सुधा की तबीयत अब पहले से काफी बेहतर हो चुकी थी। माँ को स्वस्थ देखकर राजू के चेहरे पर ...
उस मूर्ति के गायब हो जाने के बाद राजू माँ के पास आकर लेट गया। उसकी आँखों में नींद ...
राजू घर आया तो माँ ने खाना परोसा हुआ था। “अच्छा हुआ तू आ गया, चल खाना गरम है। ...
रात के ठीक 2:17 बजे थे। शहर के पुराने सरकारी अस्पताल का मुर्दाघर फिर से उसी ठंडी खामोशी में ...
“राजू… उठ जा बेटा… चल, काम पर नहीं जाना है क्या?” राजू की माँ उसे रोज़ सुबह जल्दी जगा ...
अजय सिक्योरिटी रूम में बैठा था। मॉर्ग के कैमरे की स्क्रीन अचानक झिलमिलाई। फिर… तस्वीर साफ हुई। बॉक्स नंबर ...
रात के ठीक 2:13 बजे थे। शहर के पुराने सरकारी अस्पताल का पिछला हिस्सा — जहाँ शायद ही कोई ...
माया अपनी नाइट शिफ्ट पूरी करके कॉल सेंटर से निकली थी। नाइट शिफ्ट का ड्राइवर कैब के साथ बाहर ...
एक अधूरा सच… सिया। क्या था सिया का ये अधूरा सच? सिया घर से तो निकली थी, लेकिन क्या ...
ज़िंदगी में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घट जाती हैं जो हमारी अक़्ल और समझ से बाहर होती हैं। आप मानें ...