भस्मोपनिषद--यह उपनिषद के क्रम में 96 वें स्थान पर आया है।भस्मोपनिषद् एक लघु शैव उपनिषद् है, जिसमें भस्म (विभूति) ...
रुद्राक्षोषनिषद--यह उपनिषद के क्रम में 97वें स्थान पर आता है,रुद्राक्षोपनिषद् (रुद्राक्षजाबालोपनिषद्) अथर्ववेद से सम्बद्ध एक लघु उपनिषद् है, जिसमें ...
(100) तारसारोपनिषद(100) तारसारोपनिषद-यह उपनिषद के क्रम में 100 वें स्थान पर आता है।सम्बन्ध: शुक्ल यजुर्वेदविषय: तारक-ब्रह्म, नारायण-मन्त्र, प्रणव और ...
--(98)गणपति उपनिषद---यह उपनिषद के क्रम में 98 वेंस्थान पर आता है।गणपति उपनिषद्, जिसे सामान्यतः श्रीगणपत्यथर्वशीर्ष या गणपति अथर्वशीर्ष कहा ...
---- : पञ्चब्रह्मोपनिषद्:---पञ्चब्रह्मोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शैव उपनिषद् है। इसमें भगवान् शिव के पाँच ब्रह्मस्वरूप—सद्योजात, अघोर, वामदेव, तत्पुरुष ...
ऋग्वेद सू्क्ति(55) की व्याख्याशतं इन्नु शरदो अन्ति देवाऋग्वेद --1/89/9भावार्थ--हे ईश्वर ! हम सौ वर्ष जिएँ।ऋग्वेद के इस मंत्र का ...
---- : पञ्चब्रह्मोपनिषद्:---पञ्चब्रह्मोपनिषद् कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शैव उपनिषद् है। इसमें भगवान् शिव के पाँच ब्रह्मस्वरूप—सद्योजात, अघोर, वामदेव, तत्पुरुष ...
---- : गरुड़ोपनिषद:---गरुड़ोपनिषद अथर्ववेद से संबद्ध वैष्णव उपनिषद् के रूप में सूचीबद्ध है। इसका मुख्य विषय विष-निवारण से संबंधित ...
श्रीसौभाग्यलक्ष्म्युपनिषद् —सौभाग्योपनिषद् का प्रचलित पूर्ण नाम सौभाग्यलक्ष्म्युपनिषद् है। यह ऋग्वेदीय शाक्त उपनिषद् है और इसमें श्रीलक्ष्मी-विद्या, योग, समाधि तथा ...
श्रीसरस्वतीरहस्योपनिषद-- सरस्वती रहस्य उपनिषद् को सामान्यतः कृष्ण यजुर्वेद से सम्बद्ध शाक्त उपनिषद् माना जाता है, न कि अथर्ववेद से। ...