Mystic Quill stories download free PDF

तेरी मेरी खामोशियां। - 16

by Mystic Quill
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रात गहराने के साथ ही सुल्तान मेंशन की बत्तियाँ एक-एक कर बुझने लगी थीं। मगर अमन और नायरा के ...

तेरी मेरी खामोशियां। - 15

by Mystic Quill
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सुबह की ताज़ा धूप जब सुल्तान मेंशन के आँगन में उतरी, तो घर में चहल-पहल शुरू हो चुकी थी। ...

तेरी मेरी खामोशियां। - 14

by Mystic Quill
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हॉल के उस तनावपूर्ण माहौल के बाद रात धीरे-धीरे सुल्तान मेंशन पर हावी हो रही थी। दरगाह की थकान ...

तू ही मेरी आशिकी - 11

by Mystic Quill
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रात का वक्त था।स्टूडियो की सारी रिकॉर्डिंग्स खत्म हो चुकी थीं।मारिया अपना सामान समेट रही थी कि तभी सामने ...

तू ही मेरी आशिकी - 10

by Mystic Quill
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अगली शाम...मारिया स्टूडियो से जल्दी निकल गई थी।उसका मन अब मीर से दूर भागना चाहता था,मगर दिल... दिल बार-बार ...

तेरी मेरी खामोशियां। - 13

by Mystic Quill
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सुल्तान मेंशन – नीचे हॉल में सब नाश्ते में मशगूल थे।अमन तेज़ क़दमों से सीढ़ियाँ उतरता हुआ नीचे आया। ...

तू ही मेरी आशिकी - 9

by Mystic Quill
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स्टूडियो की बड़ी शीशेदार खिड़कियों से छनती हल्की रोशनी, दीवारों पर टंगे गोल्डन रिकॉर्ड्स, और दीवार के उस पार ...

तू ही मेरी आशिकी - 8

by Mystic Quill
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अगली सुबह...कमरे की खिड़की से धूप की महीन लकीरें फर्श पर गिर रही थीं।चिड़ियों की आवाजें हल्के से कमरे ...

तेरी मेरी खामोशियां। - 12

by Mystic Quill
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सानिया के जाने के बाद, कमरे में फिर से वही ख़ामोशी लौट आई थी…लेकिन इस बार वो ख़ामोशी डर ...

तू ही मेरी आशिकी - 7

by Mystic Quill
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तीन दिन बाद...मारिया उस दिन छोटे के साथ नानी के कहने पर पास के बाजार गई थी।छोटे को नए ...