सुबह की हल्की धूप कमरे की खिडकी से अंदर आ रही थी. पर्दों के बीच से आती रोशनी राहुल ...
सुबह के सात बजे थे।अलार्म की आवाज सुनते ही आरव की आंख खुल गई।कुछ पल तक वह छत को ...
शाम के करीब सात बज चुके थे.ऑफिस का काम खत्म होने के बाद अंजलि अपनी कार की तरफ बढ ...
एक नई शुरुआतसुबह के करीब छह बजे थे।छोटे से शहर की गलियों में अभी पूरी तरह चहल-पहल शुरू नहीं ...
राहुल!अंजलि की आवाज पूरे कमरे में गूंज गई.खिडकी खुली थी.परदा हवा में उड रहा था.कमरा खाली था.अंजलि का दिल ...
आज मैं जहाँ हूँ… और आगे की उम्मीदहर सफर की एक शुरुआत होती है।कुछ रास्ते आसान होते हैं और ...
मेरे अंदर अच्छी बातें कम और बुरी बातें ज़्यादा हैं — ऐसा मुझे क्यों लगता हैकई बार मैं अपने ...
अंजलि की मुट्ठी में वह पुरानी चाबी अब भी बंद थी.छह साल पहले राहुल ने उसे वह चाबी दी ...
किस्मत का खेलकई बार जिंदगी में हम पूरी मेहनत करते हैं।सही रास्ता चुनने की कोशिश करते हैं।किसी का बुरा ...
किताबों के पन्नों में मेरा एक अलग संसारमुझे पढ़ने का शौक बचपन से ही कुछ अलग तरह का रहा ...