी ✍️
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