Gujarati Whatsapp Status |
Hindi Whatsapp Status
kattupaya s
Goodnight friends ...sweet dreams
S A Y R I K I N G
मैडम जी शायरी किंग ऐसे ही नहीं कहते हैं
हर लफ्ज़ का अर्थ
मोहब्बत से देते है
उलझ जाओगी तुम इश्क़ के जाल में न पड़ो
S A Y R I K I N G
जीभ के जलने पे
मुझसे चाय नहीं छोड़ी जाती
और आप कहती हो मोहब्बत छोड़ दे
S A Y R I K I N G
अब ना शिकवा है तुझसे और ना कोई ग़िला है
मैं खुश हूँ ये सुन कि फ़रेबी को फ़रेबी मिला है
sunshine
बात किसकी थी समझ नहीं आया
मैं किया था ओर किया हो गया
S A Y R I K I N G
पतियों का कहना है
आदमियों ने औरतों के लिए
ताजमहल बुर्झखालीफ अप्रैल टॉवर तक बना दिए
आप बस उनको सुबह चाय का बोल दो
फिर देखो तमाशा
રોનક જોષી. રાહગીર
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Jyoti Gupta
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Ashish jain
॥ दक्षिण का वह दिव्य प्रकाश: चामुंडराय ॥
हाथ में तलवार जिसके, मन में जिनवर का ध्यान था,
शक्ति और भक्ति का वह, संगम बड़ा महान था।
दक्षिण की उस माटी का, जो बना अनोखा मान था,
चामुंडराय वह योद्धा, जैन धर्म की शान था।
साम्राज्य की रक्षा में जिसकी, बिजली सी तलवार चली,
पर सत्य-अहिंसा की राहों पर, जिसकी पावन धार चली।
वैराग्य जगा जब अंतर में, मोह के बंधन तोड़ दिए,
राज-काज के वैभव सारे, प्रभु चरणों में छोड़ दिए।
विंध्यगिरी की शिला काट कर, अद्भुत मूरत गढ़ डाली,
बाहुबली के चरणों में, अपनी किस्मत लिख डाली।
अभिमान गला जब भक्त का, तब चमत्कार दिखलाया था,
छोटी सी उस बुढ़िया ने, प्रभु को दूध से नहलाया था।
त्याग बना जब आभूषण, तब पत्थर भी मुस्काया था,
गोमटेश की छाया में, उसने जग को राह दिखाया था।
आशीष कहे यह गाथा, जो भक्ति का उजियारा है,
दक्षिण का वह 'दिव्य प्रकाश', आज भी जग का तारा है।
Adv. आशीष जैन(श्रीचंद)
7055301422
Nilesh Rajput
मेरे प्यार का अब तुम हिसाब कर दो,
जल रही किताब को अब शराब कर दो,
तारों से मेरी अब मुलाकात कर दो,
करके बदनाम मुझे तुम बर्बाद कर दो
Meera Singh
शब्दों के बाण चले दिल पर
शब्दों में टक्कर बहुत हुई।
हम वही खड़ें खामोश रहे
खामोशी की चोट बहुत हुई।।
मीरा सिंह
અનિકેત ટાંક
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Rajeev Namdeo Rana lidhori
#Thanks_all_of_you
http://rajeevranalidhori.blogspot.com/2026/01/blog-post_22.html
आज मेरे #ब्लॉग_पाठक देशों का #शतक पूरा हुआ
बहुत बहुत आभार सभी 100 देशों के पाठकों को जिन्होंने मेरे ब्लॉग को पढ़ा है।
#राजीव_नामदेव #राना_लिधौरी
#rajeev_namdeo
Raju kumar Chaudhary
हैरी पॉटर एंड द फिलॉसफर्स स्टोन: बुक रिव्यू (और थोड़ा मसालेदार!)
अरे वाह, जे.के. रोलिंग की "हैरी पॉटर एंड द फिलॉसफर्स स्टोन" (अमेरिका में "सॉर्सेरर्स स्टोन" के नाम से मशहूर) 1997 में आई थी, और ये वो किताब है जिसने पूरी दुनिया को जादू की छड़ी से मोहित कर दिया! कल्पना कीजिए: एक साधारण लड़का, जो अलमारी में सोता है, अचानक पता चलता है कि वो एक महान जादूगर है। ये किताब नहीं, बल्कि एक जादुई पोर्टल है जो आपको हॉगवर्ट्स की दुनिया में खींच लेता है – जहां उड़ती झाड़ू, बात करने वाले सांप, और अमरता देने वाला पत्थर इंतजार कर रहे हैं!
प्लॉट का जादू: हैरी पॉटर, 11 साल का अनाथ, अपने तंगदिल चाचा-चाची के साथ जी रहा है, लेकिन एक दिन हैग्रिड नाम का विशालकाय जादूगर आता है और कहता है, "तुम एक जादूगर हो, हैरी!" फिर शुरू होता है हॉगवर्ट्स का सफर – क्विडिच मैच जहां गेंदें उड़ती हैं, स्पेल्स जैसे "विंगार्डियम लेवियोसा" जो चीजें हवा में तैराती हैं, और एक बड़ा रहस्य: फिलॉसफर्स स्टोन, जो मौत को चकमा दे सकता है। लेकिन वोल्डेमॉर्ट (जिसका नाम लेने से सब डरते हैं) उसकी ताक में है! प्लॉट इतना तेज है कि पेज पलटते रहेंगे, और थीम्स? दोस्ती की ताकत, बहादुरी का जज्बा, और अच्छाई की जीत – सब कुछ इतने मजेदार तरीके से बुना गया कि आप हंसेंगे, डरेंगे, और तालियां बजाएंगे।
कैरेक्टर्स की चमक: हैरी वो हीरो है जिससे हर बच्चा रिलेट कर सकता है – डरा-सहमा लेकिन दिलेर। रॉन वीजली? वो दोस्त जो हमेशा साथ देता है, लेकिन थोड़ा डरपोक और हंसमुख। हर्मायनी ग्रेंजर? ब्रेनियक गर्ल जो किताबों से जादू करती है! और डंबलडोर? वो बूढ़ा जादूगर जो हमेशा बुद्धिमान बातें कहता है, जैसे "यह चुनाव हैं जो हमें सच्चा बनाते हैं, न कि हमारी क्षमताएं।" स्नैप का रहस्यमयी अंदाज और वोल्डेमॉर्ट का डरावना छाया – सब मिलकर कहानी को जीवंत बनाते हैं। रोलिंग ने बच्चों की दुनिया को इतनी रियलिटी दी है कि लगता है हॉगवर्ट्स असली है!
