चैप्टर 5 — अपहरणकैफ़े के बाहर शाम उतरने लगी थी।कांच की दीवारों पर हल्की नारंगी रोशनी पड़ रही थी ...
(अगली पीढी की भविष्यवाणी: स्वर्ण- विधि)विवाह के पश्चात, जब पक्षीलोक में शांति स्थिर हो चुकी थी, तब रानी रत्नावली ...
मल्होत्रा हाउस में आज अजीब सी खामोशी थी।बाहर सब सामान्य दिख रहा था —सिक्योरिटी दोगुनी कर दी गई थी…सीसीटीवी ...
आज मेडिकल कॉलेज की छुट्टी थी।सुबह से ही सावी को अजीब सा सुकून महसूस हो रहा था। कई दिनों ...
बहुत बढ़िया अब कहानी और गहरी होगी — इमोशन + फैमिली ड्रामा + हॉरर शैडो…और जैसा आपने कहा — ...
प्यार का इज़हार....मीडिया की हलचल थम चुकी थी, केस फाइलें बंद हो रही थीं और शहर धीरे- धीरे अपनी ...
चैप्टर 3 — शिकायतक्लासरूम में सन्नाटा ठहरा हुआ था।रेयांश दरवाज़े पर खड़ा था। उसकी निगाहें सीधी सावी पर टिकी ...
मुंबई की चमकती ऊँची इमारतों में से एक — “नव्या ग्लोबल कॉर्प” का हेडक्वार्टर।शीशे की दीवारों से ढका वो ...
अगले दस सेकंड में सब कुछ बदल गया. चीखें, भागदौड, गोलियों की आवाज.कबीर अंदर घुसा. उसने सब तरफ तारा ...
चैप्टर 2 — बेचैनीबारिश रात तक चलती रही।सावी के कमरे की खिड़की आधी खुली थी। पर्दे हवा के साथ ...