स्त्री–पुरुष, संघर्ष–समर्पण : एक विज्ञान 1️⃣ स्त्री के लिए फल नहीं—कृत्य ही आनंद हैस्त्री का धर्म प्राप्ति नहीं, ...
धर्म नहीं — गुटों से मुक्त आत्मा की घोषणा तुम कहते हो — “हम सनातनी हैं”पर न वेद ...
आत्मसाक्षात व्यक्ति का धर्म जब कोई व्यक्ति आत्मसाक्षात हो जाता है —संत होता है, महात्मा होता है,ब्रह्म में ...
Vedānta 2.0 — मूल अध्याय 𝕍𝕖𝕕𝕒𝕟𝕥𝕒 𝟚.𝟘 𝔸𝕘𝕪𝕒𝕥 𝔸𝕘𝕪𝕒𝕟𝕚 (समझ : गुरु, ईश्वर और आत्मा) 1. समझ ही मूल ...
प्रस्तावना यह ग्रंथ क्यों लिखा गया — और क्यों नहीं यह ग्रंथकिसी उत्तर की खोज में नहीं ...
धर्म की दुकान जो कहते हैं—“हम ही सत्य हैं,गुरु ही ब्रह्मा-विष्णु-महेश हैं,गुरु ही शास्त्र हैं,”वहीं से दुकान खुल ...
वेदान्त 2.0 मात्र एक दर्शन है — समझ।इसके अतिरिक्त कुछ नहीं।यहधर्म नहीं है,संस्था नहीं है,गुरु–समुदाय नहीं है,भगवान, देश, जाति, ...
भूमिकायह लेख किसी सरकार, शासन-तंत्र या राजनेताओं के विरुद्ध नहीं है।यह किसी संस्था को कमजोर करने या अविश्वास फैलाने ...
प्रस्तावनायह पुस्तक किसी को सही ठहराने या गलत सिद्ध करने के लिए नहीं लिखी गई। यह न जीवन को ...
. प्रस्तावना · Vedanta 2.0 भाग 23, अध्याय 32ज्ञान नहीं — दृष्टि बदलने का आमंत्रणVedanta 2.0 मनुष्य के ...