क्या बनाता है इसे सुपर रोचक? कल्पना की उड़ान! फ्लाइंग कारें, इनविजिबिलिटी क्लोक, और चॉकलेट फ्रॉग्स जो कूदते हैं – ये सब पढ़कर आपका बचपन लौट आएगा। मजेदार फैक्ट: रोलिंग ने ये किताब एक कैफे में लिखी थी, जब वो गरीब थीं, और आज ये दुनिया की सबसे बेस्टसेलिंग सीरीज है! हास्य के पल, जैसे रॉन का स्पेल गलत होना, और सस्पेंस के ट्विस्ट्स – ये किताब सिर्फ पढ़ने की नहीं, जीने की है।
कमियां? अगर आप वयस्क हैं, तो शुरुआत थोड़ी बच्चों वाली लग सकती है, लेकिन जैसे-जैसे पढ़ेंगे, गहराई मिलेगी। अगर सीरीज की पहली किताब नहीं पढ़ी, तो... वेल, ये पहली है ही!
रेटिंग: 5/5 स्टार्स! अगर फैंटेसी, एडवेंचर, और थोड़ा जादू पसंद है, तो ये किताब आपकी जिंदगी में "एक्सपेलियार्मस" की तरह सब कुछ बदल देगी। पढ़िए, और हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस में सवार हो जाइए – टिकट फ्री है! 🪄https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtluE
Shailesh Joshi
ખરાબ કામ કરીને આગળ જતાં પસ્તાવો થાય,
એના કરતાં વારંવાર પ્રયત્નો કરવા છતાં પણ
દર વખતે એક પછી એક નિષ્ફળતાઓ મળે,
એ વધારે સારું, કેમકે એમાં
આપણી આશા અકબંધ, અને અન્યોનો
આપણા પ્રત્યેનો ભરોસો જળવાઈ રહે છે.
- Shailesh Joshi -
Imaran
मुझे इश्क है बस तुमसे नाम बेवफा मत देना,
गैर जान कर मुझे इल्जाम बेवजह मत देना,
जो दिया है तुमने वो दर्द हम सह लेंगे मगर,
किसी और को अपने प्यार की सजा मत देना
💔imran 💔
Jatin Parmar
સંબંધો ની માયાજાળ માં
એ રીતે ફસાયો છે માનવી
કે તેને જીવતા શીખવું પડે છે,
આતો એવી જ વાત થયી ગયી કે
સિંહ ને શિકાર કરતા શીખવું પડે છે...! 🥀
- જતીન
Jatin Parmar
જુવાની ના જોશ માં
અહંકાર ની મર્દાનગી ફુટી છે,
પ્રેમ તે કરતી નથી ને કહે છે
દિલ માં દીવાનગી ઊતરી છે,
દુનિયા ની નજરો માં સૌને માટે
તે પ્રીત બની ગઈ છે,
અને મારા માટે
મારા શબ્દોરૂપી ગીત બની ગયી છે...!🥀
- જતીન
nidhi mishra
हर बच्चे का बचपन आसान नहीं होता,
यह कलयुग है यहाँ हर मंदिर में भगवान नहीं होता,
सबका घर आबाद नहीं होता,
कुछ डरते हैं स्कूल से वापस आने में, हर बच्चे का डर मोटी-मोटी किताब नहीं होता,
सबके दूर-दूर तक रिश्तेदार नहीं होते,
सबके वो तीन खास यार नहीं होते,
सबकी माँ प्यार नहीं कर पाती, सबके पिता ज़िम्मेदार नहीं होते,
कुछ लोगों के घर में भी अजनबी रहते, हर किसी के घर वाले परिवार नहीं होते।
जिसने पेट भरा हो माँ के बलिदानों से, जिसने बाप का गुस्सा पिया होगा,
जिसने हर महीने अपनी परवरिश का आँसुओं से किराया दिया होगा,
उस बच्चे ने भला कैसा बचपन जिया होगा?
पर बचपन उसे भी याद रहता है जो भुलाना चाहता है,
इतिहास दोहराता होगा कभी-कभार, बचपन बार-बार दोहराता है।"
Raju kumar Chaudhary
"आमा म होमवर्क सकेर छिट्टै फर्किन्छु है" निर्मलाले सानो प्लास्टिकमा आफ्ना साथीहरूका लागि केही अम्बा पोको पारिन्, आफ्नो पुरानो साइकल निकालिन् अनि मुस्कुराउँदै घरको आँगनबाट निस्किइन्।
दिन ढल्यो, साँझ पर्यो, तर निर्मला फर्किनन्। ब :म दिदीबहिनीको घरबाट दिउँसो २ बजे नै निर्मला निस्किसकेको भनिएको थियो तर उनी साँझ ८ बजेसम्म घर पुगिनन ।
आत्तिएकी आमा र परिवार जब प्रहरी चौकी पुगे, त्यहाँ उनीहरूले राज्यको पहिलो धोका पाए।
छोरी हराएको पीडामा छटपटाइरहेका आमाबुवालाई बर्दीधारी रक्षकहरूले जवाफ दिए– "पोइला गइहोली, के'टासँग घुम्दै होली।" यदि त्यो रात प्रहरीको त्यो असंवेदनशीलता नभएको भए, यदि तत्काल ‘सर्च अपरेसन’ चलेको भए, सायद कथाको अन्त्य अर्कै हुन सक्थ्यो।
भोलिपल्ट बिहान। साउन ११ गते। घरभन्दा केही परको उखुबारीमा निर्मलाको नि' र्जीव शरीर भेटियो। त्यो दृश्यले मान्छेको मात्र होइन, मानवताकै सातो उडाएको थियो। तर, त्यो वि 'भत्स घ 'टनाभन्दा ड 'रलाग्दो दृश्य त त्यसपछि देखियो।
अप 'राध अनुसन्धानमा घट 'नास्थललाई ‘मन्दिर’ मानिन्छ, तर त्यहाँ रक्षकहरू नै भक्षकको मतियार बनेजस्ता देखिए। एउटा अबोध बालिकाको श' *व नजिकै भेटिएको सुरुवाल– जुन ब * त्का 'रको सबैभन्दा ठूलो प्रमाण हुन सक्थ्यो– त्यसलाई प्रहरीले नै पानीमा चोबलेर पखालिदिए। के त्यो केवल अज्ञानता थियो? वा कसैको पाप पखाल्न गरिएको नियोजित षड्यन्त्र?
