शीर्षक: “वह पर्स”कभी-कभी रास्ते में पड़ी चीज़ सिर्फ सामान नहीं होती… किसी की पूरी उम्मीद होती है।--- प्रस्तावनाहम अक्सर ...
एक बूँद ज़िंदगीजब रास्ता खत्म हो जाए, तब इंसानियत रास्ता बनाती है।--- प्रस्तावनाहम अक्सर पानी को बहुत छोटी चीज ...
चमक के पीछेदौलत, विश्वास और इंसानियत की एक भावुक कहानी--- प्रस्तावनाहर इंसान जिंदगी में आगे बढ़ना चाहता है।कोई छोटा ...
भूख का फैसलाकभी-कभी कटघरे में खड़ा इंसान दोषी नहीं होता… हमारी संवेदनहीनता होती है।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकायह कहानी ...
एक क्लिककभी-कभी एक छोटी-सी मदद… किसी की पूरी जिंदगी बदल देती है।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकाहम जिस दौर में ...
श्याम का हिसाबजहाँ इंसान का हिसाब खत्म होता है… वहाँ श्याम की कृपा शुरू होती है।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- ...
“दो निवाले सम्मान के” उपशीर्षककभी-कभी भूख भोजन से नहीं, इंसानियत से मिटती है।--- भूमिकाहम अक्सर घर में भोजन बनाते ...
आख़िरी दस्तकएक ऐसा दरवाज़ा… जिसे रात के बाद कभी नहीं खोलना था।️ लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- भूमिकारात के सन्नाटे में ...
आख़िरी दरवाज़ा (एक मनोवैज्ञानिक सस्पेंस / थ्रिलर कहानी)️ लेखकKantibhai Rathod Badamiya--- दोस्तों पढ़ना शुरू करने से पहले...यदि आप यह ...
किस्मत का एक पन्नाकुछ दर्द ऐसे होते हैं, जिन्हें शब्द नहीं… सिर्फ आँसू समझते हैं।लेखककान्तिभाई राठौड़ 'बदामिया'--- प्रस्तावनाशायद नियति ...