ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत खरीदारी कपड़ों या गहनों की नहीं होती...वह होती है उन सपनों की, जिन्हें दो लोग ...
मयूर सर ने घड़ी को अपने हाथों में बहुत संभालकर उठाया।उनकी उंगलियाँ उस घड़ी पर ऐसे फिर रही थीं, ...
सगाई की तारीख तय हो चुकी थी।यह सिर्फ़ एक तारीख नहीं थी... यह उन दो दिलों के वर्षों पुराने ...
सुबह आज सच में अलग थी।घर वही था, दीवारें वही थीं, लेकिन माहौल में एक अजीब-सी हलचल थी—जैसे हर ...
बहुत देर रात तक रुशाली की आँखों में नींद नहीं आई।कमरे की लाइट बंद थी, खिड़की से हल्की-सी चाँदनी ...
सुबह की हल्की धूप खिड़की से कमरे में उतर रही थी। कमरे में सन्नाटा था, लेकिन मयूर सर के ...
अगली सुबह…सुबह की हल्की धूप खिड़की से होकर कमरे में उतर रही थी।मयूर सरदेर तक जागते रहे थे रात ...
शादी को दो दिन बीत चुके थे…लेकिन मयूर सर के मन में जैसे कोई बात ठहरी हुई थी…एक ऐसी ...
शादी का venue रोशनी से जगमगा रहा था।चारों तरफ झालरों की चमक, फूलों की खुशबू, और शहनाई की धीमी-सी ...
रुशाली बिना कुछ कहे वहाँ से चली गई।मयूर सर कुछ पल तक उसी जगह खड़े रहे। उन्हें समझ नहीं ...