कागज उसके हाथों में काँप रहा था. या शायद काँप तो उसके हाथ रहे थे. क्योंकि पहली बार उसे ...
अध्याय 1: अधूरा सपना एक आलीशान बंगला था, जिसके बाहर महंगे संगमरमर की नेम प्लेट लगी हुई थी। उस ...
घना अंधेरा जंगल. रात का न जाने कौन- सा पहर था. चारों ओर ऐसा सन्नाटा पसरा हुआ था कि ...
मैं एक बार फिर से उसी सिचुएशन में खड़ा था, जहाँ 8 साल पहले था। तब मैंने अपना घर ...
घर आकर मैं कुछ देर कुलदीप सेठ के साथ बैठा रहा। उनके होंठों पर जैसे एक ही बात अटक ...
"शितिज, मुझे संजना ने बताया कि तुम और मीरा एक-दूसरे को पसंद करते हो... और तुम उससे शादी करना ...
तभी दरवाज़े पर हल्की-सी दस्तक हुई और हमारी नज़र उधर उठ गई। एक नौकर हाथों में चाँदी जैसी चमकती ...
संजना ने जो एड्रेस हमें दिया था, वहाँ पहुँचते ही हमारी गाड़ी एक बेहद पॉश और आलीशान सोसाइटी के ...
उस दिन के बाद मैं मीरा से अक्सर मिलने लगा। और हर मुलाकात के साथ एक अजीब सा खिंचाव ...
मेरा दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था। समझ नहीं आ रहा था कि जो कुछ हो रहा था, वो ...