भीड जम्मा भयो। निर्मलाको साइकल र कापी-किताबहरू श* 'वभन्दा केही पर असरल्ल थिए, तर त्यहाँ कुनै संघर्षको चिन्ह थिएन। मानौँ, ह' *त्या अन्तै कतै गरेर श 'व त्यहाँ सजाइएको थियो। तर, प्रमाण नष्ट गर्ने हतारोमा फरेन्सिक टोली नपुग्दै श 'व उठाइयो। सत्य त्यही उखुबारीको माटोमुनि सधैँका लागि दबियो।
त्यसपछि खेलियो झन् ठूलो खेल जनताको आ 'क्रोश बढ्दै जाँदा राज्यले एउटा ‘पात्र’ खडा गर्यो– दिलिप सिंह विष्ट। ४१ वर्षीय मानसिक सन्तुलन गुमाएका एक व्यक्ति।
प्रहरीले एउटा तयारी पटकथा सुनायो, "यसैले हो निर्मलालाई मा* 'रेको।" प्रमाणको नाममा उसको खल्ती च्यातिएको कमिज देखाइयो।
बन्द कोठाभित्र दिलिपलाई के गरियो, त्यो पछि मात्र बाहिर आयो। "तँ यो
अ *पराध स्वीकार गर, हामी तँलाई मासु र र 'क्सी दिन्छौं, नत्र मा *रिदिन्छौं"– एउटा मानसिक रोगीलाई दिइएको यो प्रलो 'भन र या 'तना न्याय प्रणालीको अनुहारमा लागेको कालो पोत थियो।
तर, झूटको आयु छोटो हुन्छ। निर्मलाको श 'रीरबाट संकलन गरिएको (जतिसुकै विवादित भए पनि) DNA र दिलिपको DNA मिलेन।
विज्ञानले राज्यको झूटलाई स्वीकार गर्न मानेन। एउटा निर्दोष जोगियो, तर असली अ* 'पराधी अझै पर्दा पछाडि नै मुस्कुराइरह्यो।
निर्मलाको न्याय माग्दा सडक आ 'गो बन्यो। सिङ्गो देश रोयो। कञ्चनपुरको सडकमा नारा लाग्यो, "सरकार, निर्मलालाई न्याय दे!" तर सरकारले न्यायको साटो गो' *ली चलायो।
भदौ ८ गते। १७ वर्षीय सन्नी , जो निर्मलाका लागि न्या 'य माग्दै सडकमा आएका थिए, प्रहरीको गो* *ली लागेर ढले। एउटा ह' *त्याको छानबिन गर्नुपर्ने राज्यले अर्को ह* 'त्या गरेर जवाफ दियो।
आज वर्षौं बितिसक्यो। घट* 'नास्थल नजिकैको सेनाको ब्यारेक, ब :'म दिदीबहिनीको त्यो घर,पटकपटक फेरिएका बयानहरू, घ 'टना हुँदा बित्तिकै रंगरोगन लगाइएका ती कोठाहरू, सुरवाल पखाल्ने प्रहरीहरू र शंकाको घेरामा रहेका 'भीआईपी' अनुहारहरू– सबै रहस्यकै गर्भमा छन्।
निर्मलाका बुबा यज्ञराज पन्त, जो न्याय माग्दामाग्दै सडकमा बर्राउने अवस्थामा पुगे, उनको मानसिक सन्तुलन डगमगायो। आमा दुर्गा देवी, जो राज्यसँग लड्दालड्दै थाकिन्, अन्ततः हार मानिन्।
यो कथाको अन्त्य अझै लेखिएको छैन। निर्मलाको ह'त्यारा आज पनि स्वतन्त्र हिँडिरहेको छ। उनको नाममा कार्यक्रम चलाउनेहरू गृहमन्त्री बने, प्रधानमन्त्री, कानुनमन्त्री, आइजीपी, डीआइजी सबै फेरिए।
तर नफेरिएको एउटा मात्रै सत्य के हो भने—
"निर्मलाको आत्माले अझै शान्ति पाएको छैन।"
निर्मला पन्तप्रति हार्दिक श्रद्धाञ्जली!
#NirmalaPanta
https://youtube.com/@rajufilmyjunction?si=cCmXX87Yn7XPtlu
Paagla
https://youtube.com/shorts/2_DWLvZY-Uw?si=10z-4pal4QcJeoWU
Priya
sister Ib not working 🌸✨️😊
Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz
🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
{{शाम की दहलीज और तेरा
एहसास}}
━❥
उतरती शाम का मंज़र सुहाना कर
दिया तूने,
ख़याल आया तेरा और दिल को
दीवाना कर दिया तूने,
हवा की नर्म लहरों में तेरी ख़ुशबू
महकती है,
फ़ज़ा के रंग को जैसे, आशिक़ाना
कर दिया तूने,
कभी जो फासले थे, वो सिमटने
लग गए ख़ुद ही,
मेरे वीरान लम्हों को ठिकाना कर
दिया तूने,
तेरी आँखों की ज़द में आ गई
जब से मेरी दुनिया,
हक़ीक़त को भी इक हसीं
अफ़साना कर दिया तूने,
मोहब्बत की इबादत में झुकाया
सर जो मैंने,
मेरी हर इक दुआ को अब
जताना कर दिया तूने…❤️
╭─❀💔༻
╨──────────━❥
♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh☜
╨──────────━❥
bhavesh
જય દ્વારકાધીશ 🦚🌸🚩#suvichar#trending#Jay Dwarkadhish#like
Dipak Ringe ।बोलका स्पर्श।
कधी काळ होता मैत्रीचा, तासनतास आपण बोलायचो,
कामाच्या त्या व्यापातही, दोन क्षण एकमेकांसाठी काढायचो.
त्या सुंदर मैत्रीचे कधी, हळुवार प्रेमात रूपांतर झाले,
सांगता सांगता कळलेच नाही, आपण कधी एकमेकांचे झाले.
तो पहिला स्पर्श, ती पहिली किस, आजही आठवतेय मला,
लाजत लाजत जवळ आलो, जीव वेडावून गेला होता तेव्हा.
पण वेळ बदलला तसे, वागणे थोडे बदलून गेले,
का प्रेमात पडल्यावर आपण, 'Taken for Granted' धरू लागलो?
"तू माझीच तर आहेस", हा विचार मनाला खाऊन गेला,
आणि प्रेमातल्या त्या ओढीला, जबाबदारीचा वेढा पडला.
तुला हवीत फक्त पाच मिनिटे, दिवसभराचा थकवा घालवायला,
पण मी अडकलो कामात असा, की वेळच उरला नाही बोलायला.
तुला वाटते प्रेम कमी झाले, पण तसे मुळीच नाही ग,
तुला आयुष्याचा जोडीदार बनवण्यासाठी, माझी ही धडपड सुरू आहे ग.
जबाबदारीच्या या जगात, शब्दांची थोडी ओढाताण होतेय,
पण तुझ्यावाचून दुसऱ्या कुणाचा, विचारही मनात येत नाहीये.
तू खूप वेगळी आहेस, अपेक्षा न ठेवता प्रेम करणारी,
माझ्यापेक्षा जास्त फक्त, माझाच विचार तू करणारी.
तुझ्यासारखी दुसरी कुणी, या जगात मला गवसणार नाही,
तू फक्त माझी आहेस आणि मी तुझा, हे कधीच बदलणार नाही.
