शाम का गहरा मगर सुहाना वक्त था। सत्तर वर्ष की मीरा देवी ड्राइंग रूम के आरामदेह सोफे पर बैठीं ...
कॉलेज रियूनियन की पार्टी अपने पूरे शबाब पर थी। पुरानी यादों की महक के बीच घुलने सब आये थे...वाणी ...