वह काबिल-ए-तारीफ है। लेकिन सबसे अच्छी बात जानते हो क्या है? इतनी शोहरत के बाद भी वह बहुत ही ...
फोन कटने के बाद श्मशान घाट पर सन्नाटा इतना गहरा था कि किसी के सांस लेने की आवाज भी ...
तहखाने की गूंज और रूपमती का बदला रूपदेवपुर के उस अंधेरे, सीलन भरे और सील किए गए गुप्त तहखाने ...
लंच ब्रेक: खामोशी के पीछे का शोरलंच की घंटी बजते ही पूरी क्लास में एक अजीब सी हलचल मच ...
उधर हजारों फीट की ऊंचाई पर आसमान को चीरता हुआ देवपुर के शाही परिवार का लग्जरी 'प्राइवेट जेट' भारत ...
चट्टोपाध्याय और अब्दुल कासिम का गुस्सा सातवें आसमान पर था।वे लगातार चिल्लाते हुए कमिश्नर भाटी, अंकुर और पंखुड़ी की ...
माँ: "चलो बेटा, हमारे साथ चलो। अब यहाँ रुकने का मतलब सिर्फ अपनी और बेइज़्ज़ती करवाना है।हमारी दिल्ली की ...
प्रोफेसर ने नजरें झुका लीं और ब्लैकबोर्ड पर लिखने का बहाना करने लगे।क्लासरूम में दहशत का सायाप्रोफेसर ब्लैकबोर्ड की ...
मानसिंह की घबराहट और अनिष्ट की आशंकाताले पर रज्जू का खून बिखरा पड़ा था।उसकी आँखें बाहर लटक रही थीं ...
पंखुड़ी: "अंकुर, अगर सर यहां होते तो वह कम से कम पुलिस फोर्स की कमान संभाल रहे होते। यहाँ ...