अध्याय 5: स्याही का काला सच आर्यन की सांसें धौंकनी की तरह चल रही थीं। 'स्याही' गाँव का वह ...
अध्याय 4: रूहानी भूल-भुलैया तहखाने की उस ठंडी और घुटन भरी हवा में आर्यन का दम घुटने लगा था। ...
अध्याय 3: तहखाने का राज़ और श्रापित डायरी आर्यन की सांसें फूल रही थीं। हॉल का दरवाजा किसी ने ...
अध्याय 2: हवेली की दीवारों के राज़आर्यन ने हवेली के भारी-भरकम लोहे के दरवाज़े को धक्का दिया। दरवाज़ा एक ...
अध्याय 1: स्याही का निमंत्रण मुंबई की चकाचौंध भरी रोशनियों के बीच, आर्यन का मन कहीं और ही भटक ...