थोडे समजून घे मला, ही फक्त एक कठीण वेळ आहे,
बोलणं कमी झालं म्हणून काय झालं? आपल्या मनाचा जुळलेला मेळ आहे.
तू नको करू काळजी, मी सदैव तुझ्याच पाठीशी उभा असेन,
आयुष्याच्या प्रत्येक वळणावर, मी फक्त तुझाच आणि तुझाच असेन.
- दिपक रिंगे
Bhavna Bhatt
રહસ્યમય બનવું જો જરૂરી છે
Gautam Patel
અંબા તારો આશરો
Falguni Dost
ચાહનામાં જ કશુંક ખૂટ્યું હતું, નહીતો બધું સરસ હતું;
દોસ્ત! પામવાની આશમાં જ કશુંક ખૂટ્યું હતું, નહીતો બધું સરસ હતું.
- ફાલ્ગુની દોસ્ત
Sonam Brijwasi
कागज़ पर शब्दों की दुनिया बसाने वाली,
खामोशी में भी दिल की बात कह जाने वाली।
कलम सिर्फ स्याही नहीं, एक जादू है ये,
जो सोच को सच और ख्वाबों को पहचान देती है।
- Sonam Brijwasi
Raj Brahmbhatt
"जन्म ही मृत्यु का संकेत हैं" 🍂✨
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Falguni Dost
આશા સઘળી અસફળ થતી વર્તાય ત્યારે પૂછાય શું થયું?
ઢળતી આંખ અશ્રુ સાથે દર્શાય ત્યારે પૂછાય શું થયું?
હૃદય ધબકાર ચૂકવાની ઘડીએ જણાય ત્યારે પૂછાય શું થયું?
દોસ્ત! મન સંપૂર્ણ ભાવહીન બને ત્યારે પૂછાય શું થયું?
- ફાલ્ગુની દોસ્ત
Anup Gajare
"बिंदु"
वह जगह सुनसान थी—अपने आप में बिल्कुल इकलौती। वहाँ रुकने का कोई कारण नहीं था, फिर भी वह ठहर गया। पास ही एक पुराना इमली का पेड़ खड़ा था। उसके आसपास न कोई जानवर था, न कोई पक्षी। हवा तक स्थिर लग रही थी। कहीं से कोई आवाज़ नहीं आ रही थी। पूरा इलाका ऐसे जड़ हो गया था, मानो सन्नाटा ही वहाँ की एकमात्र मौजूदगी हो।
कोई सड़क पर चलते हुए धीरे से तस्वीर में आ रहा था
वह वह किसी बिंदु की तरह अस्पष्ट दिखाई दे रहा था
दिखाई दे रहा था
पर किसे?
वहां देखने वाला कोई मौजूद था ही नहीं।
वह बिंदु बड़ा होता गया
बड़ा और भी बड़ा
दिखने से तो वह इंसान ही लग रहा था
अगर कोई ठीक से देखता तो
अगर वहां के वातावरण में देखने के लिए कोई मौजूद होता तो
उसे दिखता की एक बेबस लाचार इंसान धूप में चलता हुआ खाली सड़क पर फटे हाल बिना चप्पल के चल रहा है
लेकिन क्या कोई इंसान बीस फिट ऊंचा होता है?
Soni shakya
कैसे मुमकिन है कि..
तेरा जिक्र हो और आंखें न भीगे..
- Soni shakya
Priya
यकीन मानिए आपकी हर बात का
जवाब देना हमें आज भी आता हैं
उस लहजे में बात करना हमें भी आता हैं
हम झुक गए बस अपनें संस्कारो के आगे
वर्ना तुम जैसों को उसकी औकात
दिखाना हमें आज भी आता हैं।...for...KS...sj
Priya kashyap.....✍️
man patel
સુગંધની સરવાણી
કોઈપણ ફરિયાદ કે નિંદા વિના ફક્ત એક દિવસ વિતાવો પછી અનુભવો શાંતિ અને સુખ બીજે ક્યાંય શોધવાની જરૂર નથી.
જય શ્રી ક્રિષ્ના
Kartik Kule
आशिकोकी महफिल्मे हमने
अकेले पन को चुनाहे
सूरज की रोशनिमे हमने अंधेरेकों चुना हे
गुजर जाएंगी संसारकीये
घड़ी
जिंदगी और मौत के बीच हमने दोस्तोको चुनने
- Kartik Kule
sunshine
लो छोड़ दिया तुम्हे
तेरे नजरिए से तुझे देख कर
अब तो खुश होगी 😆
Kartik Kule
आशिकोकी बाते सुनेमेही अच्छी लगती हे
लोगोंकी यादें फिल्मोमेही अच्छी लगती हे
चांद को लानेकी बाते तो हर कोई करता हे
सुकून के पल जिनके लिए दोस्तोकी मेंफिलेही अच्छी लगती है
- Kartik Kule
वात्सल्य
નભ ને નીરખવા જગતના નાથ મને બે નયન દીધી,
કહેવત છે:આશા અમર છે":મેં નજર નિરાશ નથી થવા દીધી.
- વાત્સલ્ય
- वात्सल्य
Shailesh Joshi
એકવાર ફક્ત ધ્યેય મળી જાય,
પછી એ મુકામ પ્રાપ્ત થાય, કે ના થાય,
પરંતુ ભલે ધીરે ધીરે પણ જીવન જીવવાની મજા તો પહેલા દિવસથી જ આવવા લાગે છે, કેમકે
પછી વધારાની, વગર જોઈતી, નક્કામી ને
આડીઅવળી વાતોમાં આપણો
કિંમતી સમય બગડવાનું આપોઆપ બંધ થઈ જાય છે.
- Shailesh Joshi
DrAnamika
सूर्योदय हर रोज कहे, हार नहीं स्वीकार।
टूटे सपने जोड़ कर, फिर से हो तैयार॥
#डॉ_अनामिका
Vartikareena
माई डियर प्रोफेसर । ( कहानी दोबारा शुरू हो गई है। नया भाग जल्द ही आ जाएगा। यु पोस्ट बस अपडेट के लिए थी। )
Urvashi Oza
હા હું ગુનેગાર છું
પ્રેમ કરવાની સજા તો મળવી જ જોઈએ
jighnasa solanki
Happy Birthday Ganeshji
🌺🌺🌺🌺🌺🌺
🥳🥳🎂🎂
bhavesh
ખોડીયાર જયંતિ ❤️🙇🚩#training#motivation#like#bhakti
Manish Patel
તમે ઇચ્છો તે નિર્ણય લેવા માટે તમે સ્વતંત્ર છો,
પરંતુ તમે તે નિર્ણયના પરિણામોથી મુક્ત નથી.
