अध्याय-२१अमृता के सकारात्मक रवैये, सभी की प्रार्थनाओं और उसके किए गए कर्मों के फलस्वरूप वह अपने घर वापस आ ...
अध्याय-२०रमेशभाई ने भार्गवी और गायत्री दोनों को फोन पर ही अमृता के समाचार दे दिए थे। अमृता के ऑपरेशन ...
अध्याय-१९राजेश औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद सीधा अमृता के पास गया था। अमृता का हाथ पकड़कर बोला, "मुझे तुम्हारा ...
अध्याय-१८भार्गवी अपने ससुर की माला पूरी होने के इंतज़ार में विचारों में डूब गई थी। भार्गवी को अचानक महसूस ...
अध्याय-१७अपूर्व जब अपने कमरे में गया, तब भार्गवी अलमारी में कपड़े व्यवस्थित रख रही थी। वह पीठ फेरकर खड़ी ...
अध्याय-१६विनय अपूर्व के मन की बात जानकर उसे सही सलाह देकर, दोनों अपने-अपने घर जाने के लिए निकल पड़े ...
अध्याय - १५भार्गवी को पलटकर जवाब देकर अपूर्व तो चला गया, लेकिन भार्गवी मन ही मन सोचती हुई खुद ...
अध्याय - १४शोभाबहन अपने पति की आंखों का गुस्सा देखकर पूरी तरह सन्न रह गईं। इतने सालों में रमेशभाई ...
अध्याय - १३अमृता को यह समझने में देर न लगी कि रिपोर्ट अच्छी नहीं आई है, क्योंकि इस तरह ...
अध्याय - १२राजेश और अमृता डॉक्टर के पास पहुँचते तब तक दोनों मन ही मन विचारों में उलझे हुए ...