नानी की अंतिम क्रिया होने तक माँ और मैं वहीं रहे। इन दिनों माँ बिल्कुल चुप-चुप सी हो गई ...
“अब खेल शुरू होगा, विवेक... और इस बार तुम्हें बचाने वाला कोई बाबा नहीं होगा।” अक्षय के मुँह से ...
कमरे के अंदर नानी अपनी पुरानी-सी चारपाई पर लेटी हुई थीं। उनकी हालत पहले से भी कहीं ज़्यादा खराब ...
विवेक बगल वाली सीट पर बैठा आँखें फाड़े सब कुछ देख रहा था। उसकी आँखों के सामने जो कुछ ...
ट्रेन अपनी रफ़्तार से आगे बढ़ रही थी। खिड़की के बाहर भागते पेड़, पीछे छूटते स्टेशन और दूर तक ...
यह कहानी जितनी सुलझी हुई दिखाई देती थी, भीतर से उतनी ही उलझी हुई थी। और अब इसी उलझन ...
माँ और मैं रात भर काफी बातें करते रहे। माँ मुझसे नानी और मामा के बारे में पूछती रहीं, ...
बाबा ने गंभीर स्वर में कहा— “हाँ। वही शादी जो सदियों पहले अधूरी रह गई थी।” उन्होंने कुछ पल ...
उन्होंने आगे कहा, "इसके जन्म के समय ही मेरी पत्नी रागिनी की मौत हो गई थी। चिराग का जन्म ...
धूनी में जलती लकड़ियों की चटखने की आवाज़ उस खामोशी को और रहस्यमय बना रही थी। बाहर सुबह की ...