🔱 શિવ શિવ 🔱
- Manish Patel
Manish Patel
जहां उम्मीद ख़त्म होती है...
वहीं से कृपा शुरू होती है...
good morning radhe radhe 🙏
- Manish Patel
Sandeep Raj Thakur
Udd Ja Kale Kanva Tere
Shalini Gautam
udi udi jaye...
dil ki patang
Md Ibrar pratapgarhi
मातृभारती पर लेखन के माध्यम से अपनी पहचान बनाने के कारण मुझे अपने गाँव के प्रधान द्वारा सालगिरह के अवसर पर सम्मानित किया गया।
मातृभारती का दिल से शुक्रिया।
md ibrar pratapgarhi
Shalini Gautam
kaisi lagi meri patang...
happy makar sankranti to all
Dada Bhagwan
અવળી સમજણ એ દુઃખ છે ને સવળી સમજણ એ સુખ છે. સમજણ કઈ મળે છે તે જોવાનું. અવળી સમજણની આંટી પડી તો દુઃખ, દુઃખ ને દુઃખ અને એ આંટી છૂટી ગઈ તો સુખ, સુખ ને સુખ! બીજું દુઃખ-સુખ છે જ નહીં આ દુનિયામાં! - દાદા ભગવાન
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Shalini Gautam
विजय विश्व तिरंगा प्यारा
झण्डा ऊँचा रहे हमारा
Jyoti Gupta
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Shalini Gautam
Apne baccho k liye kuch interesting banaye....or unke masoom se chehere par smile laye...
Deepak Bundela Arymoulik
आज़ादी या अंधापन?
कल तक मर्द की शान कहलाती थी
कई देहों की गिनती,
रिश्तों पर रखी गई धूल,
और वासना का खुला जुलूस।
आज वही भूख
दूसरे चेहरे पहनकर चल रही है,
घर के खाने से ऊबी ज़बानें
अब रिश्तों को बेस्वाद बताने लगी हैं।
फर्क बस इतना है—
पुरुष डरता था,
संतुलन साधता था,
दो नावों पर पैर रख
डूबने से बचने की जुगत करता था।
और आज—
कुछ स्त्रियाँ प्रेम नहीं,
सत्ता खोज रही हैं,
झूठे मुक़दमे को ढाल,
और क़ानून को हथियार बना रही हैं।
प्यार के नाम पर
ख़ून की साज़िश,
साथ के नाम पर
मौत की योजना—
यह कैसी मुक्ति है बहन?
क़ानून ने रास्ता दिया था
सम्मान से जीने का,
न कि किसी के घर का
दीपक बुझाने का।
अगर जाना ही था
तो खुली हवा थी,
क़ानून की छाया थी—
फिर ये जेल की सलाखें
क्यों चुनीं?
माता-पिता की लाज,
सीधे-सादे पति की साँसें,
और समाज की नींव—
सब कुछ गिरवी रख
बस एक रात की कीमत पर?
यह कविता आरोप नहीं,
आइना है—
उन सबके लिए
जो सुरक्षा को
स्वेच्छाचार समझ बैठे हैं।
सोचो,
क़ानून अगर कमज़ोर हुआ
तो सबसे पहले
औरत ही असुरक्षित होगी।
आज़ादी जिम्मेदारी माँगती है,
और न्याय विवेक।
जय हिंद 🇮🇳
☀️आर्यमौलिक
Deepak Bundela Arymoulik
सर्दियों में दो फांक हो जाती हैं…
एक ओर
कश्मीर फिरन की नरमी है,
पश्मीना ओढ़े
कॉफी के प्याले में
भाप उठती है,
हीटर की गर्म साँसों के बीच
हम शहर की हवा पर
बहस करते हैं।
दूसरी ओर
फुटपाथ है—
जहाँ शहर अपनी नज़रें
जानबूझकर गिरा देता है।
वहाँ ठंड मौसम नहीं,
सज़ा बनकर उतरती है।
वे महंगे कपड़े
शौक से नहीं पहनते,
कभी मिल जाएँ तो—
सिर्फ इसलिए
कि बदन में
थोड़ी-सी जान बची रहे।
उनके लिए सर्दी में
सूप कोई स्वाद नहीं,
एक सपना है।
भरपेट खाना—
किसी त्योहार से कम नहीं।
सर्दियों में
सब काँपते हैं…
पर फर्क बस इतना है—
कुछ ठंड से,
और कुछ
भूख से।
आर्यमौलिक
Parmar Mayur
हमारे जीवन के प्रत्येक पल बहुत कीमती है।
फिर उन लम्हों को ऐसे ही क्यूं बर्बाद करना चाहिए?
समय का रिवर्स गियर नहीं होता है,
तो फिर जिंदगी मिलेंगी ना दोबारा।
प्रत्येक पलों को हंसी खुशी से बिताना चाहिए।
जो सच्चे,बच्चे और बूढ़े हैं,
उनके साथ थोड़ा वक्त बिताना चाहिए।
खुशीयों अपने-आप दुगुनी होगी।
किसी के दर्द को सुनकर सच्चे अर्थ में,
दवाई बनना चाहिए।
किसी के दुःखों के कारण नहीं,
किन्तु दर्द निवारक बनाना चाहिए।
जिंदगी का हर एक लम्हा एक उत्सव की तरह लगेगा,
जब हमारे हृदय में निस्वार्थ, ईर्षा रहित खुशी जन्म लेंगी।
बस जिंदगी को कुछ इस तरह जीना चाहिए।
Thakor Pushpaben Sorabji
વિશ્વાસ એક તારો
કોઇ સાથે રહીને પણ જુદા થઈ ગયા
કોઈ જુદા રહીને પણ સાથે રહ્યા!.......
પરીક્ષાઓ થાય છે જીવનમાં ઝાઝીઓ કાન
હારી જાઉ છું તો તું હામ ભરી જાય છે ઓ કાન!
કોને દઉં દોષ હું આ મુશ્કેલીઓનો"પુષ્પ"
મુસીબતો મુજને ઘણું શીખવી જાય છે"કાન"
ખોટા પડ્યા એ વિશ્વાસના દાખલા કાન
સાચા પડ્યા કાન,તારા જ વિશ્વાસના દાખલા!
જય શ્રી કૃષ્ણ:પુષ્પા.એસ.ઠાકોર
અનિકેત ટાંક
સત્તા, ષડયંત્ર અને એક અદ્રશ્ય ચક્રવ્યૂહ! ♟️🏢
શું એક પેન-ડ્રાઈવ આખા સામ્રાજ્યને ઉથલાવી શકે?
કોણ બચશે આ 'ચક્રવ્યૂહ'માં?
આ સુપરહિટ થ્રિલરનો બીજો ભાગ: 'ચક્રવ્યૂહ - 2' હવે માત્ર માતૃભારતી પર!
