पूरी रात समर्थ करवटें बदलता रहा। आन्या का वो हंसता हुआ चेहरा और डायरी की वो आखिरी डरावनी लाइनें ...
रात के ग्यारह बज चुके थे। घर के सब लोग सो गए थे। समर्थ अपने छोटे से कमरे में ...
दोपहर के तीन बज रहे थे। जून की इस चुभती हुई गर्मी में ऐसा लग रहा था मानो आसमान ...