फिल्म आलोचना :_तेरे इश्क में लड़की की बेवफाई से बर्बाद होते युवक ------------------------------------------- लड़कियां सपने राजकुमार के देखती ...
आलोचना : एक जासूसी लेखक की मुकम्मल जिंदगी की दास्तान : आत्मकथा: पानी केरा बुदबुदा __________________________आत्मकथाएं कुछ बुरी होती ...
फिल्म समीक्षा :_ गुमराह जिंदगी,एक सलीका,सुर, लय है जीने की -------------------------------------------- "चलो एक बार फिर से अजनबी ...
संदीप अवस्थी कई बार लगता है कि धर्म को हम चलाते हैं। पर ऐसा है नहीं दरअसल धर्म मजहब ...
________________________ लगता है सब कुछ व्यर्थ है।क्योंकि सभी तरफ झूठ जीत रहा और सच हार रहा। सोशल साइट्स ...
फिल्म आलेख :_ हक के लिए लड़ती अकेली मुस्लिम औरत ------------------------------------------- अकेली औरत ,तीन बच्चों के साथ घर से ...
मॉरिसन : फिल्म नहीं एक यात्रा है विश्वास और भरोसे की --------------------------------------------- बहुत बहुत दिनों बाद ऐसी अद्भुत ...
पुस्तकों की दुनिया मानो स्वर्ग धरा पर हो उतरा ------------------------------------------- वह समाज और संस्कृति स्वस्थ मानी जाती है ...
------------------------------ "अरे यह बिल तो पिछले माह भी पास होने को आया था। तब जो दिक्कतें बताई बताई ...
--------------------------------------------- "यह क्या होता है सिंडिकेट?" सिगरेट के छल्ले उड़ाते,हाथ में महंगा मोबाइल और सामने उतरती भीड़ को कोफ्त ...