👉 કોર્પોરેટ જગતના છૂપા રહસ્યો
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aakanksha
तुम्हारे ख़ामोश रहने में भी
कुछ कहा हुआ-सा लगता है,
जैसे पत्थर की छाती में
कोई धड़कन
आज भी ज़िंदा हो।
तुम कहते हो
दिल सख़्त हो गया है,
पर मैंने देखा है—
बरसात के बाद
चट्टानों पर भी
हरी ज़िद उग आती है।
वक़्त जब
तुम पर ठहरकर बरसा होगा,
तो कहीं न कहीं
मेरे नाम की नमी
दिल तक पहुँची होगी।
मैं दावा नहीं करती
कि तुम्हें बदल दूँगी,
बस इतना चाहती हूँ—
जहाँ ज़रा-सी भी
संवेदना बची हो,
वहीं
मेरा इंतज़ार रख देना।
अगर इजाज़त हो,
तो मैं
तुम्हारे दिल में
पूरी नहीं,
बस अधूरी-सी
मोहब्बत बनकर
ठहर जाऊँ।
— तुम्हारी
जो अब भी
तुम्हारे पत्थर होने पर
यक़ीन नहीं करती
Dr Darshita Babubhai Shah
मैं और मेरे अह्सास
किसी के रूठने से लहजा बदल नहीं सकता l
दिल मोम की तरह सेे पिगल नहीं सकता ll
"सखी"
डो. दर्शिता बाबूभाई शाह
Urvashi Oza
જય શ્રી કૃષ્ણ 🙏🏻
સુપ્રભાત 🌅
આવી છે સવાર નવી , લઈને નવા સપના
નવી આશાઓ અને સાથે નવો ઉત્સાહ.
અંધારરૂપી ઉદાસી , નિરાશા અને આળસને
કરીને ટાટા બાય બાય જોડાઈ જઈએ
ફરી એક નવા દિવસના સફરમાં 🙏🏻✨
તો ચાલો ત્યારે...🌺
Imaran
जल-जल के दिल मेरा जलन से जल रहा,
एक अश्क मेरे आँख में मुद्दत से पल रहा,
जिसका मैं कर रहा हूँ घुट-घुट के इंतजार,
वो बेवफा ना आई मेरा दम निकल रहा
💔imran 💔
kattupaya s
Good morning friends have a great day
Shefali
#shabdone_sarname__
#shabdone_sarname_
kajal jha
हमने तो खामोशी में भी तुझे पुकारा था,
तूने भीड़ में रहकर हमें नकारा था।
सब कुछ देकर भी खाली रह गए हम,
और तू कहता है — ये इश्क़ बस एक सहारा था।
- kajal jha
Sonu Kumar
#06 विदेशी निवेश में कटौतियां
संवेदनशील क्षेत्रो में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमती दिए जाने के कारण भारत में विदेशियों का नियंत्रण लगातार बढ़ रहा है। यह कानून भारत के संवेदनशील क्षेत्रो में FDI पर रोक लगाकर सिर्फ सम्पूर्ण रूप से भारतीय नागरिको के स्वामित्व वाली कंपनियों की कारोबार करने की अनुमति देता है। कृपया ध्यान दें कि यह कानून सभी क्षेत्रो में FDI पर प्रतिबन्ध नहीं लगाता, बल्कि सिर्फ संवेदनशील क्षेत्रो में FDI पर निर्वन्धन लगाता है। इस कानून को संसद से साधारण बहुमत द्वारा पारित करके गेजेट में छापा जा सकता है। इस क़ानून का पूरा ड्राफ्ट इस लिंक पर देखें
Tinyurl.com/ReduceFDI
प्रस्तावित विदेशी निवेश में कटौतियां क़ानून के मुख्य बिंदु निचे दिए गए है
कोई भी कंपनी अपने आप को वोइक यानी सम्पूर्ण रूप से भारतीय नागरिको के स्वामित्व वाली कम्पनी (Woic = Wholly Owned by Indian citizens Company) के रूप में पंजीकृत करवा सकती है। वोइक कम्पनी से आशय ऐसी किसी कम्पनी से है जिसके 100% अंश (Share) भरतीय नागरिको या भारतीय सरकार या किसी अन्य बोइक कंपनी के पास हों, और अमुक कम्पनी के कोई भी शेयर विदेशियों के पास न हों। निचे दिए गए क्षेत्रो में सिर्फ बोइक कम्पनियां ही कारोबार करेगी।
1. सिर्फ वोइक कम्पनियां ही संचार एवं मीडिया के क्षेत्र में काम कर सकेगी। संचार एवं मीडिया में सभी पाठ्य, दृश्य, श्रव्य माध्यम जैसे अखबार, मैगजीन, चैनल्स, फ़िल्में, इंटरनेट सेवाएं, सोशल मीडिया एवं टेलिकॉम आदि शामिल है।
2. गैर वोइक कम्पनी को भारत में बैंक एवं बीमा कम्पनी खोलने या ऐसी कोई भी वित्तीय कम्पनी खोलने की अनुमति नहीं होगी जो जमाएं (Deposits) स्वीकार करती है। राष्ट्रियकृत बैंक (Nationalised Bank) सिर्फ बोइक कम्पनी को ही कर्ज दे सकेंगे।
3. सिर्फ वोइक कम्पनियां ही रेलवे, सेटेलाईट एवं रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में कार्य करेगी। रक्षा उत्पादन में हथियार निर्माण एवं सैन्य उपकरण शामिल है।
4. सिर्फ बोइक कम्पनी को ही खनन (Minerals) एवं ऊर्जा (Power) के क्षेत्र में काम करने की अनुमति होगी।
5. सिर्फ वोइक कम्पनियां ही शैक्षिक निकाय, शिक्षा बोर्ड, विद्यालय एवं विश्वविद्यालय खोल सकेगी।
6. गैर बोइक कम्पनी भारत में कोई भी भूमि एवं निर्माण नहीं खरीद सकेगी, और न ही इन्हें 25 साल से अधिक अवधि के लिए किराये पर ले सकेगी।
7. मॉरीशस संधि, फिजी संधि, सिंगापुर संधि एवं इस प्रकार की सभी संधिया जो विदेशी पूँजी पर कम दर से आयकर, या कम दर से पूंजीगत लाभ कर लगाती है, अब से निरस्त की जाती है।
[टिप्पणी : यदि इस खंड की कोई धारा विश्व व्यापार संगठन (WTO) के किसी समझौते का उलंघन करती है तो WTO भारत को समझौते से बाहर कर सकता है, या प्रधानमंत्री भारत को WTO समझौते से अलग करने के लिए आवश्यक अधिसूचना जारी कर सकते है।]
राजवर्ग प्रजा के अधीन रहना चाहिए, वर्ना वो प्रजा को लूट लेगा और राज्य का विनाश होगा - अथर्ववेद
GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)
रखें समझ हम पूर्व ही, आ सकता है कष्ट। गीध दृष्टि से कुशल जन,
करते कष्ट विनष्ट।।
दोहा --३9४
(नैश के दोहे से उद्धृत)
-----गणेश तिवारी 'नैश '
Soni shakya
🙏🙏सुप्रभात 🙏🙏
🌹आपका दिन मंगलमय हो 🌹
cat
बस इकलौता ये डर है....
