अनुराधा की आवाज़ टेप रिकॉर्डर में गूंज रही थी -"तारीख सत्रह अगस्त उन्नीस सौ निन्यानवे ।हवेली में आते ही ...
अपूर्व ज़ोर से चीखा। उसकी चेतना जैसे दो युगों के बीच फट गई थी। अब वो सिर्फ़ अपूर्व नहीं ...
हवेली की दीवारें कंपकपाती हुईं चुप हो चुकी थीं। अपूर्व के सामने वह दरार अब धीरे-धीरे एक दरवाजे में ...
अपूर्व के सवाल पर फरजाना जोर से हंस दी और बोली - “वो अधूरा सच था, तुम्हारी माँ दफन ...
अपूर्व की ऑंखें अन्वेषा के जवाब का इन्तजार कर रही थी।"मतलब ये," अन्वेषा आगे बढी - "कि कुछ सच्चाइयाँ ...
अन्वेषा अब वहां नहीं थी ।हवेली के सबसे पुराने हिस्से में एक दीवार के पीछे, एक छुपा हुआ दरवाज़ा ...
અમારી નેહા અમારા માટે અમારો દીકરો છે. એ કાંઇ પણ વાત માં છોકરાઓ થી પાછળ નથી.‘ પપ્પા જ્યારે જ્યારે ...
संदूक खोलते ही, हवेली की दीवारों से एक चीख निकली।रुख़साना की नहीं…अन्वेषा की।वो अब उस कक्ष के भीतर कहीं ...
रुखसाना ने अन्वेषा की तरफ इशारा किया और बोली -“अगर तुम्हें उसे बचाना है, तो एक सौगंध खानी होगी।”“कैसी ...
वहाँ दिखा—रुखसाना का चेहरा।लेकिन ये कोई सपना या वहम नहीं था।ये एक पुरानी फिल्म रील जैसी दिख रही थी, ...