“हर जीव के भीतर साक्षात नारायण का वास है, इसलिए किसी भी प्राणी को छोटा या अछूत समझना ईश्वर ...
परम पूज्य दादा भगवान कहते हैं कि, अहिंसा का पालन करने के लिए स्वाद की इन्द्रिय, यानी जीभ पर ...
“वैष्णव जन तो तेने कहिए जे पीर पराई जाणे रे।पर दुःखे उपकार करे तोये मन अभिमान न आणे रे।।”गहरे ...
अध्याय 16जीवन में उद्देश्य (Purpose) कैसे खोजेंजीवन में उद्देश्य या पर्पस (Purpose) होने से व्यक्ति संतुष्ट, केंद्रित और खुशहाल ...
अध्याय 10स्ट्रेस-फ्री हैप्पी लाइफ का मुख्य रहस्यतनावमुक्त और खुशहाल जीवन किसी बड़ी उपलब्धि या दौलत से नहीं मिलता। यह ...
“प्यार और विनम्रता ही जीवन के सच्चे आभूषण हैं, बाकी सब केवल बाहरी दिखावा है।”यह विचार आज के इस ...
“क्रोधाद्भवति संमोहः संमोहात्स्मृतिविभ्रमः।स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति।।” –(श्रीमद्भगवद गीता - अध्याय 2, श्लोक 63)अक्सर लोग क्रोध को केवल एक क्षणिक भावना ...
“विद्येविना मती गेली, मतीविना नीती गेली।नीतीविना गती गेली, गतीविना वित्त गेले।वित्ताविना शूद्र खचले, इतके अनर्थ एका अविद्याने केले।।”ज्योतिबा फुले ...
अध्याय 5स्ट्रेस कम करने के आसान तरीकेआज की व्यस्त जीवनशैली में तनाव (Stress) होना सामान्य बात है। लेकिन कुछ ...
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम के बोझ, पैसों की चिंता, रिश्तों की उलझनों और हर समय फोन-इंटरनेट ...