उसे खोने से भी डर है ,
और उसके बयां करने से भी डर है
उसके जाने से भी डर है
उसके रुक जाने से भी डर है
उसकी परवाह खो देने से डर है
लेकिन उस की परवाह पाने से भी डर है
हा ये इकलौता डर है....जिससे मुझे बहुत डर है
written by me....🥀🥀
softrebel
हर काश यदि तय हकीकत होती,
तो इंसान इंसान न रहकर भगवान हो चुका होता…
इंसान की इंसानियत सदैव इंसान बने रहने में है;
भगवान बनने की हर कोशिश
उसे भीतर से विचलित
और बाहर से बोझिल कर देती है।
और शायद मैं इन इंसानों की दुनिया में रहने वाली एक विचलित आत्मा हूँ,
जिसका आत्म–शरीर कहाँ जा छूटा,
मुझे स्वयं भी ज्ञात नहीं —
और इन भगवानों की श्रेणी में
कदाचित मेरा कोई स्थान नहीं।
🥀
- softrebel
Soni shakya
अगर कोई तुम पर मरता है तो..
उसके जीने की वजह बनो..
- Soni shakya
MOU DUTTA
ভাবিনি স্বপ্ন সত্যি হবে
ভাবিনি পাবো তোমায়,
ভাবিনি কল্পনাতে উঁকি দেবে
হবে মনের ভাষা।
চোখের ভাষা সব তোমায় ঘিরে,করছে উতলা মন।
হৃদয়ের ভাষা সর্বক্ষণ
করছে বিচক্ষণ।
তোমায় পাওয়া এই যে আমার সকল পাওয়া হলো।
তোমায় পেয়ে হৃদয় আমার
ধন্য হয়ে গেলো।
ভগবানের কাছে আশীষ কৃপা দিয়ছে তোমায় আমায়।
কত বার চেয়েও পায়নি তোমায়,কষ্ট হয়ে গেছে জানা।
হয়তো তোমায় পাওয়ার জন্য ছিল অপেক্ষায় মন।
আজ তোমায় পেয়ে আমি সব পেলাম এখন।
পাহাড়ের বুকে তোমায় ঘিরে আলোকিত হলো এই জীবন।
বলোনা তুমি থাকবে পাশে
হয়ে আমারই আপনজন।
স্তব্ধ বিকেল ক্লান্ত দুচোখ দেখবো অস্তগামী।
রাতের বুকে শীতল হাওয়া
করবে যে পাগলামী।
তবু তোমায় ক্লান্ত দুচোখ শান্ত ভাবে দেখবে,
তবু হৃদয় তোমার পথকে আগলে ধরে যে রাখবে।
তবু তুমি বুকের মাঝে করবে যে হয়রানি,
তোমায় পেয়ে সবই পেলাম
নেই যে কিছু আর পাওয়ারই।
S A Y R I K I N G
तुम एक शख्स के जाने पे रो पड़े हो
SAYRIKING
मेरा कोई नहीं है मेरी हंसी देखो...
Aarushi Singh Rajput
तुम अक्सर कोशिश करती हो
कठोर बनने की।
लोगों की नज़र में सख़्त,
थोड़ी रूखी,
थोड़ी दूर-दूर सी।
शायद इसलिए कि
दुनिया को नरमी समझ नहीं आती,
और हर बार नरम दिल
सबसे पहले चोट खाता है।
क्या ख़ूब कहा है
“कठोर दिखना
अक्सर बचाव की भाषा होती है।”
लोग सोचते हैं
तुम्हें फ़र्क़ नहीं पड़ता।
कि तुम मज़बूत हो,
अडिग हो,
बिलकुल पत्थर जैसी।
पर तुम ही जानती हो
तुम्हारा दिल पत्थर का नहीं है।
वो अब भी काँपता है
किसी अपने की आवाज़ पर,
अब भी भर आता है
बिना वजह किसी याद पर।
क्या ख़ूब कहा है
“दिल अगर पत्थर का होता,
तो दर्द चुपचाप सह लेता,
ये जो चुप रहकर टूटता है,
ये ज़िंदा दिल की निशानी है।”
तुम कठोर इसलिए नहीं हो
कि तुम्हें महसूस नहीं होता,
तुम कठोर इसलिए दिखती हो
क्योंकि तुम्हें
बहुत ज़्यादा महसूस होता है।
Dear Me,
ख़ुद को दोष मत दो
अगर तुम अब पहले जैसी नहीं रहीं।
तुम बदली नहीं हो,
तुमने बस सीख लिया है
कहाँ नरम रहना है
और कहाँ कठोर दिखना ज़रूरी है।
और हाँ
जो तुम्हें पत्थर समझते हैं न,
उन्हें क्या पता
पत्थर बनने से पहले
तुम कितनी बार
काँच की तरह टूटी हो।
आख़िर में बस इतना
“कठोर चेहरा
और नरम दिल
ये वही लोग रखते हैं
जिन्होंने ज़िंदगी को
बहुत क़रीब से देखा होता है।”
☹️🙁
santosh Mishra
**ग़मों का तोहफ़ा दे जाऊँगा,
हर दुआ में बद्दुआ का अक्स दे जाऊँगा।
शायद तुम्हें समझ न आए अभी,
पर कुछ ऐसा कर जाऊँगा।
जब खुशियाँ होंगी तुम्हारे क़दमों में,
तब तुम्हारी गुमनामी को खुलकर बताऊँगा।
अभी लफ़्ज़ों में ज़िक्र नहीं तुम्हारा,
पर एक दिन हर शायरी में
तेरा ही नाम लिख जाऊँगा।**
santosh Mishra
**ग़मों का तोहफ़ा दे जाऊँगा,
हर दुआ में बद्दुआ का अक्स दे जाऊँगा।
शायद तुम्हें समझ न आए अभी,
पर कुछ ऐसा कर जाऊँगा।
जब खुशियाँ होंगी तुम्हारे क़दमों में,
तब तुम्हारी गुमनामी को खुलकर बताऊँगा।
अभी लफ़्ज़ों में ज़िक्र नहीं तुम्हारा,
पर एक दिन हर शायरी में
तेरा ही नाम लिख जाऊँगा।**
santosh Mishra
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- santosh Mishra
santosh Mishra
तेरे पैरों तले ज़मीन खिसकना अभी बाक़ी है,
जो ज़हर मैंने पिया, वो चखना तुझे अभी बाक़ी है।
दुआ है—तेरी पहली औलाद बेटा हो,
और जो मेरे साथ हुआ, वही मंज़र उसे नसीब हो।
मैं तो मर्द था, दर्द छुपा गया,
वो मासूम शायद छुपा न पाएगा।
जब अपनी ही सूरत को तू तड़पता देखेगी,
कसम खुदा की, तू लहू के आँसू रोएगी।"
Priya
बस दुआ हो इतनी की
मेरी किसी भी शायरी में
तेरा नाम ना आये
तू मर भी जाए तो
मुझें तेरा ख्याल ना आए....
