यजुर्वेद सूक्ति (9) की व्याख्या"प्र प्र दातारं तारिष"यजुर्वेद --11/83भावार्थ --हे ईश्वर ! अन्न देने वाले की रक्षा करो।पूरा मंत्र ...
यजुर्वेद सूक्ति(8) की व्याख्य"अन्नस्य न: देहि"शुक्ल यजुर्वेद --11/83हे ईश्वर ! हमें उतम अन्न प्रदान करो। पूरा मंत्र अर्थ सहितशुक्ल ...
यजुर्वेद सूक्ति (7) की व्याख्या"वयं राष्ट्रे जागृयाम् पुरोहित:*यजुर्वेद --9/23भावार्थ--हम राष्ट्र की उन्नति और जागरूकता के लिए सदैव तत्पर रहें।जिस ...
यजुर्वेद सूक्ति (6) की व्याख्या"मा अघशंसः°यजुर्वेद-- 1/1हे ईश्वर! दुष्ट मेरा अहगत न करें। पूरा मंत्र अर्थ सहितआपके द्वारा उद्धृत ...
यजुर्वेद सूक्ति (5) की व्याख्या"इषे त्वा ऊर्जे त्वा"यजुर्वेद --1/1भावार्थ =-जीवन समृद्ध और शक्तिशाली बने। इसका पूरा मंत्र अर्थ सहितयजुर्वेद ...
यजुर्वेद सूक्ति (3) की व्याख्यापरिमाग्ने दुश्चरिताद बयजुर्वेद--4/28भावार्थ--हे ईश्वर!आप ह#में दुष्ट आचरण से बचाएँ।इसका पूरा मंत्र अर्थ सहितयजुर्वेद (शुक्ल यजुर्वेद) ...
यजुर्वेद सूक्ति (4) की व्याख्यामा भेर्मा संविक्था अऊर्ज धतस्व"यजुर्वेद --6/35 भावार्थ --मत डर। मत घबरा। धैर्य धारण कर। इसका ...
यजुर्वेद सूक्ति (3) की व्याख्यापरिमाग्ने दुश्चरिताद बाधस्व"यजुर्वेद--4/28भावार्थ--हे ईश्वर!आप हमें दुष्ट आचरण से बचाएँ।इसका पूरा मंत्र अर्थ सहितयजुर्वेद (शुक्ल यजुर्वेद) ...
यजुर्वेद सूक्ति (2) की व्याख्या"तनूपा अग्निःपातु दुरितादलद्यात"यजुर्वेद--4/15ईश्वर हमें यह मंत्र यजुर्वेद 4.15 का अंश है। इसका भाव अत्यंत प्रेरणादायक ...
यजुर्वेद सूक्ति~(1) की व्याख्या"त्रयम्बकं यजामहे"त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टि वर्धनम्"यजुर्वेद --3/60भावार्थ --हम तीन नेत्रों वाले भगवान् शिव की उपासना करते ...