Rishav raj stories download free PDF

प्यार की परीभाषा - 11

by Rishav raj

मंदिर से लौटते वक्त गाड़ी में अजीब सी खामोशी थी न कोई हंसी न कोई हल्की-फुल्की बात रवीना खिड़की ...

Ghost hunters - 22

by Rishav raj
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अंधेरा अब सिर्फ बाहर नहीं था वो हर साँस के साथ भीतर उतर रहा था।हवा भारी थी, जमीन ठंडी ...

प्यार की परीभाषा - 10

by Rishav raj
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शादी का दिन सुबह का समय था मंदिर के आँगन में हल्की धूप उतर रही थी हवा में अगरबत्ती ...

Ghost hunters - 21

by Rishav raj
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अचानक शांति टूट गई पेड़ के भीतर से एक भयंकर धमाका हुआ और जमीन ऐसे हिली जैसे नीचे कुछ ...

Ghost hunters - 20

by Rishav raj
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पेड़ की दरार एक झटके में पूरी तरह फट गई और उसके भीतर कैद वह विकृत आकृति भारी आवाज ...

प्यार की परीभाषा - 9

by Rishav raj
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अगली सुबह घर में हमेशा की तरह जल्दी हलचल शुरू हो गई रसोई से तवे पर सिकती रोटियों की ...

प्यार की परीभाषा - 8

by Rishav raj
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तुषार अपने कमरे में खड़ा था। हाथ में प्रेस थी, लेकिन उसका ध्यान कपड़ों पर नहीं, कहीं और भटक ...

Ghost hunters - 19

by Rishav raj
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हवा में अब स्थिरता नहीं थी वो काँप रही थी जैसे दो अदृश्य ताकतें एक-दूसरे को धकेल रही हों ...

प्यार की परीभाषा - 7

by Rishav raj
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ज्वेलरी शॉप से बाहर निकलते-निकलते शाम ढलने लगी थी। दिन भर की भागदौड़ के बाद दोनों परिवारों के चेहरों ...

Ghost hunters - 18

by Rishav raj
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दोपहर की रोशनी धीरे-धीरे ढल रही थी, लेकिन पेड़ के आसपास समय जैसे ठहर गया था मंडल पूरा हो ...