Priya kashyap....
महेश रौतेला
एक विदा होता व्यक्ति
बहुत दिव्य बोलता है,
एक मरा हुआ व्यक्ति
अतुलनीय कथा कहता है।
*** महेश रौतेला
Priya
आज मैं फिर वहाँ पहुँच गई जहां पहुँचना नहीं था
और फिर वहीं हुआ जो होना नहीं था
मैं सोचती हूँ कोई ऐसा कैसे कर सकता है
खुद गलत होकर मुझें गलत कैसे कह सकता हैं
मैं आखिरी पल तक उन्हें समझाती रहीं
बात समझ में आती कहाँ आपको
तुम्हें याद किसी और की जो आती रहीं....
कर्म फल जैसा कुछ नहीं होता
बस decisions गलत और सही होते हैं।
दिमाग हर जगह लगाना जरूरी होता हैं
उस घटिया इंसान ने ये मुझें अच्छे से समझा दिया।
Priya kashyap......
now i am a Atheist.....Never believe in God...
क्योंकी उसे अपने कर्मो का फल नहीं मिल रहा हैं...पिछले पांच साल से वो ये सब कर रहा हैं। कहां गये महादेव????
Archana Singh
" कभी-कभी ज़िंदगी ...
इतनी उलझ जाती हैं , कि ...
पता ही नहीं चलता हैं कि ...
ज़िंदगी लंबी हैं ...
क्या उलझनें "...!!
अर्चना सिंह ✍🏻
- Archana Singh
Zakhmi Dil AashiQ Sulagte Alfaz
🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
सब कुछ गया है हाथ से, बस एक
तेरा नाम है,
धड़कन थमी सी रह गई बस साँस
लेना काम है,
तूने तो कुछ पहना नहीं, न हार है
न बिंदिया है,
तेरी सादगी के सामने, हर रूप
अब बदनाम है,
दर्पन जो टूटा फर्श पर, तो सौ
जगह तू ही दिखा,
मैं खुद को ढूँढूँ भी कहाँ? मेरा
वजूद नीलाम है,
वो नूर चेहरे का तेरे, अब भी मुझे
सोने न दे,
बिना कजरे की वो आँखें, मेरे
लिए पैग़ाम हैं,
जीने की कोई वजह नहीं, मरने
का कोई डर नहीं,
जब तू ही बिछड़ गई तो फिर
सुबह भी अब शाम है…💔
╭─❀💔༻
╨──────────━❥
♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh☜
╨──────────━❥
kattupaya s
Goodnight friends sweet dreams
Urvashi Oza
બધી વસ્તુઓ બધાને સમજાવાની જરૂર નથી.કિંમતી સમય વગર કામના લોકોને સફાઈ આપવામાં ન વેડફવો જોઈએ.
જે પોતાના છે એ સમજી જશે , જે સમજે છે એજ પોતાના છે
રામ રામ 🌺🙏🏻
S A Y R I K I N G
आरज़ू भी तू, आबरू भी तू
आशिकी भी तू, आवारगी भी तू
बंदगी भी तू, ज़िन्दगी भी तू
मुझ में भी तू, बस एक तू ही तू,
दर्द भी तू, हमदर्द भी तू, सफर भी तू, हमसफ़र भी तू, मेरे दिल में भी तू, और कुबकू भी तू,
जिस्म भी तू, मेरी रूह भी तू......
- हर जगह
मुझसे दूर भी तू, मेरे रू-ब-रू भी तू,
मेरी ख़्वाहिश भी तू, मेरी जुस्तज़ू भी तू,
S A Y R I K I N G
तुम ! जैसे भी, जब भी, जितने भी मिलो, जायज़ है हमें..
Ganesh Kumar
ये अंतिम अध्याय है "माधव"
archana
अब ठान लिया है कुछ करके दिखाना है,
जो हँसते थे नाम पर, उनका गुरूर मिटाना है।
हे ईश्वर, बस इतनी सी दुआ है मेरी,
हर मोड़ पर मेरा हाथ थामे रखना।
जब हौसले डगमगाएँ, मुझे थाम लेना,
जब रास्ते अंधेरे हों, खुद रौशनी बन जाना।
मेहनत मेरी हो, भरोसा तुझ पर रहे,
हार भी आए तो सीख बनकर जाए।
और एक दिन मेरी चुप साधना को,
सफलता की सबसे ऊँची आवाज़ मिल जाए। 🙏✨
- archana
Archana Singh
जिसकी नजरें हमेशा
घड़ी की सुइयों पर टिकीं रहती हैं ...
लोग उसे वक्त का पाबंद
रहने की सीख दे रहे हैं ...!!
अर्चना सिंह ✍🏻
- Archana Singh
Archana Singh
काश ! बचपन की
पेंसिल-रबर की तरह ....
ज़िंदगी की हर गलतियों को
मिटा सकतें ...
तो जिंदगी यूं बोझ न होती ...!!
अर्चना सिंह ✍🏻
- Archana Singh
મનોજ નાવડીયા
ઝીણું સ્મિત આપી ગયાં,
હૃદયને શાંત કરી ગયાં,
શબ્દો બોલ્યા નહીંને,
આંખોથી હસાવી ગયાં,
મૌન હતું બધુંજ ત્યાં,
વાતો સમજાવી ગયાં,
મીઠી લાગણીઓ સાથે,
મનને આનંદ આપી ગયાં..
મનોજ નાવડીયા
#vishvyatri #heetkari #vishvkhoj #manojnavadiya #child #children #childlife #goodthinking #saravichar #maravichar
Neha kariyaal
शायद मैं कल और गलती करूं, शायद मैं कल और डरूं, पर मैं मेरे कल के 'मुझ' को भी उतना ही प्यार करूंगी, जितना आज के 'मुझ' को करती हूं।
રોનક જોષી. રાહગીર
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kattupaya s
ok guys lot of love stories failed when you overdoses love poems. keep distance. live long. c u soon
kattupaya s
every moment iam living with your memories. I can't live without that.
kattupaya s
I sensed love at the moment I saw you. but you relalised my love at the moment of my death. how fortunate it is like titanic
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