दो शब्द।बहुत सोचने के बाद भी मुझे कुछ नहीं सुझा इसलिए यह कविता लिख रहा हूँऔर फिर…. प्रेम परिणय ...
जब मैंने आँखें बंद की तब उस स्वर्णिम वेला का मनोरम दृश्य मेरे सामने चलचित्र की भांती प्रकट हुआ। ...