RAAHULL SHARMA stories download free PDF

कालू की पहाड़ी - 16

by RAAHULL SHARMA

कालू की आवाज़ किसी फटे हुए नगाड़े की तरह गूँजी। उसका क्रोध अब सातवें आसमान पर था। उसकी काली ...

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 12

by RAAHULL SHARMA
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पंडित विश्वनाथ की बातें सुनकर पूरी सभा में सन्नाटा तो खिंच गया, लेकिन वहां खड़े कुछ बड़े मंत्री और ...

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 10

by RAAHULL SHARMA
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जब वे वहाँ पहुँचे, तो नज़ारा दहला देने वाला था। दिग्विजय की पुलिस सुरक्षा, यज्ञेश के हथियारबंद लोग और ...

रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 10

by RAAHULL SHARMA
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रसोई का रहस्यकमरे में सन्नाटा इतना गहरा था कि रोशनी को अपनी ही धड़कनें किसी नगाड़े की तरह सुनाई ...

अमावस्या की काली रात एक खोफ या श्राप - 11

by RAAHULL SHARMA
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हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी: मानव के पितादूसरी कार से मानव के पिता उतरे। रायपुर के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर ...

अवनि एक अटूट विश्वास - 10

by RAAHULL SHARMA
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आर्यमन ने देखा कि अवनि उससे दूर सिमट रही है। वह समझ गया कि उसके पिछले किए की परछाईं ...

कालू की पहाड़ी - 15

by RAAHULL SHARMA
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कार्तिक उस मलबे से किसी तरह बाहर निकला, उसके शरीर पर जख्म थे, लेकिन उसका संकल्प हिमालय जैसा अडिग ...

1926 की अमावस की वो खौफनाक रात - 11

by RAAHULL SHARMA
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यही कारण था महारानी, कि वह भोली-भाली लड़की अपने राजधर्म और तुम्हारे प्रति अपने कर्तव्य को निभाने के लिए,तुम्हें ...

प्रतिशोध द घोस्ट ऑफ कोलकाता - 9

by RAAHULL SHARMA
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न्यूज किंग' का वह आलीशान दफ्तर, जो कभी सत्ता का केंद्र था, आज एक कुरुक्षेत्र बन चुका था।भीड़ का ...

रोशनी जिंदगी की कैसी कशमकश - 9

by RAAHULL SHARMA
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हवेली की दीवारों के पीछे छिपा सन्नाटा अब और भी गहरा और डरावना हो गया था। जब मुन्ना मामा ...